पर्यटन मंत्रालय
स्वदेश दर्शन 2.0 के अंतर्गत पर्यटन मंत्रालय ने कुल 2208.31 करोड़ रुपये लागत की कुल 53 परियोजनाओं को मंजूरी दी
प्रविष्टि तिथि:
05 FEB 2026 3:36PM by PIB Delhi
पर्यावरण संपोषण, स्थानीय समुदाय की भागीदारी, सुरक्षा, स्वच्छता आदि से संबंधित पहलुओं सहित पर्यटन का विकास और संवर्धन मुख्य तौर पर संबंधित राज्य सरकार/ केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन के दायरे में आता है। हालांकि, पर्यटन मंत्रालय अपनी विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत, परियोजना प्रस्तावों की प्राप्ति पर संबंधित राज्य सरकारों/ केंद्र शासित प्रदेशों को वित्तीय मदद प्रदान करके देश में टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर और अनुभवों के विकास के लिए वित्तीय मदद उपलब्ध कराता है। यह सहायता योजना के दिशानिर्देशों, सरकारी निर्देशों, कोष की उपलब्धता, आपसी प्राथमिकता आदि के अनुरूप होती है। परियोजनाओं के अंतर्गत स्वीकृत किए जाने वाले घटकों में परियोजना की जरूरत के अनुसार स्थिरता, सुरक्षा, स्वच्छता आदि से संबंधित घटक भी शामिल होते हैं।
पर्यटन मंत्रालय ने 2022 में अपनी स्वदेश दर्शन योजना को स्वदेश दर्शन 2.0 के रूप में संशोधित किया, जिसका मुख्य उद्देश्य देश में संपोषित और जिम्मेदार पर्यटन स्थलों का विकास करना था। इसके अंतर्गत देश में कुल 2208.31 करोड़ रुपये लागत की कुल 53 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। योजना इस बात को मान्यता देती है कि पर्यटन के नकारात्मक असर को कम करने और सकारात्मक असर को बढ़ाने के लिए लगातार और जिम्मेदार पर्यटन पद्धतियां ही चाबी हैं। योजना विभिन्न परियोजनाओं और पहलों में लगातार और जिम्मेदार पर्यटन पद्धतियों के कार्यान्वयन पर केंद्रित है और साथ ही पर्यावरण स्थिरता, सामाजिक-सांस्कृतिक स्थिरता और आर्थिक स्थिरता सहित सतत पर्यटन के सिद्धांतों को अपनाने को प्रोत्साहित करती है। इसमें पर्यटन स्थलों के विकास के लिए परियोजनाएं तैयार करते समय स्थानीय समुदायों और हितधारकों के साथ सलाह मशविरा करना, नवीकरणीय ऊर्जा का इस्तेमाल, पर्यावरण के अनुकूल सामग्री का उपयोग, सुलभ बुनियादी ढांचे का विकास, पर्यटकों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना और जिम्मेदार व्यवहार को प्रोत्साहित करना भी शामिल है।
पर्यटन मंत्रालय ने स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के अंतर्गत 'चुनौती आधारित गंतव्य विकास' पहल शुरू की है। इसका उद्देश्य पर्यटन मूल्य श्रृंखला के सभी पहलुओं में पर्यटन अनुभव को बेहतर बनाने के लिए गंतव्यों का समग्र विकास करना है, साथ ही गंतव्यों को संपोषित और जिम्मेदार गंतव्यों में बदलाव करना भी है। इस पहल के अंतर्गत मंत्रालय ने देश में लगभग 698 करोड़ रुपये की कुल 38 परियोजनाओं को मंजूरी दी।
पर्यटन मंत्रालय समय-समय पर अपनी विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत मंजूर की गई परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करता है और राज्य सरकार/ केंद्र शासित प्रदेश प्रशासनों को इन परियोजनाओं के सुदृढ़ संचालन और प्रबंधन के लिए प्रोत्साहित करता है, जिससे इनसे मिलने वाले लाभ स्थानीय समुदाय और हितधारकों तक पहुंच सकें।
मंत्रालय ने लगातार पर्यटन के लिए राष्ट्रीय रणनीति जारी की है, जिसका उद्देश्य भारतीय पर्यटन क्षेत्र में स्थिरता को मुख्यधारा में लाना और प्राकृतिक व सांस्कृतिक संसाधनों की रक्षा करते हुए अधिक लचीला, समावेशी, कार्बन-स्थिर और संसाधन-कुशल पर्यटन सुनिश्चित करना है। इस पहल में प्रमुख हितधारकों में गैर-सरकारी संगठन और स्थानीय समुदाय भी शामिल हैं।
पर्यटन मंत्रालय ने मिशन लाइफ के अंतर्गत पर्यटन क्षेत्र के लिए 'ट्रैवल फॉर लाइफ (टीएफएल)' नामक एक कार्यक्रम की परिकल्पना की है, जिसका उद्देश्य सतत पर्यटन के प्रति जागरूकता पैदा करना और पर्यटकों तथा पर्यटन व्यवसायों को प्रकृति के अनुरूप संपोषित प्रथाओं को अपनाने के लिए प्रेरित करना है। इस कार्यक्रम का लक्ष्य संपोषित, जिम्मेदार और लचीले पर्यटन क्षेत्र के विकास की दिशा में पर्यटन क्षेत्र में स्थिरता को मुख्यधारा में लाना है।
यह जानकारी केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने आज राज्यसभा में लिखित प्रश्न के उत्तर में दी।
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पीके/केसी/एमएम
(रिलीज़ आईडी: 2224062)
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