महिला एवं बाल विकास मंत्रालय
मिशन पोषण 2.0 के तहत बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने, आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की क्षमता निर्माण करने और परिणामों में सुधार लाने के लिए विभिन्न कदम उठाए गए
प्रविष्टि तिथि:
13 FEB 2026 3:02PM by PIB Delhi
मंत्रालय ने मार्च 2021 में मिशन पोषण 2.0 के तहत सभी आंगनवाड़ी केंद्रों (एडब्ल्यूसी), आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं (एडब्ल्यूडब्ल्यू) और लाभार्थियों की निगरानी और ट्रैकिंग के लिए एक अहम प्रशासनिक उपकरण के रूप में 'पोषण ट्रैकर' एप्लिकेशन की शुरूआत की है। इससे एडब्ल्यूसी का खुलना, बच्चों की दैनिक उपस्थिति, ईसीसीई गतिविधियां, बच्चों के विकास की निगरानी, गर्म पका हुआ भोजन (एचसीएम) और घर ले जाने वाला राशन (टीएचआर) का प्रावधान, वृद्धि मापन आदि जैसी आंगनवाड़ी सेवाओं के लिए लगभग वास्तविक समय में डेटा संग्रह की सुविधा मिली है। पोषण ट्रैकर ऐप ने मंत्रालय को विभिन्न मापदंडों पर योजना के कार्यान्वयन की समीक्षा करने और आवश्यक सुधार करने में सक्षम बनाया है। सेवा वितरण की अंतिम मील ट्रैकिंग के लिए, पोषण ट्रैकर ऐप में चेहरे की पहचान प्रणाली (एफआरएस) शुरू की गई है, ताकि घर ले जाने वाले राशन के वितरण को सुनिश्चित किया जा सके और यह देखा जा सके कि लाभ केवल पोषण ट्रैकर में पंजीकृत लक्षित लाभार्थी को ही मिले। तमिलनाडु राज्य सहित सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पंजीकृत लाभार्थियों का विवरण, आंगनवाड़ी केंद्रों (एडब्ल्यूसी) में प्रदान की जाने वाली सेवाएं और पूरक पोषण वितरण से संबंधित जानकारी पोषण ट्रैकर डैशबोर्ड https://www.poshantracker.in/statistics पर उपलब्ध है। कार्यक्रम के अंतर्गत पूरक पोषण या संबंधित सेवाओं के वितरण में कोई कमी या देरी नहीं हुई है।
बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने, आपूर्ति श्रृंखलाओं को मज़बूत करने, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का क्षमता निर्माण करने और मिशन पोषण 2.0 के तहत परिणामों में सुधार लाने के लिए उठाए गए कुछ कदम इस प्रकार हैं:
- मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 के तहत, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के साथ तालमेल बिठाते हुए, 5 वर्षों (2021 से 2026 तक) की अवधि में प्रति वर्ष 10,000 आंगनवाड़ी केंद्रों की दर से 50,000 आंगनवाड़ी केंद्रों के निर्माण का प्रावधान है। इसके अलावा, 2 फरवरी 2026 तक, कुल 1,00,333 आंगनवाड़ी केंद्रों को सक्षम आंगनवाड़ी केंद्रों में उन्नत किया जा चुका है।
- प्रधानमंत्री जनमन (प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महा अभियान) के तहत, देश भर में कुल 2500 आंगनवाड़ी केंद्रों के निर्माण को मंजूरी दी गई है। विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) के क्षेत्रों में कुल 178 एडब्ल्यूसी के निर्माण की मंजूरी दी गई है।
- जनजातीय मामलों के मंत्रालय द्वारा शुरू किए गए धरती आबा जनजाति ग्राम उन्नति अभियान (डीएजेजीयूए) का मकसद लगभग 63,843 गांवों में समन्वय, पहुंच और व्यापक पहुंच सुनिश्चित करना है। डीएजेजीयूए के तहत, 875 एडब्ल्यूसी के निर्माण की मंजूरी दी गई है, जिनमें से 639 एडब्ल्यूसी चालू हो चुके हैं और इनमें 34,936 लाभार्थी पंजीकृत हैं।
- पूरक पोषण वितरण में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए गुणवत्ता आश्वासन, कर्तव्य धारकों की भूमिका और उत्तरदायित्व, खरीद प्रक्रिया, आयुष अवधारणाओं का एकीकरण और पोषण ट्रैकर के माध्यम से डेटा प्रबंधन और निगरानी पर सरलीकृत दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। पूरक पोषण के अंतर्गत खाद्य पदार्थों की पोषण स्थिति और गुणवत्ता मानकों की निगरानी राज्य, जिला और ग्राम स्तर पर आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन में पारदर्शिता के साथ की जा रही है।
- पोषण भी पढ़ाई भी (पीबीपीबी) पहल के तहत, मंत्रालय राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के सभी अधिकारियों और फील्ड कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण के एक क्रमबद्ध मॉडल के ज़रिए प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है, जिसमें मास्टर प्रशिक्षकों (जिला अधिकारी, ब्लॉक समन्वयक और पर्यवेक्षक) को प्रशिक्षित किया जाता है और मास्टर प्रशिक्षक आगे फील्ड में सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करते हैं। 3 फरवरी 2026 तक, देश भर में 10,05,756 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है।
यह जानकारी महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के उत्तर में दी।
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पीके/केसी/एनएस/एसएस
(रिलीज़ आईडी: 2227600)
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