उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय
खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग द्वारा इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के एआई-संचालित परिवर्तन का प्रदर्शन किया
भारत मंडपम में यह प्रदर्शनी 17 से 19 फरवरी 2026 तक आम जनता के लिए खुली रहेगी
प्रविष्टि तिथि:
17 FEB 2026 7:26PM by PIB Delhi
भारत सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग (डीएफपीडी) ने आज नई दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में आयोजित इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट एंड एक्सपो 2026 में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को बदलने वाले एआई-सक्षम और डिजिटल नवाचारों की एक श्रृंखला का प्रदर्शन किया।
"सार्वजनिक वितरण के लिए एआई-सक्षम नवाचार" पर प्रदर्शनी मंडप का आयोजन खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग, उपभोक्ता कार्य, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय तथा विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) के सहयोग से संयुक्त रूप से किया गया है।
इस मंडप का उद्घाटन खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग के सचिव श्री संजीव चोपड़ा ने भारत में संयुक्त राष्ट्र के स्थानीय समन्वयक श्री स्टीफन प्रीसनर और डब्ल्यूएफपी इंडिया की कंट्री डायरेक्टर और प्रतिनिधि सुश्री एलिजाबेथ फॉरे के साथ-साथ भारत सरकार और सहयोगी संगठनों के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में किया।
आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) की संपूर्ण श्रृंखला में त्वरित प्रतिक्रिया को सक्षम बनाना
शिखर सम्मेलन में श्री संजीव चोपड़ा ने कहा कि विभाग इस क्षेत्र में पारदर्शिता सुनिश्चित करने से आगे बढ़कर परिचालन में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) के एकीकरण के माध्यम से त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने की दिशा में अग्रसर है।
उन्होंने बताया कि खाद्यान्न की खरीद, भंडारण और परिवहन से लेकर वितरण और राज्यों द्वारा उठाए गए खाद्य सब्सिडी दावों के निपटान तक, संपूर्ण पीडीएस श्रृंखला में एआई हस्तक्षेपों को शामिल किया गया है। एआई-संचालित प्रणालियाँ दक्षता बढ़ा रही हैं, जवाबदेही में सुधार कर रही हैं और वास्तविक समय में निर्णय लेने में सक्षम बना रही हैं।
श्री चोपड़ा ने आगे कहा कि कम समय में ठोस परिणाम देखना संतोषजनक है। एआई के उपयोग से विभाग को राज्यों को खाद्य सब्सिडी अधिक कुशलता से वितरित करने और लगभग 8 करोड़ लाभार्थियों को प्रति माह अधिक पारदर्शी, त्वरित और प्रभावी तरीके से सेवा प्रदान करने में मदद मिल रही है।
भारत-डब्ल्यूएफपी साझेदारी: खाद्य सुरक्षा में नवाचार को बढ़ावा देना
विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) इंडिया की कंट्री डायरेक्टर और प्रतिनिधि सुश्री एलिजाबेथ फॉरे ने डब्ल्यूएफपी और खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के बीच मजबूत और दीर्घकालिक सहयोग पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि दो दशकों से अधिक समय से चली आ रही यह साझेदारी लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने और भारत सरकार की प्रमुख योजनाओं, विशेष रूप से सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत करने पर केंद्रित है।

प्रदर्शनी में प्रदर्शित नवाचारों में शामिल हैं:
- अनाज एटीएम, जो पूरी तरह से डिजिटल और एआई-सक्षम प्रणालियों के माध्यम से लाभार्थियों को खाद्यान्न की त्वरित और सटीक डिलीवरी प्रदान करते हैं।
- स्मार्ट वेयरहाउस समाधान, जो खाद्य पदार्थों की बर्बादी को रोकने और भंडारण क्षमता में सुधार करने के लिए सेंसर-आधारित तकनीकों से लैस हैं, जिससे खाद्य पदार्थों की उपलब्धता और पहुंच में वृद्धि होती है।
- रूट ऑप्टिमाइजेशन फंक्शन, जो सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के अंतर्गत परिवहन को सुव्यवस्थित करता है, परिचालन लागत में बचत करता है और अधिक कुशल लॉजिस्टिक्स योजना के माध्यम से कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने में योगदान देता है।
सुश्री फॉरे ने यह भी बताया कि पोषण संबंधी कमियों को दूर करने के उद्देश्य से अभिनव समाधानों को प्रोत्साहित करने के लिए एक हैकाथॉन शुरू किया गया है। इस पहल के तहत तीन उभरते स्टार्टअप शिखर सम्मेलन में अपने समाधान प्रस्तुत कर रहे हैं।




प्रदर्शनी की मुख्य विशेषताएं
स्मार्ट पीडीएस:
एकीकृत राष्ट्रीय डिजिटल प्रणाली जो राशन कार्ड प्रबंधन, आवंटन, खरीद, भंडारण, परिवहन, उचित मूल्य दुकान संचालन, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण और शिकायत निवारण को एकीकृत करती है। रीयल-टाइम एनालिटिक्स डैशबोर्ड केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर डेटा-आधारित नीतिगत निर्णय लेने में सक्षम बनाते हैं।
अन्न चक्र:
एआई-आधारित आवागमन नियोजन प्रणाली जो मांग, स्टॉक उपलब्धता और लॉजिस्टिक्स मार्गों का विश्लेषण करके खाद्यान्न परिवहन को अनुकूलित करती है, जिससे लागत और पारगमन समय कम होता है और आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती बढ़ती है।
डिपो दर्पण:
एक स्मार्ट वेयरहाउसिंग निगरानी मंच जो संरचित निरीक्षण और प्रौद्योगिकी-सक्षम निगरानी के माध्यम से बेहतर बुनियादी ढांचा प्रबंधन, स्वच्छता मानकों और भंडारण सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
स्वचालित अनाज विश्लेषक:
डिजिटल गुणवत्ता परीक्षण प्रणाली जो खरीद कार्यों में गति, पारदर्शिता और निष्पक्षता बढ़ाती है, जिससे किसानों का विश्वास बढ़ता है।
नागरिक-केंद्रित डिजिटल प्लेटफॉर्म:
आशा (अन्न सहायता समग्र समाधान): बहुभाषी शिकायत निवारण और नागरिक प्रतिक्रिया प्रणाली।
स्कैन: बुद्धिमान दस्तावेज़ प्रसंस्करण प्लेटफॉर्म जो सब्सिडी दावों के निपटान को तेज़ और अधिक पारदर्शी बनाता है।
अन्नपूर्ति अनाज एटीएम: स्वचालित वितरण मशीनें जो बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के बाद सटीक, सम्मानजनक और प्रौद्योगिकी-सक्षम खाद्यान्न वितरण सुनिश्चित करती हैं।
गणमान्य व्यक्तियों ने प्रदर्शनी का निर्देशित भ्रमण भी किया, जिसमें एक आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस सक्षम रोबोटिक प्रणाली द्वारा लाइव प्रौद्योगिकी का प्रदर्शन शामिल था।
प्रदर्शनी 17 से 19 फरवरी 2026 तक सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक हॉल नंबर 5, प्रथम मंजिल, भारत मंडपम, प्रगति मैदान, नई दिल्ली में जनता के लिए खुली है।
यह पहल खाद्य सुरक्षा संरचना को मजबूत करने और राष्ट्रीय स्तर पर नागरिक-केंद्रित सार्वजनिक सेवा वितरण को बढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और डिजिटल प्रौद्योगिकियों का लाभ उठाने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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पीके/केसी/जेएस
(रिलीज़ आईडी: 2229329)
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