विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय
संसद प्रश्न: इंस्पायर फेलोशिप
प्रविष्टि तिथि:
04 FEB 2026 4:47PM by PIB Delhi
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग इंस्पायर योजना के अंतर्गत डॉक्टोरल डिग्री कार्यक्रमों के लिए इंस्पायर (आईएनएसपीआईआरई) फेलोशिप योजना तथा पोस्ट-डॉक्टोरल अनुसंधान के लिए इंस्पायर फैकल्टी फेलोशिप योजना का कार्यान्वयन कर रहा है। वर्तमान वित्तीय वर्ष के दौरान, 3,143 इंस्पायर फेलोज़ तथा 458 इंस्पायर फैकल्टी फेलोज़ के लिए, 31.03.2026 तक की संपूर्ण वित्तीय अवधि को कवर करते हुए, हाइब्रिड टीएसए मॉडल-1A के माध्यम से उनके संबंधित मेज़बान संस्थानों को अनुदान जारी किए गए हैं।
निधि प्रवाह तंत्र को 16 जनवरी 2025 से सीएनए मॉडल-2 से बदलकर हाइब्रिड टीएसए मॉडल-1A कर दिया गया है। नए तंत्र में परिवर्तन के लिए संबंधित मेजबान संस्थानों को हाइब्रिड टीएसए मॉडल-1ए के तहत ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया पूरी करनी आवश्यक थी, जिसमें काफी समय लगा। इसके अलावा, फेलोशिप अनुदान का वितरण संस्थानों की सफल ऑनबोर्डिंग और संबंधित संस्थानों/इंस्पायर फेलोज़/इंस्पायर फैकल्टी फेलोज़ द्वारा अनिवार्य दस्तावेजों, अर्थात् उपयोगिता प्रमाण पत्र, व्यय विवरण और वार्षिक प्रगति के रिपोर्टों के प्रस्तुतीकरण पर निर्भर है। ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया पूरी होने और आवश्यक दस्तावेजों की प्राप्ति के बाद, फेलोशिप अनुदान जारी किए गए।
इंस्पायर और इंस्पायर फैकल्टी फेलोशिप कार्यक्रमों में वर्तमान में शामिल विद्वानों की राज्यवार संख्या नीचे दी गई है:
|
राज्य/केंद्र शासित प्रदेश
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इंस्पायर फेलोज़ की संख्या
|
इंस्पायर फैकल्टी फेलोज़ की संख्या
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आंध्र प्रदेश
|
56
|
11
|
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अरुणाचल प्रदेश
|
9
|
0
|
|
असम
|
141
|
13
|
|
बिहार
|
22
|
3
|
|
चंडीगढ़
|
71
|
1
|
|
छत्तीसगढ
|
43
|
2
|
|
दिल्ली
|
212
|
34
|
|
गोवा
|
41
|
6
|
|
गुजरात
|
99
|
9
|
|
हरयाणा
|
36
|
7
|
|
हिमाचल प्रदेश
|
45
|
7
|
|
जम्मू और कश्मीर
|
93
|
13
|
|
झारखंड
|
23
|
9
|
|
कर्नाटक
|
208
|
72
|
|
केरल
|
172
|
22
|
|
मध्य प्रदेश
|
132
|
11
|
|
महाराष्ट्र
|
169
|
33
|
|
मणिपुर
|
15
|
3
|
|
मेघालय
|
13
|
2
|
|
राज्य/केंद्र शासित प्रदेश
|
इंस्पायर फेलोज़ की संख्या
|
इंस्पायर फैकल्टी फेलोज़ की संख्या
|
|
मिजोरम
|
18
|
0
|
|
नगालैंड
|
4
|
0
|
|
ओडिशा
|
125
|
18
|
|
पुदुचेरी
|
6
|
1
|
|
पंजाब
|
119
|
18
|
|
राजस्थान
|
64
|
17
|
|
सिक्किम
|
10
|
1
|
|
तमिलनाडु
|
247
|
23
|
|
तेलंगाना
|
226
|
27
|
|
त्रिपुरा
|
15
|
0
|
|
उत्तर प्रदेश
|
249
|
32
|
|
उत्तराखंड
|
79
|
7
|
|
पश्चिम बंगाल
|
381
|
56
|
|
कुल
|
3143
|
458
|
सरकार ने भविष्य में समय पर और नियमित रूप से फैलोशिप का वितरण सुनिश्चित करने के लिए कई उपाय किए हैं। हाइब्रिड टीएसए मॉडल-1ए के तहत शामिल होने की पूरी प्रक्रिया मेजबान संस्थानों द्वारा सुचारू कार्यान्वयन को सुविधाजनक बनाने के लिए इंस्पायर वेब पोर्टल पर उपलब्ध करा दी गई है। फैलोशिप योजनाओं के लिए पर्याप्त बजटीय प्रावधान किए गए हैं। इसके अलावा, मेजबान संस्थानों, इंस्पायर फेलोज़ और इंस्पायर फैकल्टी फेलोज़ को अगले वित्तीय वर्ष की शुरुआत में आवश्यक दस्तावेज, जैसे कि उपयोगिता प्रमाण पत्र, व्यय विवरण और वार्षिक प्रगति रिपोर्ट, जमा करने का निर्देश दिया गया है। इन उपायों का उद्देश्य फैलोशिप छात्रवृत्ति का समय पर और नियमित वितरण सुनिश्चित करना है।
यह जानकारी केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह द्वारा 4 फरवरी 2026 को लोकसभा में प्रस्तुत की गई थी।
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पीके/केसी/जीके
(रिलीज़ आईडी: 2223668)
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