इलेक्ट्रानिक्स एवं आईटी मंत्रालय
इंडियाएआई मिशन ने 24 माह से भी कम समय में देश में एआई पारिस्थितिकी तंत्र के विकास के लिए एक आधार स्थापित किया
स्वदेशी आधारभूत मॉडल अथवा लार्ज लैंग्वेज मॉडल के विकास हेतु बारह टीमों को चुना गया
प्रविष्टि तिथि:
13 FEB 2026 5:10PM by PIB Delhi
भारत की एआई रणनीति प्रधानमंत्री के प्रौद्योगिकी के उपयोग के लोकतंत्रीकरण के विज़न पर आधारित है। इसका उद्देश्य भारत-केंद्रित चुनौतियों का समाधान करना तथा सभी भारतीयों के लिए आर्थिक एवं रोजगार के अवसर सृजित करना है।
इंडियाएआई मिशन:
मार्च 2024 में, भारत सरकार ने देश में समग्र एआई पारिस्थितिकी तंत्र के विकास के लिए 10,372 करोड़ रुपये की राशि के साथ इंडियाएआई मिशन शुरू किया। 24 माह से भी कम समय में, इंडियाएआई मिशन ने देश में एआई पारिस्थितिकी तंत्र के विकास के लिए एक आधार स्थापित कर दिया है:
- सामान्य कंप्यूट सुविधा के लिए 38 हजार से अधिक जीपीयू शामिल किए गए हैं, जिन्हें भारतीय स्टार्टअप्स और शैक्षणिक संस्थानों को किफायती दर पर प्रदान किया जा रहा है।
- स्वदेशी आधारभूत मॉडल या लार्ज लैंग्वेज मॉडल के विकास के लिए बारह टीमों को चुना किया गया है।
- भारत-विशिष्ट एआई एप्लीकेशंस विकसित करने के लिए तीस आवेदन स्वीकृत किए गए हैं।
- 8,000 से अधिक स्नातक, 5,000 स्नातकोत्तर और 500 पीएचडी छात्रों को प्रतिभा विकास के लिए समर्थन प्रदान किया जा रहा है।
- 27 इंडिया डेटा और एआई लैब स्थापित की गई हैं और 543 अतिरिक्त लैब की पहचान की गई है।
इंडियाएआई मिशन के अंतर्गत भारत के अपने आधारभूत मॉडल: इंडियाएआई इनोवेशन सेंटर (आधारभूत मॉडल) स्तंभ का उद्देश्य भारतीय डेटा सेट और भाषाओं पर प्रशिक्षित भारत के अपने बड़े मल्टीमॉडल मॉडल विकसित करना है, जिससे जेनेरेटिव एआई में संप्रभु क्षमता और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता सुनिश्चित की जा सके।
- बारह संगठन और संघ, जिनमें स्टार्टअप्स, उद्योग के खिलाड़ी और शैक्षणिक संस्थान शामिल हैं।
- इनमें सर्वम् एआई, सोकेट एआई, ज्ञानी एआई, जीएएन एआई, अवतार एआई, आईआईटी बॉम्बे कंसोर्टियम (भारतजॅन), जॅनलूप, ज़ेंटीक, इंटेलीहेल्थ, शोध एआई, फ्रैक्टल एनालिटिक्स लिमिटेड और टेक महिंद्रा मेकर्स लैब शामिल हैं, जिन्हें भारतीय डेटा सेट पर आधारित बड़े और छोटे लैंग्वेज मॉडल विकसित करने के लिए चुना गया है।
- इसके परिणामस्वरूप विकसित एआई मॉडल ओपन-सोर्स पारिस्थितिकी तंत्र में योगदान देंगे और सरकारी संस्थानों द्वारा उपयोग के लिए उपलब्ध होंगे, साथ ही भारत के स्टार्टअप और शोध समुदाय में नवाचार को समर्थन भी प्रदान करेंगे।
- चयनित संगठनों को वास्तविक कंप्यूट उपयोग लागत को कवर करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है, जबकि अतिरिक्त 25% कंप्यूट खर्च को सहायक व्यय जैसे डेटा सेट और कर्मियों के समर्थन के लिए आरक्षित किया जा रहा है। प्रदान किए गए समर्थन का विवरण परिशिष्ट I में दिया गया है।
भारत सरकार ने इंडियाएआई मिशन के तहत एआई कंप्यूट अवसंरचना के लिए समग्र और स्थायी विकास उन्मुख दृष्टिकोण अपनाया है।
इंडिया एआई कंप्यूट स्तंभ साझा राष्ट्रीय एआई कंप्यूट अवसंरचना मॉडल के माध्यम से स्थायित्व को बढ़ावा देता है, जो खंडित और दोहराए जाने वाले क्षमता निर्माण से बचता है और उच्च-प्रदर्शन कंप्यूट संसाधनों के अनुकूलतम उपयोग को सक्षम बनाता है।
इस संदर्भ में सरकार द्वारा की गई प्रमुख पहलें निम्नलिखित हैं:
- इंडियाएआई मिशन के ‘सेफ एंड ट्रस्टेड एआई’ स्तंभ के तहत पूर्वाग्रह कम करना, मशीन अनलर्निंग, गोपनीयता-संरक्षण आर्किटैक्चर्स, एल्गोरिदम ऑडिटिंग टूल, डीपफेक पहचान, जोखिम मूल्यांकन प्रोटोकॉल और नैतिक एआई फ्रेमवर्क पर ध्यान केंद्रित किया गया है, जिससे सुरक्षित और विश्वसनीय एआई को गति दी जा सके। इस स्तंभ के तहत जिम्मेदार एआई एडॉप्शन को सुदृढ़ करने के लिए 13 परियोजनाओं का चयन किया गया है।
- एआई आधारभूत मॉडल्स स्तंभ स्वदेशी आधारभूत मॉडल, जिसमें बड़े लैंग्वेज और मल्टीमॉडल मॉडल शामिल हैं, के विकास का समर्थन करता है, जो भारत की भाषाई, सांस्कृतिक और सामाजिक-आर्थिक विविधता के अनुरूप हैं।
- एआई कोश भारत आधारित डेटा सेट्स तक नियंत्रित और सुरक्षित पहुँच सक्षम करता है, जिससे डेटा गवर्नेंस, गोपनीयता संरक्षण और जिम्मेदार डेटा उपयोग को समर्थन मिलता है।
- इंडिया एआई गवर्नेंस गाइडलाइंस:
- इंडिया एआई गवर्नेंस गाइडलाइंस एक राष्ट्रीय ढांचा स्थापित करती हैं, जिससे भारत में एआई सिस्टम सुरक्षित, विश्वसनीय, मानव-केंद्रित और समावेशी हों, साथ ही नवाचार और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना जारी रखा जा सके।
- ये गाइडलाइंस सात मुख्य सिद्धांतों (सूत्रों) पर आधारित हैं, जिनमें भरोसा, सबसे पहले लोग, प्रतिबंध से अधिक नवाचार, न्याय और समानता, जवाबदेही, डिज़ाइन द्वारा समझने योग्य तथा सुरक्षा, लचीलापन और स्थायित्व शामिल हैं।
- उच्च-जोखिम वाले एआई उपयोग मामलों के लिए अनुपातिक सुरक्षा उपायों, जिनमें एल्गोरिदमिक पूर्वाग्रह, गलत जानकारी, डीपफेक और अनपेक्षित सामाजिक हानि को संबोधित करने के उपाय भी शामिल हैं, के साथ जोखिम-आधारित शासन दृष्टिकोण की सिफारिश की गई है।
- यह ढांचा एआई गवर्नेंस ग्रुप, टेक्नोलॉजी एवं पॉलिसी विशेषज्ञ समिति, और एआई सेफ्टी इंस्टिट्यूट जैसे निकायों की स्थापना के ज़रिए संस्थागत तंत्रों को सुदृढ़ करने का प्रस्ताव करता है, जिससे निगरानी, मानक और सुरक्षा अनुसंधान में मार्गदर्शन प्रदान किया जा सके।
- डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 डेटा गोपनीयता और संरक्षण के लिए एक मजबूत कानूनी ढांचा प्रदान करता है, जो डेटा फिडुशियरीज पर दायित्व लगाता है और एआई एप्लीकेशंस में उपयोग किए जाने वाले व्यक्तिगत डेटा की कानूनी, न्यायसंगत और सुरक्षित प्रोसैसिंग को सुनिश्चित करता है।
- भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया दल (सीईआरटी-इन): भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया दल (सीईआरटी-इन) द्वारा जारी दिशा-निर्देश एआई उपकरणों के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग के लिए विशेष सुरक्षा उपाय प्रदान करते हैं:
- मई 2023 में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित एप्लीकेशंस से उत्पन्न विरोधी खतरों को न्यूनतम करने के लिए उठाए जाने वाले सुरक्षा उपायों पर एक परामर्श जारी किया गया था।
- सीईआरटी-इन और एसआईएसए द्वारा सितंबर 2024 में सर्टिफाइड सिक्योरिटी प्रोफेश्नल इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (सीएसपीएआई) कार्यक्रम लॉन्च किया गया।
- मार्च 2025 में जेनेरेटिव एआई समाधानों के प्रभावी और जिम्मेदार उपयोग के लिए सर्वोत्तम पद्धतियों पर एक परामर्श जारी किया गया।
- सीएसपीएआई कार्यक्रम साइबर सुरक्षा पेशेवरों को एआई सिस्टम की सुरक्षा करने, एआई-संबंधित खतरों को सक्रिय रूप से संबोधित करने, और व्यावसायिक वातावरण में विश्वसनीय एआई तैनाती सुनिश्चित करने के कौशल प्रदान करता है।
- सीईआरटी-इन ने फरवरी 2025 में एएनएसएसआई की रिपोर्ट “बिल्डिंग ट्रस्ट इन एआई थ्रू अ साइबररिस्क-बेस्ड अप्रोच” पर सह-हस्ताक्षर किए, जिसमें एआई सिस्टम और मूल्य श्रृंखलाओं की सुरक्षा के लिए जोखिम-आधारित ढांचे की वकालत की गई और भरोसेमंद विकास के लिए एआई-संबंधित साइबर जोखिमों को कम करने पर वैश्विक संवाद की आवश्यकता जताई गई।
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परिशिष्ट I
इंडिया एआई इनोवेशन सेंटर (आधारभूत मॉडल्स) स्तंभ के तहत चुने गए संगठनों को प्रदान किया गया समर्थन
|
क्रम संख्या
|
संगठन का नाम
|
कंप्यूट समर्थन का मूल्य (करोड़ में)
|
गैर-कंप्यूट लागत (करोड़ में)
|
कुल लागत (करोड़ में)
|
|
1
|
सर्वम
|
₹246.72
|
₹0.00
|
246.72
|
|
2
|
ज्ञानी
|
₹177.27
|
₹0.00
|
177.27
|
|
3
|
जीएएन एआई
|
₹88.02
|
₹22.01
|
110.03
|
|
4
|
सॉकेट एआई
|
₹162.47
|
₹14.61
|
177.08
|
|
5
|
अवतार एआई
|
₹12.88
|
₹3.22
|
16.10
|
|
6
|
भारतजॅन
|
₹990.92
|
₹67.60
|
1,058.52
|
|
7
|
फ्रैक्टल
|
₹137.91
|
₹0.00
|
137.91
|
|
8
|
टैक महिन्द्रा
|
₹2.66
|
₹0.00
|
2.66
|
|
9
|
ज़ॅनटीक
|
₹165.19
|
₹41.30
|
206.49
|
|
10
|
जॅनलूप
|
₹2.09
|
₹0.52
|
2.61
|
|
11
|
इंटेलिहैल्थ
|
₹41.50
|
₹8.00
|
49.50
|
|
12
|
शोध एआई
|
₹7.52
|
₹1.88
|
9.40
|
यह जानकारी इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद द्वारा 13.02.2026 को राज्यसभा में प्रस्तुत की गई।
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पीके/केसी/पीके / डीए
(रिलीज़ आईडी: 2227941)
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