मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

तेलंगाना में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना


प्रविष्टि तिथि: 10 FEB 2026 2:01PM by PIB Delhi

मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय, भारत सरकार के मत्स्य विभाग (डीओएफ) ने तेलंगाना सहित सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में वर्ष 2020-21 से प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) को लागू किया है। भारत सरकार के मत्स्य विभाग ने तेलंगाना सरकार के प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की है जिनकी कुल लागत 196.80 करोड़ रुपये है, जिसमें केंद्र सरकार का हिस्सा 68.14 करोड़ रुपये है। ये प्रस्ताव राज्य में पीएमएमएसवाई के अंतर्गत अवसंरचना सहित मत्स्य पालन एवं जलीय कृषि के विकास के लिए हैं। तेलंगाना को पीएमएमएसवाई के अंतर्गत पिछले तीन वर्षों में स्वीकृत और जारी की गई धनराशि का वर्षवार विवरण अनुलग्नक-I में दिया गया है जबकि पीएमएमएसवाई के अंतर्गत तेलंगाना में निर्मित/मजबूत किए गए मत्स्य पालन अवसंरचना का विवरण अनुलग्नक-II में दिया गया है।

तेलंगाना सरकार ने जानकारी दी है कि राज्य के सभी 33 जिलों में 4,54,432 लाभार्थियों को पीएमएमएसवाई योजना के तहत कवर किया गया है।

भारत सरकार के वित्त विभाग ने पीएमएमएसवाई के अंतर्गत तेलंगाना सरकार को उत्पादन, उत्पादकता बढ़ाने और इनपुट लागत में कमी लाने के उद्देश्य से कई गतिविधियों को मंजूरी प्रदान है। इनमें निम्नलिखित शामिल हैं: (i) 21 नए मीठे पानी की मछली पालन केंद्रों की स्थापना, (ii) इनपुट सहायता सहित 824 हेक्टेयर के ग्रो-आउट तालाबों का विकास, (iii) 1.4 लाख हेक्टेयर के जलाशयों में फिंगरलिंग्स का रोपण, (iv) 11 पुनर्चक्रण जलीय कृषि प्रणाली (आरएएस) इकाइयों की स्थापना, और (v) जलाशयों में 89 पिंजरा संस्कृति इकाइयों की स्थापना। इसके अलावा, बाजार संबंधों को मजबूती प्रदान करने के लिए, भारत सरकार के वित्त विभाग ने तेलंगाना सरकार को विभिन्न गतिविधियों के लिए मंजूरी प्रदान की है, जिनमें निम्नलिखित शामिल हैं: (i) हैदराबाद में अत्याधुनिक थोक मछली बाजार की स्थापना, (ii) 185 मछली कियोस्क इकाइयों की स्थापना, (iii) जीवित मछली बिक्री केंद्रों की स्थापना – 2 इकाइयां, (iv) इन्सुलेटेड वाहनों का प्रावधान – 6 इकाइयां और (v) आइस बॉक्स के साथ 500 मोटर साइकिलों का प्रावधान। इसके अलावा, भारत सरकार के मत्स्य विभाग ने मुर्रेल मछली के उत्पादन को बढ़ाने, उत्पादकता में सुधार लाने एवं बाजार संपर्क को मजबूत करने के लिए तेलंगाना के मंचरियाल जिले में मुर्रेल उत्पादन एवं प्रसंस्करण के लिए एक समर्पित क्लस्टर को अधिसूचित किया है।

यह जानकारी केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ​​ललन सिंह ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के उत्तर में दी।

***

पीके/केसी/एके


(रिलीज़ आईडी: 2225874) आगंतुक पटल : 68
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English , Urdu , Telugu