संस्‍कृति मंत्रालय
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भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण और भारतीय राष्ट्रीय कला एवं सांस्कृतिक विरासत ट्रस्ट द्वारा विरासत संरक्षण परियोजनाएं

प्रविष्टि तिथि: 12 FEB 2026 1:50PM by PIB Delhi

केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने आज राज्यसभा में लिखित उत्तर बताया कि देश भर में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के अधीन 3 हजार 686 केंद्रीय संरक्षित स्मारक/स्थल हैं। इनके संरक्षण एवं रखरखाव की नियमित प्रक्रिया है जो राष्ट्रीय संरक्षण नीति के अनुसार स्मारक/स्थलों की आवश्यकता और संसाधनों की उपलब्धता के अनुसार की जाती है। पिछले तीन वर्षों के दौरान इन स्मारक/स्थलों के लिए आवंटित राशि और व्यय का विवरण निम्नानुसार है:

(राशि करोड़ों रुपये में)

क्रम संख्या

वर्ष

आवंटन

व्यय

1.

2022-23

392.71

391.93

2.

2023-24

443.53

443.53

3.

2024-25

313.43

313.04

 

भारतीय राष्ट्रीय कला एवं सांस्कृतिक विरासत ट्रस्ट (इंटैक) से प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले तीन वर्ष के दौरान उसके द्वारा विरासत संरक्षण परियोजनाओं का विवरण अनुलग्नक-I में संलग्न है।

विरासत संरचनाओं के जीर्णोद्धार के लिए निजी संस्थाओं के साथ सहयोग का प्रावधान भारत में संस्कृति, कला और विरासत संरक्षण के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी को बढ़ावा वाले ट्रस्ट राष्ट्रीय संस्कृति कोष (एनसीएफ) के अंतर्गत है।

केन्द्रीय संस्कृति मंत्रालय के अधीन यह ट्रस्ट, दाता/प्रायोजक संस्थानों को भारत की समृद्ध मूर्त और अमूर्त संस्कृति और विरासत (स्मारकों/सांस्कृतिक परंपराओं) के संरक्षण, पुनर्स्थापन, संवर्धन और विकास में सरकार के साथ सीधे भागीदारी में सहायता प्रदान करने के वित्तपोषण तंत्र के रूप में कार्य करता है।

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण- एएसआई, पारंपरिक पद्धति के उपयोग से विरासत संरचनाओं की प्रामाणिकता और पूर्णता को ध्यान में रखते हुए विरासत संरक्षण करता है, ताकि इसे भव्यता प्रदान की जा सके। एएसआई स्थानीय कारीगरों को विरासत संरक्षण में शामिल करता है, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलता है।

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पीके/केसी/एकेवी/केएस


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