खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय
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मोटा अनाज आधारित उत्पादों की प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने में पीएलआई योजना का प्रभाव


पीएलआईएसएफपीआई के तहत मोटा अनाज आधारित खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को प्रोत्साहन देना

पीएमएफएमई और पीएमकेएसवाई योजनाओं के तहत मोटा अनाज आधारित इकाइयों के लिए प्रोत्साहन एवं सहायता

प्रविष्टि तिथि: 06 FEB 2026 8:03PM by PIB Delhi

खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय (एमओएफपीआई) वित्त वर्ष 2021-22 से वित्त वर्ष 2026-27 तक खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन योजना (पीएलआईएसएफपीआई) लागू कर रहा है। इस योजना का एक घटक मोटा अनाज-आधारित उत्पादों पर केंद्रित है, जिसके लिए 800 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। यह घटक अंतर्राष्ट्रीय श्री अन्न वर्ष (आईवाईओएम) को ध्यान में रखते हुए शुरू किया गया था। मोटा अनाज-आधारित उत्पादों के लिए पीएलआईएसएमबीपी योजना का उद्देश्य खाद्य उत्पादों में मोटा अनाज के उपयोग को बढ़ाना और घरेलू और निर्यात बाजारों में चयनित मोटा अनाज-आधारित उत्पादों के निर्माण और बिक्री को प्रोत्साहन देकर उनके मूल्यवर्धन को बढ़ावा देना है। आज तक, देश भर में 45 स्थानों पर स्थित मोटा अनाज-आधारित इकाइयों के लिए पीएलआईएसएमबीपी घटक के तहत 29 आवेदकों को मंजूरी दी गई है, जिनमें मध्य प्रदेश के मंडला जिले में एक मोटा अनाज प्रसंस्करण इकाई भी शामिल है।

वाणिज्य विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण के अंतर्गत कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीईडीए) ने कृषि-खाद्य और कृषि-तकनीक स्टार्टअप को सशक्त बनाने, उनकी प्रगति को गति देने, नवाचार को बढ़ावा देने और युवा उद्यमियों के लिए नए निर्यात अवसर सृजित करने के उद्देश्य से "भारती" (भारत का कृषि प्रौद्योगिकी, लचीलापन, उन्नति और निर्यात सक्षमता हेतु इनक्यूबेशन केंद्र) नामक पहल शुरू की है।

पीएलआईएसएमबीपी के तहत मोटा अनाज आधारित खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को प्रोत्साहन देने के अलावा, मोटा अनाज आधारित इकाइयां देश भर में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों के औपचारिककरण (पीएमएमएफएमई) और प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (पीएमकेएसवाई) जैसी अन्य खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय की योजनाओं के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए भी पात्र हैं।

पीएलआईएसएफपीआई के तहत प्रोत्साहन के लिए स्वीकृत 169 आवेदकों में से 69 आवेदक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) श्रेणी के अंतर्गत आते हैं। इसके अतिरिक्त, मुख्य स्वीकृत आवेदकों की 40 संविदा विनिर्माण इकाइयाँ भी एमएसएमई से संबंधित हैं।

खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री श्री रवनीत सिंह ने आज राज्यसभा में लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

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पीके/केसी/एमके/एनके


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