मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय
पशुपालन और पशु कल्याण जागरूकता माह के अवसर पर देश भर के पशुपालकों के लिए वर्चुअल जागरूकता कार्यक्रम
माननीय राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल की अध्यक्षता में आयोजित आभासी जागरूकता कार्यक्रम में 12.5 लाख से अधिक पशुपालक किसान शामिल हुए
प्रविष्टि तिथि:
05 FEB 2026 7:24PM by PIB Delhi
केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी एवं पंचायती राज राज्य मंत्री माननीय प्रोफेसर एस.पी. सिंह बघेल ने आज देश भर में "पशुपालन एवं पशु कल्याण जागरूकता माह" (14 जनवरी-13 फरवरी 2026) के अवसर पर एक वर्चुअल जागरूकता शिविर की अध्यक्षता की। पशुपालन एवं डेयरी विभाग (डीएएचडी) के सचिव श्री नरेश पाल गंगवार, डीएएचडी की अपर सचिव सुश्री वर्षा जोशी, डीएएचडी के अपर सचिव श्री रमा शंकर सिन्हा, पशुपालन आयुक्त डॉ. नवीन बी. महेश्वरप्पा और विभाग के अन्य अधिकारी भी सत्र में उपस्थित थे। 28 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के 12 लाख से अधिक पशुपालकों ने 2500 साझा सेवा केंद्रों (सीएससी) के माध्यम से आभासी रूप से इस कार्यक्रम में भाग लिया।

वहां उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए प्रोफेसर एस. पी. सिंह बघेल ने देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में पशुपालकों द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पशुपालन और दुग्ध उत्पादन क्षेत्र माननीय प्रधानमंत्री के विकसित भारत के दृष्टिकोण को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने पशुपालकों के समर्पित प्रयासों को भारत की वैश्विक दुग्ध उत्पादन में अग्रणी स्थिति का श्रेय देते हुए कहा कि देश विश्व के कुल दुग्ध उत्पादन में 25 प्रतिशत का योगदान देता है। प्रोफेसर बघेल ने राष्ट्रव्यापी टीकाकरण कार्यक्रमों, राष्ट्रीय गोकुल मिशन और लिंग-विभाजित वीर्य (एसएसएस) को अपनाने सहित विभिन्न सरकारी पहलों की सराहना की, जिनसे पशुधन उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने पशु बीमा के महत्व पर भी बल दिया और पशु स्वास्थ्य और इस क्षेत्र के सतत विकास को सुनिश्चित करने के लिए समय पर टीकाकरण की आवश्यकता पर भी बल दिया।


डीएएचडी सचिव श्री नरेश पाल गंगवार ने पशुओं से मनुष्यों में फैलने वाली बीमारियों (जूनोटिक रोग) के बारे में विस्तार से बताया और स्वस्थ पशुधन सुनिश्चित करने एवं जन स्वास्थ्य की रक्षा के लिए जमीनी स्तर पर प्रभावी रोग नियंत्रण उपायों की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने विशेष रूप से बढ़ते एंटी-माइक्रोबियल प्रतिरोध (एएमआर) के संदर्भ में एथनो वेटरनरी मेडिसिन को महत्व देने की प्रासंगिकता पर भी प्रकाश डाला तथा टिकाऊ और जिम्मेदार पशु स्वास्थ्य देखभाल को बढ़ावा देने में इसके महत्व को रेखांकित किया।
जागरूकता कार्यक्रम में पशुपालन, पारंपरिक पशु चिकित्सा, जैव सुरक्षा, टीकाकरण, पशु कल्याण और पशु संबंधी कानूनों पर विशेषज्ञों के नेतृत्व में सत्र आयोजित किए गए, साथ ही पशुपालकों के लिए पशुपालन और टीकाकरण पर वीडियो भी दिखाए गए। माननीय राज्य मंत्री ने जागरूकता कार्यक्रम में उपस्थित पशुपालकों से भी बातचीत की, जिन्होंने अपनी शिकायतें व्यक्त कीं और सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा।

वर्चुअल जागरूकता कार्यक्रम ने पशु कल्याण कानूनों, बेहतर स्वास्थ्य और उत्पादकता के लिए उन्नत पशुपालन पद्धतियों और ग्रामीण विकास में पशुपालकों की महत्वपूर्ण भूमिका जैसे प्रमुख विषयों पर जानकारी साझा करने का एक मंच प्रदान किया। यह पहल देश भर के किसानों के साथ सीधे जुड़कर और डिजिटल मंच का उपयोग करके पशुधन एवं डेयरी क्षेत्र में जागरूकता बढ़ाने के लिए डीएएचडी के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है।
***
पीके/केसी/एसएस
(रिलीज़ आईडी: 2224204)
आगंतुक पटल : 50