भारी उद्योग मंत्रालय
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इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने की घटनाएं

प्रविष्टि तिथि: 10 FEB 2026 4:30PM by PIB Delhi

सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों से जुड़ी आग की घटनाओं से अवगत है। हालांकि देश भर में बैटरी में आग लगने की घटनाओं का विशिष्ट, केंद्रीकृत डेटा उपलब्ध नहीं है, फिर भी सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच) ने सड़क दुर्घटनाओं की निगरानी के लिए ईडीएआर (इलेक्ट्रॉनिक विस्तृत दुर्घटना रिपोर्ट) पोर्टल शुरू किया है। ईडीएआर पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इसमें 14.11.2022 से मोटर चालित इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए एक समर्पित क्षेत्र शामिल किया गया है। पिछले तीन वर्षों में विभिन्न राज्यों में इलेक्ट्रिक वाहनों से जुड़ी कुल 23,865 दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं। इसे नीचे दी गई तालिका में विस्तार से बताया गया है। इनमें से इसी अवधि के दौरान विभिन्न राज्यों में इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने की 26 घटनाएं दर्ज की गई हैं। इसे भी नीचे दर्शाया गया है।

क्रम संख्या

वर्ष

इलेक्ट्रिक वाहनों से जुड़े हादसों की संख्या

इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने से संबंधित दुर्घटनाओं की संख्या

1

2023

5,594

8

2

2024

7,817

9

3

2025

10,454

9

 

कुल

23,865

26

इन घटनाओं के मूल कारणों का पता लगाने के लिए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन, भारतीय विज्ञान संस्थान  बेंगलुरु और नौसेना विज्ञान और प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला विशाखापत्तनम के स्वतंत्र विशेषज्ञों की एक जांच टीम का गठन किया। इस समिति और विशेषज्ञों की की समिति की सिफारिशों के आधार पर सरकार ने निम्नलिखित परिणाम लागू किए:

सुरक्षा मानक संशोधन: सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने इलेक्ट्रिक वाहनों में बैटरी और उसके घटकों, साथ ही बीएमएस और संबंधित प्रणालियों के लिए सुरक्षा मानकों के निर्माण का सुझाव देने के लिए विशेषज्ञों की एक समिति का गठन किया था। समिति की सिफारिश के आधार पर मंत्रालय ने एस.ओ. 4567 (ई) दिनांक 28.09.2022 के माध्यम से ऑटोमोटिव उद्योग मानकों, एआईएस:156 [एल (चार पहियों से कम मोटर वाहन और क्वाड्रीसाइकिल) श्रेणी के इलेक्ट्रिक पावर ट्रेन वाहनों के लिए विशिष्ट आवश्यकताएं] और एआईएस:038 (संशोधन 2) [एम श्रेणी (यात्री परिवहन के लिए उपयोग किए जाने वाले कम से कम चार पहियों वाले मोटर वाहन) के लिए विशिष्ट आवश्यकताएं] में संशोधन किया है।

एन श्रेणी (माल परिवहन के लिए प्रयुक्त कम से कम चार पहियों वाला मोटर वाहन) इलेक्ट्रिक-चालित वाहनों के लिए विशिष्ट आवश्यकताएं] में संशोधन किया गया है, ताकि एल, एम और एन श्रेणी के विद्युत शक्ति-चालित वाहनों की कर्षण बैटरी के लिए तकनीकी आवश्यकताएं निर्धारित की जा सकें। उक्त संशोधन 01.12.2022 से प्रभावी हैं।

उत्पादन अनुरूपता (सीओपी): विद्युत संसाधन और परिवहन मंत्रालय (एमओआर) ने दिनांक 19.12.2022 को जी.एस.आर 888(ई) के माध्यम से अधिसूचना जारी कर सभी श्रेणियों के इलेक्ट्रिक वाहनों, इनमें क्वाड्रीसाइकिल, ई-रिक्शा, दोपहिया और चारपहिया वाहन शामिल हैं के लिए उत्पादन अनुरूपता (सीओपी) की आवश्यकताओं का उल्लेख किया था।

सरकार का देश में इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण या उपयोग को रोकने का कोई प्रस्ताव या इरादा नहीं है। उत्पादन रोकने के बजाय, सरकार की रणनीति अधिक कठोर परीक्षण मानकों और नियामक निगरानी के माध्यम से सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करना है, साथ ही ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटाने के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देना जारी रखना है।

यह जानकारी भारी उद्योग राज्य मंत्री श्री भूपतिराजू श्रीनिवास वर्मा ने आज लोकसभा में लिखित उत्तर में दी।

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पीके/ केसी/ एसके / डीए


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