इलेक्ट्रानिक्स एवं आईटी मंत्रालय
सरकारी पहलें रचनात्मक अर्थव्यवस्था और कंटेंट रचनाकारों के विकास का समर्थन कर रही हैं
सरकारी नीतियों का उद्देश्य है, उपयोगकर्ताओं के लिए खुला, सुरक्षित, विश्वसनीय, जवाबदेह और निष्पक्ष साइबरस्पेस सुनिश्चित करना
प्रविष्टि तिथि:
06 FEB 2026 5:22PM by PIB Delhi
सरकार भारतीय युवाओं के लिए आर्थिक अवसर प्रदान करने में रचनात्मक अर्थव्यवस्था की संभावना को समझती है। रचनात्मक अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदम निम्नलिखित हैं:
- विश्व ऑडियो विजुअल और मनोरंजन शिखर सम्मेलन (वेव्स) 2025 का आयोजन प्रधानमंत्री के भारत को कंटेंट निर्माण के वैश्विक केंद्र बनाने के विज़न के अनुरूप था। वेव्स का प्रमुख उद्देश्य कंटेंट, रचनात्मकता और संस्कृति को आर्थिक विकास और वैश्विक प्रभाव के संरचित इंजन में एकीकृत करके भारत की ऑरेंज अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना था।
वेव्स का उद्देश्य वित्तपोषण, कौशल विकास और वैश्विक पहुँच में मौजूद अंतर को पाटना था, साथ ही एक स्थायी, पैमाने के विस्तार योग्य इकोसिस्टम स्थापित करना था, जो “भारत में निर्माण करें, विश्व के लिए निर्माण करें” दृष्टिकोण के अनुरूप हो।
वेव्स ने भारतीय रचनाकारों के लिए नई तकनीकों, निवेशकों, निर्माताओं और खरीदारों से जुड़ने का एक प्लेटफ़ॉर्म प्रदान किया। इसमें 100 से अधिक देशों के 1 लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम में 140 से अधिक सत्र आयोजित किए गए, जिनमें 50 मुख्य सत्र, 35 मास्टरक्लास और 55 ब्रेकआउट सत्र शामिल थे, जिनमें वैश्विक उद्योग के अग्रणी व्यक्तियों ने भाग लिया।
वेव्स 2025 के परिणाम:
(क) वेव एक्स: एम एंड ई क्षेत्र में स्टार्टअप-नेतृत्व वाले नवाचार के लिए प्लेटफ़ॉर्म। इसमें दो दिन का लाइव पिचिंग कार्यक्रम शामिल था, जहाँ स्टार्टअप्स ने निवेशकों के सामने अपने विचार प्रस्तुत किये। इसने 30 स्टार्टअप्स को उद्योग के नेताओं के सामने अपने विचार/प्रदर्शन रखने का अवसर दिया और स्टार्टअप पवेलियन में 100 से अधिक स्टार्टअप्स के प्रदर्शन की सुविधा प्रदान की। सरकार ने भारतीय रचनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईसीटी) मुंबई में पहला वेवएक्स इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित किया है, और अतिरिक्त केंद्र देश भर में संचालन में हैं।
(ख) वेव्स बाज़ार: स्क्रिप्ट्स, संगीत, कॉमिक्स और एवी अधिकारों के लिए एक मार्केटप्लेस के रूप में कार्य करता है, जिससे रचनाकारों के लिए नए राजस्व स्रोत बनते हैं। इसे बाजार तक पहुंच और व्यावसायिक सहभागिता का समर्थन करने के लिए पूरे साल एक प्लेटफॉर्म के रूप में जारी रखा गया है। चार महाद्वीपों में 10 से अधिक अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भागीदारी के माध्यम से, वेव्स बाज़ार ने बी2बी बैठकों की सुविधा दी, कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जिससे संभावित व्यवसाय और निवेश के अवसर प्राप्त हुए और भारतीय रचनाकारों और कंपनियों के लिए सह-निर्माण, लाइसेंसिंग, निवेश साझेदारी तथा वैश्विक बाजार पहुँच का समर्थन किया।
(ग) भारत में निर्माण प्रतियोगिता (सीआईसी): एनीमेशन, गेमिंग, एआर/वीआर और संगीत जैसी 33 रचनात्मक श्रेणियों में अगली पीढ़ी की रचनात्मक प्रतिभाओं की राष्ट्रीय स्तर पर खोज। इसमें दुनिया भर के रचनाकारों के 1 लाख से अधिक पंजीकरण आए। सीआईसी विजेताओं को मेलबर्न, ओसाका, टोरंटो, टोक्यो और मैड्रिड जैसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक मंचों में भागीदारी के लिए समर्थन दिया जा रहा है और राष्ट्रीय आयोजनों जैसे इंडिया-जॉय, आईजीडीसी और आईएफएफआई गोवा में भी भाग लेने का अवसर मिल रहा है, जिससे सीआईसी को क्रिएटर खोज और आईपी निर्माण के लिए एक प्रमुख इंजन के रूप में स्थापित किया गया है।
- भारतीय रचनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईसीटी): कौशल विकास और नवाचार को संस्थागत रूप देने के लिए, सरकार ने मुंबई में आईआईसीटी की स्थापना एवीजीसी-एक्सआर के लिए एक राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र के रूप में की है। आईआईसीटी उद्योग-अनुकूल प्रशिक्षण, स्टार्टअप इन्क्यूबेशन, उन्नत अवसंरचना तक पहुंच और वैश्विक तकनीकी नेताओं के साथ सहयोग प्रदान करता है, इस प्रकार उभरते डिजिटल क्षेत्रों में रचनाकारों और निर्माताओं (डेवलपर्स) का समर्थन करता है।
3. प्रसार भारती की पहलें:
रचनाकारों और डिजिटल प्रतिभा का रणनीतिक एकीकरण: प्रसार भारती सार्वजनिक सेवा प्रसारण में डिजिटल रचनाकारों को सक्रिय रूप से शामिल कर रहा है ताकि अधिक समावेशी डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दिया जा सके। "क्रिएटर कार्नर," कार्यक्रम जो डीडी न्यूज़ (सोमवार–शुक्रवार शाम 7:00 बजे) और डीडी नेशनल पर प्रसारित होता है, छोटे-इन्फ्लुएंसर्स और उभरती आवाज़ों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान प्रदान करता है। इस दृष्टिकोण का लक्ष्य पारंपरिक सोशल मीडिया का विकल्प प्रदान करना है, जिसमें एल्गोरिदमिक पारदर्शिता की पेशकश की जाती है और सुनिश्चित किया जाता है कि रचनाकारों के बौद्धिक संपदा (आईपी) अधिकार बने रहें।
भारत सरकार की नीतियों का उद्देश्य उपयोगकर्ताओं के लिए खुला, सुरक्षित, विश्वसनीय, जिम्मेदार और निष्पक्ष साइबरस्पेस सुनिश्चित करना है। तदनुसार, सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया नैतिकता संहिता) नियम, 2021 (आईटी नियम) अधिसूचित किए हैं, जिन्हें समय-समय पर संशोधित किया गया है, ताकि उपयोगकर्ताओं को होने वाले नए हानिकारक प्रभावों का समाधान किया जा सके, नवाचार को प्रोत्साहित किया जा सके और देश के प्रौद्योगिकी इकोसिस्टम में नए और छोटे रचनाकारों को समर्थन प्रदान किया जा सके।
ये नियम सोशल मीडिया मध्यस्थों (प्लेटफ़ॉर्मों) के लिए पारदर्शी नीतियाँ, कंटेंट संशोधन और शिकायत निवारण का दायित्व निर्धारित करते हैं।
- जब कंटेंट हटाये जाते हैं या अकाउंट निलंबित किए जाते हैं, तो प्लेटफ़ॉर्म्स के लिए उपयोगकर्ताओं (जिसमें इन्फ्लूएंसर भी शामिल हैं) को सूचित करना और शिकायत निवारण व्यवस्था प्रदान करना आवश्यक है ।
- ये नियम अप्रत्यक्ष रूप से रचनाकारों की सुरक्षा करते हैं, क्योंकि इनमें प्लेटफ़ॉर्म के निष्पक्ष व्यवहार और जवाबदेही को आवश्यक बनाया गया है।
आईटी नियमों का पालन न करने की स्थिति में, नियम 7 के प्रावधान लागू हो जाते हैं, और मध्यस्थ के लिए सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 79 के तहत उत्तरदायित्व से छूट ख़त्म हो सकती है।
वेव्स ओटीटी के माध्यम से मुद्रीकरण और वितरण: सरकार ने वेव्स ओटीटी प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से स्वतंत्र रचनाकारों का समर्थन करने के लिए संरचना-आधारित वित्तीय व्यवस्था स्थापित की है।
बजट 2026-27 में मुंबई के भारतीय रचनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान को 15,000 माध्यमिक स्कूलों और 500 कॉलेजों में एवीजीसी कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित करने में समर्थन देने का उल्लेख किया गया है।
यह जानकारी इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने 06.02.2026 को राज्यसभा में दी।
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पीके/केसी/जेके
(रिलीज़ आईडी: 2224849)
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