विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय
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संसद में प्रश्न: सार्वजनिक अनुसंधान निधि में गिरावट

प्रविष्टि तिथि: 05 FEB 2026 3:25PM by PIB Delhi

विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) की रिपोर्ट "अनुसंधान एवं विकास सांख्यिकी 2022-23" के अनुसार, देश में सार्वजनिक व्यय में वृद्धि का रुझान देखा गया है। सार्वजनिक और निजी दोनों प्रकार के अनुसंधान और विकास व्यय को मिलाकर सकल अनुसंधान और विकास व्यय (जीईआरडी) में वर्षों से लगातार वृद्धि हो रही है। यह 2010-11 में 60,197 करोड़ रुपये से बढ़कर दोगुने से भी अधिक 2020-21 में 1,27,381 करोड़ रुपये हो गया है।

सरकार ने वैज्ञानिक विभागों के लिए बजट आवंटन में लगातार वृद्धि की है। छह प्रमुख वैज्ञानिक एजेंसियों/विभागों और कुछ उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए बजटीय आवंटन (बजट अनुमान) अनुलग्नक में दिया गया है।

अनुसंधान और विकास में व्यवस्थित, निरंतर और बढ़ी हुई सार्वजनिक व्यय ने देश में अनुसंधान क्षमता, मानव संसाधन विकास और अत्याधुनिक अनुसंधान अवसंरचना को महत्वपूर्ण रूप से मजबूत किया है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी अवसंरचना सुधार निधि (एफआईएसटी) कार्यक्रम के अंतर्गत 3,285 शैक्षणिक विभागों और विश्वविद्यालय अनुसंधान एवं वैज्ञानिक उत्कृष्टता संवर्धन (पर्से) योजना के अंतर्गत 91 विश्वविद्यालयों को सहायता प्रदान की है। इसके अतिरिक्त अत्याधुनिक विश्लेषणात्मक उपकरण सुविधाओं (एसएआईएफ) के माध्यम से 15 विश्लेषणात्मक सुविधाएं स्थापित की गई हैं और अत्याधुनिक विश्लेषणात्मक और तकनीकी सहायता संस्थानों (सथी) केंद्रों के माध्यम से 5 राष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं स्थापित की गई हैं। जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) ने शिक्षा और अनुसंधान के लिए विश्वविद्यालय अंतःविषयक जीवन विज्ञान विभागों को बढ़ावा देने (डीबीटी-बिल्डर) कार्यक्रम के अंतर्गत 45 विश्वविद्यालयों और संस्थानों को सहायता प्रदान की है। इससे 2,500 संकाय सदस्यों और 15,000 स्नातकोत्तर छात्रों को लाभ हुआ है। सरकार ने इनोवेशन इन साइंस पर्स्यूट फॉर इंस्पायर्ड रिसर्च (इंस्पायर), इंस्पायर फैकल्टी, वाइज-पीएचडी, वाइज-पीडीएफ,प्रधानमंत्री अर्ली करियर रिसर्च ग्रांट और एनपीडीएफ जैसी फैलोशिप के माध्यम से अनुसंधान इकोसिस्टम को मजबूत किया है। इन निरंतर निवेशों के परिणामस्वरूप वैश्विक प्रदर्शन में सुधार हुआ है। इससे भारत ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स 2025 में 38 वें स्थान पर, पेटेंट दाखिल करने में विश्व स्तर पर छठे स्थान पर (विश्व बौद्धिक संपदा संगठन रिपोर्ट 2024), अनुसंधान प्रकाशनों में विश्व स्तर पर तीसरे स्थान पर (विज्ञान और इंजीनियरिंग संकेतक 2024, राष्ट्रीय विज्ञान फाउंडेशन) है। भारत विश्व स्तर पर तीसरे सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम के रूप में उभरा है, साथ ही नेटवर्क रेडीनेस इंडेक्स में इसकी रैंकिंग 79 वें (2019) से बढ़कर 49 वें (2024) स्थान पर पहुंच गई है।

देश के समग्र अनुसंधान और विकास इकोसिस्टम को मजबूत करने के उद्देश्य से सरकार ने अनुसंधान और विकास में निजी क्षेत्र की भागीदारी, सार्वजनिक-निजी भागीदारी और उद्योग-अकादमिक सहयोग को प्रोत्साहित करने के लिए कई कदम उठाए हैं। सरकार द्वारा उठाए गए कुछ प्रमुख उपायों में शामिल हैं: 1 लाख करोड़ रुपये के अनुसंधान, विकास और नवाचार (आरडीआई) कोष का शुभारंभ; अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (एएनआरएफ) की स्थापना; राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (एनक्यूएम); अंतःविषयक साइबर-भौतिक प्रणाली पर राष्ट्रीय मिशन (एनएम-आईसीपीएस); राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन; आदि। इसके अतिरिक्त, शैक्षणिक और अनुसंधान संस्थानों में विज्ञान और प्रौद्योगिकी आधारित नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए कई कार्यक्रम लागू किए गए हैं, जैसे राष्ट्रीय नवाचार विकास और दोहन पहल (एनआईडीएचआई), जैव प्रौद्योगिकी उद्योग अनुसंधान सहायता परिषद (बीआईआरएसी) कार्यक्रम, रक्षा उत्कृष्टता के लिए नवाचार (आईडीईएक्स), प्रौद्योगिकी विकास कोष (टीडीएफ), और प्रौद्योगिकी संवर्धन और उद्यमी विकास (टीआईडीई 2.0)

 अनुलग्नक

छह प्रमुख वैज्ञानिक विभागों/एजेंसियों के लिए बजट आवंटन

  (करोड़ रुपये में)

 

 

विभाग

2023-24

2024-25

2025-26

विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग

7931.05

8029.01

28508.90

वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान विभाग/ वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद

5746.51

6323.41

6657.78

जैव प्रौद्योगिकी विभाग

2683.86

2275.70

3446.64

अंतरिक्ष विभाग

12543.91

13042.75

13416.20

परमाणु ऊर्जा विभाग (अनुसंधान और विकास क्षेत्र)

7618.13

8846.29

9627.94

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय

3319.88

3064.80

3649.81

कुल

39843.34

41581.96

65307.27

 

स्रोत: केंद्र सरकार की अनुदान मांगों, व्यय बजट, भारत सरकार (विभिन्न वर्षों)

वैज्ञानिक अनुसंधान में संलग्न कुछ उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए बजट आवंटन

 

(करोड़ रुपये में)

 

उच्च शिक्षा संस्थान का नाम

2023-24

2024-25

2025-26

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान

9361.50

10202.50

11349.00

भारतीय प्रबंधन संस्थान

300.00

212.21

251.89

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान

4820.60

5040.00

5687.47

भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान को सहायता

1462.00

1540.00

1353.33

भारतीय विज्ञान संस्थान

815.40

875.77

856.50

भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (इलाहाबाद, ग्वालियर, जबलपुर और कांचीपुरम) को सहायता

290.00

315.91

407.00

 

स्रोत: केंद्र सरकार की अनुदान मांगों, व्यय बजट, भारत सरकार (विभिन्न वर्षों)

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पीके/केसी/एसके


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