पर्यटन मंत्रालय
जैन पर्यटन सर्किट का विकास
प्रविष्टि तिथि:
12 FEB 2026 3:06PM by PIB Delhi
यद्यपि पर्यटन का विकास और प्रचार-प्रसार तथा पर्यटन स्थलों की पहचान मुख्य रूप से संबंधित राज्य सरकार/केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन द्वारा की जाती है, फिर भी पर्यटन मंत्रालय अपनी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से देश में पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास और पर्यटन अनुभवों को बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेश प्रशासनों को वित्तीय सहायता प्रदान करता है। यह सहायता उनके द्वारा प्राप्त परियोजना प्रस्तावों के आधार पर दी जाती है, जो योजना के दिशा-निर्देशों, सरकारी निर्देशों, धन की उपलब्धता और उनकी परस्पर प्राथमिकता के अनुरूप होते हैं।
मंत्रालय ने वर्ष 2014-15 में अपनी स्वदेश दर्शन योजना (सेंट्रल सेक्टर स्कीम) शुरू की थी और विभिन्न पहचाने गए विषयगत सर्किट के तहत ₹5290.33 करोड़ की 76 परियोजनाओं को मंजूरी दी थी। हेरिटेज सर्किट और तीर्थंकर (जैन) सर्किट, स्वदेश दर्शन योजना (एसडीएस) के तहत पहचाने गए विषयगत सर्किटों में से एक हैं। इसके अलावा, पर्यटन मंत्रालय ने 2016-17 में बिहार में तीर्थंकर (जैन) सर्किट के तहत ₹33.96 करोड़ की लागत से ‘वैशाली–आरा–मसाद–पटना–राजगीर–पावापुरी–चम्पापुरी’ के विकास के लिए एक परियोजना स्वीकृत की थी और यह परियोजना फिजिकली रूप से पूर्ण बताई गई है।
पर्यटन मंत्रालय ने अब इस योजना को स्वदेश दर्शन 2.0 के रूप में पुनर्गठित किया है, जिसका मुख्य ध्यान डेस्टिनेशन डेवलपमेंट पर है। इसके तहत मंत्रालय ने 53 परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इसके अतिरिक्त, मंत्रालय ने स्वदेश दर्शन की ही एक सब-स्कीम, चैलेंज बेस्ड डेस्टिनेशन डेवलपमेंट (सीबीडीडी) के तहत 38 परियोजनाओं को भी स्वीकृति दी है। एसडी2.0 और सीबीडीडी के तहत स्वीकृत ये परियोजनाएं पर्यटन के कई पहलुओं को कवर करती हैं, जिनमें भारतीय विरासत से संबंधित पहलू भी शामिल हैं।
योजना के तहत परियोजना प्रस्ताव प्राप्त करना प्रक्रिया का एक हिस्सा है। वर्तमान में, देश में उपर्युक्त योजनाओं के तहत जैन सर्किट के विकास के लिए कोई भी प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
पर्यटन मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, स्वदेश दर्शन योजना (एसडी), स्वदेश दर्शन 2.0 (एसडी 2.0) और सीबीडीडी के तहत स्वीकृत प्रमुख परियोजनाओं का विवरण अनुलग्नक में दिया गया है।
मंत्रालय अपनी निरंतर चलने वाली प्रचार गतिविधियों के हिस्से के रूप में अपनी वेबसाइट, सोशल मीडिया गतिविधियों, कार्यक्रमों आदि के माध्यम से जैन पर्यटन से संबंधित स्थलों सहित देश के विभिन्न पर्यटन स्थलों और उत्पादों का समग्र रूप से प्रचार-प्रसार करता है।
यह जानकारी आज राज्यसभा में केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखवत द्वारा एक लिखित उत्तर में दी गई।
अनुलग्नक देखने के लिए यहां क्लिक करें।
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पीके/केसी/डीवी
(रिलीज़ आईडी: 2227275)
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