पंचायती राज मंत्रालय
एआई-संचालित शासन प्लेटफॉर्म
प्रविष्टि तिथि:
10 FEB 2026 3:57PM by PIB Delhi
पंचायती राज मंत्रालय ने 14 अगस्त 2025 को सभासार लॉन्च किया, जो एक एआई-सक्षम वॉइस-टू-टेक्स्ट बैठक का सारांश बनाने वाला टूल है। सभासार प्लेटफॉर्म ग्राम सभा की कार्यवाही को व्यवस्थित तरीके से लेखन और विश्लेषण करने में सक्षम बनाता है और ग्राम सभा की बैठकों की बारंबारता/प्रकार और सहभागिता जैसे प्रमुख मापदंडों की निगरानी में मदद करता है। सभासार सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए उपलब्ध कराया गया है, और ग्राम पंचायतें नियमित ग्राम सभा और पंचायत की बैठकों के लिए इसे धीरे-धीरे अपना रही हैं। 04.02.2026 तक, कुल 1,15,115 ग्राम पंचायतों ने सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में स्वचालित बैठक के सारांश के लिए सभासार टूल का उपयोग किया है। सभासार को अपनाने की राज्यवार स्थिति अनुलग्नक -I में दी गई है। इसके अतिरिक्त, दक्षिण कन्नड़ (कर्नाटक), नबरंगपुर (ओडिशा) और शिमला (हिमाचल प्रदेश) संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों का जिला पंचायत-वार डाटा अनुलग्नक -II में दिया गया है।
मंत्रालय ने कन्नड़ और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं सहित ग्राम सभा की कार्यवाही के एआई-आधारित ट्रांसक्रिप्शन की सटीकता में सुधार के लिए कई कदम उठाए हैं। सभासार वॉइस-टू-टेक्स्ट ट्रांसक्रिप्शन के लिए भाषिणी द्वारा प्रदान की गई ऑटोमैटिक स्पीच रिकग्निशन (ASR) सेवा का उपयोग करता है। इसके अलावा, यह प्लेटफॉर्म पंचायत पदाधिकारियों को अंतिम स्वीकृति देने से पहले प्रारूप कार्यवृत्त/मिनट्स की समीक्षा, सत्यापन और संपादन की सुविधा भी प्रदान करता है।
सभासार टूल मोबाइल फोन, कैमरा आदि जैसे सहज रूप से उपलब्ध उपकरणों के माध्यम से प्राप्त ऑडियो/वीडियो इनपुट का ट्रांसक्रिप्शन करता है। मंत्रालय द्वारा एआई-आधारित ट्रांसक्रिप्शन की गुणवत्ता और सटीकता बढ़ाने के लिए संचालन प्रक्रियाएं, उपयोगकर्ता दिशानिर्देश और प्रशिक्षण सत्र जारी किए गए हैं, साथ ही ग्राम सभा की कार्यवाही की रिकॉर्डिंग के लिए एक समर्पित एसओपी भी जारी किया गया है, जिसमें वित्त आयोग अनुदान के तहत अवसंरचना आवश्यकताओं और खरीद को शामिल किया गया है।
सभासार में प्रयुक्त एआई मॉडल MeitY के इंडियाएआई मिशन के तहत इंडिया एआई कंप्यूट पोर्टल के माध्यम से प्रदान किए गए एआई और क्लाउड अवसंरचना पर कार्य करता है। डेटा का प्रसंस्करण सरकारी अवसंरचना में किया जाता है और इसे किसी भी बाहरी तृतीय – पक्ष सेवा प्रदाता के साथ साझा नहीं किया जाता है। MeitY के तहत इंडियाएआई मिशन अंतर्निहित एआई अवसंरचना और उससे तैयार डाटा के शासन के लिए नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करता है। डेटा गोपनीयता और भंडारण से जुड़े सभी मामले मौजूदा नियमों, यानी डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (DPDP) के अनुसार विनियमित किए जाते हैं, जो भारत के राजपत्र के संख्या सीजी-डीएल-ई -14112025-267650, भाग II—धारा 3—उप-धारा (i), के तहत दिनांक 13 नवंबर 2025 को जारी किया गया है। तथापि, यह उल्लेखनीय है कि सभासार ग्राम सभा बैठकों की कार्यवाही के अभिलेखन एवं प्रलेखन को सुगम बनाता है, जो सार्वजनिक मंच हैं, और इस प्लेटफॉर्म का उपयोग केवल ऐसी कार्यवाहियों के सटीक एवं पारदर्शी दस्तावेजीकरण के लिए किया जाता है।
अनुलग्नक-I
सभासार आपनाने की राज्यवार स्थिति
|
क्रं सं
|
राज्य का नाम
|
कुल ग्राम पंचायतें एवं समकक्ष
|
तैयार एमओएम वाली जीपी और समकक्षों की संख्या
|
तैयार एमओएम वाली जीपी और समकक्षों का प्रतिशत
|
|
1
|
तमिलनाडु
|
12482
|
12451
|
99.75 %
|
|
2
|
ओडिशा
|
6794
|
6751
|
99.37 %
|
|
3
|
दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
|
42
|
41
|
97.62 %
|
|
4
|
लद्दाख
|
193
|
182
|
94.3 %
|
|
5
|
त्रिपुरा
|
1194
|
1086
|
90.95 %
|
|
6
|
झारखंड
|
4345
|
3468
|
79.82 %
|
|
7
|
बिहार
|
8054
|
6385
|
79.28 %
|
|
8
|
छत्तीसगढ
|
11688
|
8864
|
75.84 %
|
|
9
|
आंध्र प्रदेश
|
13327
|
9353
|
70.18 %
|
|
10
|
उत्तराखंड
|
7801
|
5245
|
67.23 %
|
|
11
|
उत्तर प्रदेश
|
57695
|
32784
|
56.82 %
|
|
12
|
केरल
|
941
|
528
|
56.11 %
|
|
13
|
कर्नाटक
|
5949
|
3045
|
51.19 %
|
|
14
|
हरियाणा
|
6227
|
3101
|
49.8 %
|
|
15
|
जम्मू और कश्मीर
|
4291
|
1553
|
36.19 %
|
|
16
|
अंडमान व निकोबार द्वीप समूह
|
70
|
20
|
28.57 %
|
|
17
|
राजस्थान
|
11206
|
3132
|
27.95 %
|
|
18
|
गुजरात
|
14611
|
3415
|
23.37 %
|
|
19
|
महाराष्ट्र
|
27964
|
6529
|
23.35 %
|
|
20
|
तेलंगाना
|
12849
|
2283
|
17.77 %
|
|
21
|
मध्य प्रदेश
|
23011
|
3100
|
13.47 %
|
|
22
|
हिमाचल प्रदेश
|
3615
|
376
|
10.4 %
|
|
23
|
पंजाब
|
13236
|
1175
|
8.88 %
|
|
24
|
गोवा
|
191
|
12
|
6.28 %
|
|
25
|
अरुणाचल प्रदेश
|
2108
|
91
|
4.32 %
|
|
26
|
पश्चिम बंगाल
|
3339
|
62
|
1.86 %
|
|
27
|
मिजोरम
|
855
|
12
|
1.4 %
|
|
28
|
नागालैंड
|
1312
|
15
|
1.14 %
|
|
29
|
असम
|
2664
|
27
|
1.01 %
|
|
30
|
मणिपुर
|
3175
|
28
|
0.88 %
|
|
31
|
सिक्किम
|
199
|
1
|
0.5 %
|
|
32
|
लक्षद्वीप
|
10
|
0
|
0 %
|
|
33
|
मेघालय
|
6859
|
0
|
0 %
|
|
34
|
पुदुच्चेरी
|
108
|
0
|
0 %
|
|
|
कुल
|
268599
|
115115
|
42.86%
|
04 फरवरी 2026 तक के आकड़ें
अनुलग्नक -II
सभासार को अपनाने की जिला-वार स्थिति
|
क्रं सं
|
राज्य का नाम
|
संसदीय निर्वाचन क्षेत्र
|
जिला पंचायत
|
कुल ग्राम पंचायतें एवं समकक्ष
|
तैयार एमओएम वाली जीपी और समकक्षों की संख्या
|
तैयार एमओएम वाली जीपी और समकक्षों का प्रतिशत
|
|
1
|
कर्नाटक
|
दक्षिण कन्नड़
|
दक्षिण कन्नड़
|
223
|
138
|
62%
|
|
2
|
ओडिशा
|
नबरंगपुर
|
नबरंगपुर
|
189
|
189
|
100%
|
|
मलकानगिरी
|
111
|
111
|
100%
|
|
कोरापुट
|
240
|
240
|
100%
|
|
3
|
हिमाचल प्रदेश
|
शिमला
|
सिरमौर
|
259
|
7
|
3%
|
|
सोलन
|
240
|
47
|
20%
|
|
शिमला
|
412
|
11
|
3%
|
यह जानकारी केंद्रीय मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने 10 फरवरी 2026 को लोकसभा में लिखित उत्तर में दी।
***
AA
(रिलीज़ आईडी: 2225841)
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