मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय
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केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप में मछली पकड़ना

प्रविष्टि तिथि: 10 FEB 2026 2:02PM by PIB Delhi

लक्षद्वीप प्रशासन द्वारा प्रदान की गई जानकारी के अनुसार, केंद्र शासित प्रदेश में 3,257 मछुआरे पंजीकृत हैं और पारंपरिक एवं यांत्रिक नौकाएं सहित 1,747 मछली पकड़ने वाली नौकाएं उपलब्ध हैं। इनमें शामिल हैं: (i) 1,538 मोटरयुक्त गैर-यांत्रिक  पारंपरिक ओबीएम नौकाएं, (ii) 192 गैर-मोटरयुक्त पारंपरिक नौकाएं, और (iii) 17 मोटरयुक्त यांत्रिक नौकाएं।

लक्षद्वीप प्रशासन द्वारा प्रदान की गई रिपोर्ट के अनुसार, पिछले तीन वित्तीय वर्षों के दौरान केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप में मछली उत्पादन का वर्षवार एवं प्रजातिवार विवरण अनुलग्नक-1 में दिया गया है।

मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय, भारत सरकार के मत्स्य विभाग (डीओएफ) ने केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप सहित सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में वर्ष 2020-21 से प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) को लागू किया है। इसके अलावा, केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन द्वारा आजीविका सहायता, मत्स्य पालन परिचालन का आधुनिकीकरण एवं बाजार सुधार के उद्देश्य से अपनी स्वयं की योजनाएं भी चलाता है। पीएमएमएसवाई के अंतर्गत, 2020-21 और 2025-26 के दौरान, भारत सरकार के वित्त विभाग ने लक्षद्वीप के लिए 62.43 करोड़ रुपये की परियोजना प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की है, जिसमें केंद्र सरकार का हिस्सा 44.20 करोड़ रुपये है।

स्वीकृत परियोजनाओं में 5 टन, 10 टन एवं 20 टन की क्षमता वाले शीत भंडारण और बर्फ संयंत्र की स्थापना; स्थानीय खुदरा अवसंरचना में सुधार के लिए मछली कियोस्क का निर्माण और मछली के स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के लिए आइस बॉक्स युक्त तीन पहिया वाहन एवं मोटरसाइकिल उपलब्ध कराना शामिल है। मछली मूल्य-वर्धन इकाइयों, पारंपरिक मछुआरों के लिए गहरे समुद्र में मछली पकड़ने वाली नौकाओं के अधिग्रहण और मनोरंजक मत्स्य पालन एवं घरेलू सजावटी मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए भी समर्थन प्रदान किया गया है। समुद्र में सुरक्षा एवं दक्षता को बढ़ावा देने के लिए, वीएचएफ सेट, डीएटी और नेविक रिसीवर सहित संचार एवं ट्रैकिंग उपकरणों के साथ-साथ सुरक्षा किट और पारंपरिक नौकाओं तथा जालों के प्रतिस्थापन के लिए सहायता प्रदान की जा रही है। समुद्री शैवाल की खेती को भी आजीविका विविधीकरण गतिविधि के रूप में बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसके लिए मोनो-लाइन, ट्यूब-नेट और राफ्ट-आधारित खेती गतिविधियों को अपनाने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। इसके अलावा, केंद्र शासित प्रदेश योजना के अंतर्गत, मछली पकड़ने वाली नौकाओं के निर्माण के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है, जिससे द्वीपों में मछली पकड़ने की अवसंरचना एवं आजीविका सुरक्षा को मजबूत किया जा सके। इसके अलावा, मत्स्य पालन के समग्र विकास और मछुआरों की आय बढ़ाने के लिए सरकार के क्लस्टर-आधारित दृष्टिकोण के अनुरूप और लक्षद्वीप के समग्र आर्थिक विकास के लिए समुद्री शैवाल क्षेत्र की महत्वपूर्ण क्षमता की पहचान करते हुए, भारत सरकार ने केंद्र शासित प्रदेश में एक समर्पित समुद्री शैवाल क्लस्टर को अधिसूचित किया है।

अनुलग्नक-1

लक्षद्वीप में पिछले तीन वित्तीय वर्षों के दौरान मछली उत्पादन का वर्षवार एवं प्रजातिवार विवरण

यह जानकारी केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ​​ललन सिंह ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के उत्तर में दी।

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पीके/केसी/एके


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