औषधि विभाग
प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र
प्रविष्टि तिथि:
06 FEB 2026 1:47PM by PIB Delhi
प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना (पीएमबीजेपी) के तहत, 31.12.2025 तक देश भर में कुल 17,990 जन औषधि केंद्र खोले गए हैं, जिनमें से 1058 जन औषधि केंद्र बिहार राज्य में खोले गए हैं। देश भर में खोले गए जन औषधि केंद्र की राज्यवार/केंद्र शासित प्रदेशवार और जिलावार संख्या अनुलग्नक-I में दी गई है।
प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि योजना में 2,110 दवाएं और 315 शल्य चिकित्सा उत्पाद, चिकित्सा उपभोग वस्तुएं और उपकरण शामिल हैं, जो सभी प्रमुख चिकित्सीय समूहों जैसे कि हृदय रोग, कैंसर रोधी, मधुमेह रोधी, संक्रमण रोधी, एलर्जी रोधी और आंत्र संबंधी दवाएं और प्रोटीन पाउडर, महिलाओं के लिए प्रोटीन पाउडर, 100% व्हे प्रोटीन आदि जैसे न्यूट्रास्यूटिकल्स को कवर करते है।
जन औषधि केंद्र व्यक्तिगत उद्यमियों, गैर-सरकारी संगठनों, समितियों, ट्रस्टों, फर्मों, निजी कंपनियों आदि से आवेदन आमंत्रित करके खोले जाते हैं। देश के सभी जिलों से www.janaushadhi.gov.in वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। अब तक बिहार राज्य के 38 जिलों सहित 767 जिले इस योजना के अंतर्गत आ चुके हैं। राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के अनुसार शामिल जिलों की सूची अनुलग्नक-II में संलग्न है।
जन औषधि केंद्र में उपलब्ध दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से निरंतर निरीक्षण, परीक्षण और मानकीकरण के लिए ठोस तंत्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें शामिल हैं:
- केवल विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा प्रमाणित गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस संयंत्रों से ही आपूर्ति: केवल वे संयंत्र ही आपूर्ति के लिए पात्र हैं जिन्हें प्रत्यक्ष निरीक्षण के बाद केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) द्वारा डब्ल्यूएचओ-जीएमपी के अनुरूप प्रमाणित किया गया है।
- सभी दवा बैचों के शत-प्रतिशत पूर्व-परीक्षण के बाद ही वितरण: पीएमबीआई के गोदामों में आपूर्ति किए गए सभी बैचों से परीक्षण के लिए नमूने लिए जाते हैं, और गुणवत्ता परीक्षण पास होने के बाद ही दवाओं को जन औषिधी केंद्रों में भेजा जाता है।
- केवल अच्छी प्रयोगशाला पद्धति (जीएलपी) के अनुरूप प्रयोगशालाओं में परीक्षण: नमूनों का परीक्षण केवल राष्ट्रीय परीक्षण और अंशांकन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएल) द्वारा मान्यता प्राप्त और समय-समय पर निरीक्षण की जाने वाली प्रयोगशालाओं में किया जाता है, और इसके अतिरिक्त, पीएमबीआई द्वारा जीएलपी अनुपालन के लिए उनका मूल्यांकन किया जाता है।
अनुलग्नक के लिए यहां क्लिक करें।
केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने आज लोकसभा में लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
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पीके/केसी/जेके/एनजे
(रिलीज़ आईडी: 2224451)
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