पर्यटन मंत्रालय
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प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान

प्रविष्टि तिथि: 05 FEB 2026 3:38PM by PIB Delhi

पर्यटन मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान आदिवासी क्षेत्रों में होमस्टे के विकास के लिए प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान (पीएम-जेयूजीए) के अंतर्गत स्वदेश दर्शन की एक उप-योजना के तौर पर 'आदिवासी क्षेत्रों में होमस्टे का विकास' शुरू किया है।

 

इस योजना का उद्देश्य आदिवासी क्षेत्रों की पर्यटन क्षमता का पूर्ण इस्तेमाल करने और आदिवासी समुदायों को वैकल्पिक आजीविका प्रदान करने के लिए होमस्टे का विकास करना है। इसके अंतर्गत ग्राम समुदाय की जरूरतों के लिए 5 लाख रुपये तक, प्रत्येक परिवार के लिए दो नए कमरों के निर्माण के लिए 5 लाख रुपये तक और प्रत्येक परिवार के मौजूदा कमरों के नवीनीकरण के लिए 3 लाख रुपये तक की वित्तीय मदद प्रदान की जाएगी।

 

इस योजना का उद्देश्य पर्यटकों और स्थानीय समुदायों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को आसान बनाकर देश भर के आदिवासी गांवों में समुदाय-आधारित और जिम्मेदार पर्यटन को प्रोत्साहन देना है। इससे आगंतुकों को वास्तविक आदिवासी ग्रामीण अनुभव प्राप्त होगा और साथ ही स्थानीय आबादी को सामाजिक-आर्थिक लाभ भी मिलेगा।

 

इसमें क्षमता निर्माण संबंधी हस्तक्षेप भी शामिल हैं, जिनमें स्थानीय समुदायों का कौशल विकास, संपोषित और जिम्मेदार पर्यटन प्रथाओं को प्रोत्साहन देना और आदिवासी होमस्टे के लिए मार्केटिंग के लिए मदद प्रदान करना शामिल है।

 

इस योजना के अंतर्गत, मंत्रालय ने आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, मिजोरम, उत्तराखंड और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश में कुल ₹17.52 करोड़ की लागत वाली परियोजनाओं को मंजूरी दी है। हालांकि, अभी तक कोई धनराशि जारी नहीं की गई है।

 

यह जानकारी केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने आज राज्यसभा में लिखित प्रश्न के उत्तर में दी।

 

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पीके/केसी/एमएम


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