पर्यटन मंत्रालय
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प्रसाद योजना से तीर्थ स्थलों का प्रबंधन

प्रविष्टि तिथि: 12 FEB 2026 3:02PM by PIB Delhi

पर्यटन मंत्रालय “तीर्थयात्रा पुनरुद्धार एवं आध्यात्मिक एवं विरासत संवर्धन अभियान” (प्रशासित) के अंतर्गत देश भर में चिन्हित धार्मिक एवं विरासत स्थलों पर पर्यटन अवसंरचना के विकास के लिए राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को वित्तीय सहायता प्रदान करता है। वर्ष 2025 के दौरान, प्रशासित योजना के अंतर्गत कुल 7 परियोजनाओं को स्वीकृत किया गया इनका विवरण अनुलग्नक में दिया गया है।

प्रसाद योजना के अंतर्गत परियोजना नियोजन में वहन क्षमता और भीड़-प्रवाह मापदंड अभिन्न अंग हैं। योजना के दिशानिर्देशों के अनुसार, तीर्थयात्रा स्थलों का चयन करते समय तीर्थयात्रियों की भीड़ को प्रबंधित करने के लिए उस स्थल की तैयारियों की क्षमता को ध्यान में रखा जाता है।

सुरक्षा, स्वच्छता और पहुंच सम्‍बंधी कमियों को दूर करने के लिए, प्रसाद परियोजनाओं के तहत प्रमुख हस्तक्षेपों को मंजूरी दी गई हैइसमें तीर्थयात्रियों के लिए सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करने के लिए पैदल पथों का विकास, प्रकाश व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, ​​पेयजल सुविधाएं, शौचालय, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली, अग्निशमन, अग्नि अलार्म, साइनेज आदि शामिल हैं।

सम्‍बंधित राज्य सरकार/केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार, स्थानीय निकायों और अन्य हितधारकों के परामर्श से परियोजनाओं के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करता है। प्रसाद योजना के तहत स्वीकृत परियोजनाओं का कार्यान्वयन सम्‍बंधित राज्य/केंद्र शासित प्रदेश सरकार द्वारा किया जाता है। योजना के तहत वित्तपोषण का स्वरूप यह निर्धारित करता है कि परियोजना की पांचवीं किस्त, यानी परियोजना लागत का 5 प्रतिशत, सफल संचालन और रखरखाव के बाद जारी की जाती है। इसके अलावा, निर्मित अवसंरचना को सम्‍बंधित राज्य सरकार/केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन के माध्यम से संबंधित मंदिर/धार्मिक ट्रस्टों को सौंप दिया जाता है।

प्रसाद योजना के तहत निर्मित महत्वपूर्ण सुविधाएं जैसे कि मार्ग, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, शौचालय और स्थलों पर पहुंच की व्यवस्था स्थानीय अधिकारियों को तीर्थयात्रियों की आवाजाही का प्रबंधन करने और अधिक भीड़भाड़ वाले समय में आवश्यक सेवाएं प्रदान करने में मदद करती हैं।

केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने आज राज्यसभा में लिखित प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी।

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वर्ष 2025 में प्रसाद योजना के तहत स्वीकृत परियोजनाओं की सूची

क्रम संख्‍या

राज्य/केंद्र शासित प्रदेश

परियोजना का नाम

स्वीकृत वर्ष

स्वीकृत लागत

(करोड़ रुपये में)

1

बिहार

अंबिका भवानी मंदिर, सारण का विकास

मार्च 2025

13.29

2

कर्नाटक

रेणुका यल्लमा देवी मंदिर का विकास

मार्च 2025

18.37

3

कर्नाटक

बीदर जिले के पापनाश मंदिर में बुनियादी सुविधाओं का विकास

मार्च 2025

22.25

4

मिजोरम

चम्फाई जिले के वांगछिया में प्रसाद योजना के अंतर्गत बुनियादी सुविधाओं का विकास

मार्च 2025

5.47

5

पुदुचेरी

श्री धरबरन्येश्वर मंदिर के लिए तीर्थयात्रा सुविधाओं और पर्यटन स्थलों का विकास

मार्च 2025

25.94

6

तमिलनाडु

8 नवग्रह मंदिरों का विकास

मार्च 2025

40.94

7

तेलंगाना

देवी रेणुका येललामा देवस्थानम में बुनियादी सुविधाओं का विकास

मार्च 2025

4.22

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पीके/केसी/वीके/केके


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