भारी उद्योग मंत्रालय
प्रधानमंत्री ई-ड्राइव योजना के तहत वित्तीय प्रोत्साहन
प्रविष्टि तिथि:
10 FEB 2026 4:37PM by PIB Delhi
प्रधानमंत्री ई-ड्राइव योजना के तहत, 1 अप्रैल, 2024 से 31 मार्च, 2026 की अवधि के दौरान पंजीकृत 24,79,120 इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों (ई-2डब्ल्यू) की तैनाती को प्रोत्साहित करने के लिए 1,772 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। पात्र ई-2डब्ल्यू खरीदारों को खरीद मूल्य में अग्रिम छूट के रूप में प्रोत्साहन प्रदान किया जाता है, जिसे बाद में भारी उद्योग मंत्रालय (एमएचआई) द्वारा मूल उपकरण निर्माताओं (ओईएम) को प्रतिपूर्ति की जाती है।
इस योजना के तहत इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं को कोई कर छूट नहीं दी गई है। पीएम ई-ड्राइव के तहत प्रत्यक्ष प्रोत्साहन उपभोक्ताओं को लक्षित करते हैं, जबकि निर्माताओं को ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट्स के लिए उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के माध्यम से सहायता प्रदान की जाती है, जो पात्र उन्नत ऑटोमोटिव प्रौद्योगिकी (एएटी) उत्पादों के लिए निर्धारित बिक्री मूल्य के 13% से 18% तक प्रोत्साहन प्रदान करती है।
इसके अलावा, पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत लाभ प्राप्त करने की शर्त के रूप में, निर्माताओं को एक चरणबद्ध विनिर्माण कार्यक्रम (पीएमपी) का पालन करना आवश्यक है, जो घरेलू ईवी विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से निर्दिष्ट इलेक्ट्रिक वाहन घटकों के प्रगतिशील स्थानीयकरण को अनिवार्य बनाता है।
यह योजना पूरे भारत में लागू की गई है, जिससे शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में प्रोत्साहन उपलब्ध हैं।
05.02.2026 तक, पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत 14,39,224 ई-2डब्ल्यू के लिए मंत्रालय द्वारा ओईएम को कुल 1,182.32 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया जा चुका है। 01.04.2024 से 05.02.2026 के दौरान पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत प्रोत्साहन प्राप्त ई-2 डब्ल्यू की राज्य/केंद्र शासित प्रदेशवार जानकारी नीचे दी गई है:-
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क्र. सं.
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राज्य
|
प्रोत्साहन प्राप्त ई-2डब्ल्यू की संख्या
|
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1
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महाराष्ट्र
|
2,71,849
|
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2
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कर्नाटक
|
1,57,534
|
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3
|
तमिलनाडु
|
1,43,914
|
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4
|
उत्तर प्रदेश
|
1,15,246
|
|
5
|
राजस्थान
|
94,004
|
|
6
|
मध्य प्रदेश
|
88,869
|
|
7
|
केरल
|
87,524
|
|
8
|
ओडिशा
|
74,804
|
|
9
|
आंध्र प्रदेश
|
72,372
|
|
10
|
गुजरात
|
70,427
|
|
11
|
तेलंगाना
|
51,085
|
|
12
|
छत्तीसगढ
|
36,317
|
|
13
|
पश्चिम बंगाल
|
30,423
|
|
14
|
दिल्ली
|
30,287
|
|
15
|
पंजाब
|
29,092
|
|
16
|
बिहार
|
22,982
|
|
17
|
हरियाणा
|
18,784
|
|
18
|
झारखंड
|
10,232
|
|
19
|
गोवा
|
9,235
|
|
20
|
उत्तराखंड
|
8,938
|
|
21
|
पुदुचेरी
|
4,273
|
|
22
|
असम
|
3,827
|
|
23
|
जम्मू और कश्मीर
|
2,741
|
|
24
|
चंडीगढ़
|
1,641
|
|
25
|
हिमाचल प्रदेश
|
1,050
|
|
26
|
मिजोरम
|
625
|
|
27
|
त्रिपुरा
|
529
|
|
28
|
मेघालय
|
179
|
|
29
|
मणिपुर
|
162
|
|
30
|
दमन और दीव
|
106
|
|
31
|
दादरा और नगर हवेली
|
78
|
|
32
|
अरुणाचल प्रदेश
|
32
|
|
33
|
अंडमान व नोकोबार द्वीप समूह
|
31
|
|
34
|
सिक्किम
|
14
|
|
35
|
लक्षद्वीप
|
9
|
|
36
|
नगालैंड
|
9
|
|
|
कुल
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14,39,224
|
यह जानकारी भारी उद्योग राज्य मंत्री श्री भूपतिराजू श्रीनिवास वर्मा ने आज लोकसभा में लिखित उत्तर में दी।
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पीके/केसी/जीके/डीए
(रिलीज़ आईडी: 2225984)
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