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पीएलआई योजना में पंजीकरण हेतु समय सीमा बढ़ाई गई

प्रविष्टि तिथि: 10 FEB 2026 1:49PM by PIB Delhi

भारत सरकार देश में मानव निर्मित रेशा (एमएमएफ) परिधान, एमएमएफ फैब्रिक तथा तकनीकी वस्त्रों के विनिर्माण में निवेश को प्रोत्साहित करने और उत्पादन के स्तर को बढ़ाने के उद्देश्य से वस्त्र क्षेत्र के लिए उत्पादन-संलग्न प्रोत्साहन योजना (पीएलआई) का कार्यान्वयन कर रही है। योजना के अंतर्गत विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 9 अक्टूबर 2025 की अधिसूचना के माध्यम से योजना को और अधिक आकर्षक बनाया गया है। संशोधनों का विवरण निम्नानुसार है:—

i) न्यूनतम निवेश सीमा में 50 प्रतिशत की कमी,

ii) वृद्धिशील कारोबार (इन्क्रिमेंटल टर्नओवर) की अनिवार्यता को 25 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत किया गया,

iii) अधिसूचित उत्पाद सूची का विस्तार करते हुए एमएमएफ परिधान एवं फैब्रिक के 17 नए उत्पादों को सम्मिलित किया गया,

iv) योजना का लाभ प्राप्त करने हेतु नई कंपनी की स्थापना की शर्त को और उदार बनाया गया।  

उद्योग जगत से प्राप्त उल्लेखनीय प्रतिक्रिया तथा पात्र आवेदकों को हालिया संशोधनों का लाभ पहुंचे, इस उद्देश्य से सरकार ने अतिरिक्त समय उपलब्ध कराने निर्णय लेते हुए आवेदन पोर्टल को 01.08.2025 से पुनः खोल दिया है। इसके साथ ही, नए आवेदनों की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 31.03.2026 कर दिया गया है, जिससे मध्यम आकार की कंपनियों की भी व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।

योजना में किए गए ये संशोधन एमएमएफ मूल्य श्रृंखला के समग्र स्तर पर निवेश को प्रोत्साहित करने तथा एमएमएफ परिधान, फैब्रिक एवं तकनीकी वस्त्रों के उत्पादन में वृद्धि के लिए तैयार किए गए हैं। इन परिवर्तनों के उपरांत, अब तक पोर्टल पर 84 नए प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें 10,789 करोड़ रुपये के निवेश, 44,081 करोड़ रुपये के कारोबार तथा लगभग 86,740 नए रोजगार सृजन की परिकल्पना की गई है।

पीएलआई योजना के क्रियान्वयन की नियमित निगरानी एवं समीक्षा मंत्रालय स्तर पर, सभी पीएलआई योजनाओं के नोडल विभाग डीपीआईआईटी, तथा सचिवों के अधिकार प्राप्त समूह (ई जी ओ एस) के माध्यम से की जा रही है। इसके अतिरिक्त, जमीनी स्तर पर कड़ी सत्यापन सुनिश्चित करने हेतु एक परियोजना प्रबंधन एजेंसी (पीएमए) को भी नियुक्त किया गया है। योजना से संबंधित आंकड़ों एवं प्रदर्शन संकेतकों के लिए एक समर्पित पीएलआई पोर्टल को केंद्रीय भंडार के रूप में विकसित किया गया है। साथ ही, योजना को नीति आयोग के आउटपुट-आउटकम मॉनिटरिंग फ्रेमवर्क के साथ भी एकीकृत किया गया है, जिससे योजना की प्रगति का नियमित आकलन किया जा सके।

संतुलित क्षेत्रीय विकास एवं समावेशी वृद्धि को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से, वस्त्र क्षेत्र की पीएलआई योजना के अंतर्गत चयनित 91 कंपनियों द्वारा 17 राज्यों एवं 1 केंद्र शासित प्रदेश में कुल 113 विनिर्माण इकाइयों की स्थापना की जा रही है, जिससे देश में एमएमएफ परिधान, फैब्रिक एवं तकनीकी वस्त्र उत्पादों के उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। इसके अतिरिक्त, सरकार वस्त्र क्षेत्र के समग्र विकास हेतु अखिल भारतीय स्तर पर अवसंरचना विकास, बाज़ार विकास, निर्यात संवर्धन एवं कौशल विकास से संबंधित कई योजनाओं का भी कार्यान्वयन कर रही है।

यह जानकारी आज लोकसभा में पूछे गए एक प्रश्न के लिखित उत्तर में वस्त्र राज्य मंत्री श्री पबित्रा मार्गेरिटा द्वारा प्रदान की गई।

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पीके/केसी/डीटी


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