सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय
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राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम

प्रविष्टि तिथि: 04 FEB 2026 7:07PM by PIB Delhi

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने देश में सड़क सुरक्षा की सर्वोत्तम प्रथाओं को लाने और शिक्षा, उद्योग और सरकार के बीच सहयोग के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मद्रास में सड़क सुरक्षा उत्कृष्टता केंद्र (सीओईआरएस) की स्थापना की है। सभी राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) कार्य भारतीय सड़क कांग्रेस (आईआरसी) के मानकों, दिशानिर्देशों, नियमों, कार्यप्रणाली संहिता के साथ-साथ सड़क और पुल कार्यों के निर्देशों के अनुसार किए जाते हैं जो अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं और दिशानिर्देशों के आधार पर तैयार किए जाते हैं।

इसका उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा में सुधार और दुर्घटनाओं को कम करने के लिए उन्नत यातायात प्रबंधन प्रणाली (एटीएमएस) की तैनाती करना है, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक निगरानी, प्रवर्तन, घटनाओं का शीघ्र पता लगाने और वास्तविक समय में त्वरित प्रतिक्रिया के लिए एआई-आधारित वीडियो घटना पहचान और प्रवर्तन प्रणाली (वीआईडीईएस), स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (एएनपीआर) कैमरे, पीटीजेड कैमरे और निगरानी कैमरे शामिल हैं; साथ ही वाहनों को सुरक्षित बनाने के लिए अलग-अलग पहल की जा रही हैं, जिनमें मध्यम और भारी वाहनों के लिए सक्रिय सुरक्षा सुविधाओं के नियमों का प्रकाशन शामिल है, जो एंटी-लॉक ब्रेकिंग (एबीएस) सहित ब्रेकिंग सिस्टम और एम2, एम3, एन1, एन2, एन3 श्रेणियों व क्वाड्रीसाइकिल के लिए एंड्योरेंस ब्रेकिंग सिस्टम (नए मॉडल के लिए 1 जनवरी, 2027 और मौजूदा मॉडल के लिए 1 अक्टूबर, 2027 से प्रभावी) का प्रावधान करते हैं, साथ ही एम2, एम3, एन2 और एन3 श्रेणी के वाहनों के लिए उन्नत ड्राइवर सहायता प्रणाली (एडीएएस) के अंतर्गत वाहन स्थिरता कार्य, लेन प्रस्थान चेतावनी प्रणाली (एलडीडब्ल्यूएस), ड्राइवर की सुस्ती और ध्यान चेतावनी प्रणाली, ब्लाइंड स्पॉट सूचना प्रणाली और मूविंग ऑफ सूचना प्रणाली (नए मॉडल के लिए 1 अक्टूबर, 2027 और मौजूदा मॉडल के लिए 1 जनवरी, 2028 से प्रभावी) अनिवार्य हैं।

सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर उच्च मृत्यु दर वाले गलियारों की पहचान की है और दुर्घटनाओं को कम करने के लिए साइट की आवश्यकताओं के आधार पर विभिन्न उपचारात्मक उपाय किए गए हैं। सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए सड़क सुरक्षा प्रचार-प्रसार कार्यक्रम चलाए जाते हैं। सड़क सुरक्षा के बारे में जागरूकता फैलाने और इसे सुदृढ़ करने के लिए हर साल राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह मनाया जाता है। इस महीने के दौरान सार्वजनिक जागरूकता अभियान, पर्चे बाँटने  और हेलमेट वितरण जैसी गतिविधियाँ आयोजित की गई हैं, ताकि सड़क दुर्घटनाओं और मृत्यु दर को कम किया जा सके।

यह जानकारी केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री श्री नितिन जयराम गडकरी ने आज राज्यसभा में लिखित उत्तर में दी।

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पीके/केसी/एसके


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