विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

वैज्ञानिकों ने एक नई कैथोड सामग्री की खोज की है जिससे ग्रिड स्टोरेज के लिए जिंक-आयन बैटरी बनाना संभव हो सकेगा

प्रविष्टि तिथि: 19 FEB 2026 3:44PM by PIB Delhi

सतत ऊर्जा भंडारण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में शोधकर्ताओं ने एक नवीन कैथोड सामग्री विकसित की है जो जलीय जिंक-आयन बैटरी (एजेडआईबी) के प्रदर्शन और स्थिरता को नाटकीय रूप से बढ़ाती है।

जल-आधारित इलेक्ट्रोलाइट का उपयोग करने वाली जलीय जिंक-आयन बैटरियों को सौर और पवन जैसे अक्षय ऊर्जा स्रोतों से ऊर्जा भंडारण के लिए सुरक्षित, किफायती और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प माना जाता है। जिंक धातु उच्च सैद्धांतिक क्षमता, प्रचुर भंडार और एनोड के रूप में प्रत्यक्ष उपयोग की सुविधा प्रदान करती है। हालांकि, उच्च क्षमता वाले और लंबे समय तक चलने वाले कैथोड पदार्थों का विकास एक प्रमुख चुनौती बना हुआ है।

विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के एक स्वायत्त संस्थान- सेंटर फॉर नैनो एंड सॉफ्ट मैटर साइंसेज (सीईएनएस), बेंगलुरु के शोधकर्ताओं ने सल्फर रिक्ति-प्रेरित 1टी-फेज मोलिब्डेनम डाइसल्फाइड (1टी-एमओएस) का संश्लेषण किया है, एक ऐसा पदार्थ जो जिंक बैटरी को बड़े पैमाने पर ग्रिड भंडारण के लिए अधिक व्यवहार्य बना सकता है।

श्री गणेश महेंद्र, डॉ. राहुलदेब रॉय और डॉ. आशुतोष कुमार सिंह की टीम ने सल्फर की कमी वाले 1टी-फेज एमओएस नैनोफ्लेक्स का उत्पादन करने के लिए सावधानीपूर्वक नियंत्रित हाइड्रोथर्मल विधि का उपयोग किया।

इस धात्विक-चरण सामग्री में उच्च सतह क्षेत्र और बेहतर चालकता होती है, जो तीव्र विद्युत रासायनिक प्रतिक्रियाओं और अधिक आवेश भंडारण को सुगम बनाती है।

Description: https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image0017M67.png

चित्र: जिंक-आयन बैटरी के लिए अनुकूलित प्रदर्शन मापदंडों को दर्शाने वाला आरेख

शोधकर्ताओं के कार्य का एक महत्वपूर्ण पहलू विद्युत रासायनिक विभव सीमा को अनुकूलित करने के लिए एक व्यवस्थित अध्ययन था—वह वोल्टेज सीमा जिसके भीतर बैटरी स्थिर रूप से कार्य करती है। उन्होंने 0.2 से 1.3 वोल्ट (Zn²/Zn के सापेक्ष) को आदर्श परिचालन सीमा के रूप में पहचाना। यह अनुकूलन असाधारण प्रदर्शन मानकों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण था।

निर्मित जिंक-आयन बैटरी ने उल्लेखनीय चक्रीय स्थिरता प्रदर्शित की, और 1 A g¹ की उच्च धारा घनत्व पर 500 निरंतर चार्ज-डिस्चार्ज चक्रों के बाद भी अपनी प्रारंभिक क्षमता का 97.91 प्रतिशत बरकरार रखा। इस उपकरण ने 99.7 प्रतिशत की कूलॉम्बिक दक्षता प्रदर्शित की, जो न्यूनतम दुष्प्रभाव के साथ जिंक-आयन के अत्यधिक प्रतिवर्ती सम्मिलन और निष्कर्षण को दर्शाती है। शोध दल ने इसका उपयोग एक कॉइन-सेल प्रोटोटाइप का उपयोग करके एक वाणिज्यिक एलसीडी टाइमर को सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए किया, जिससे वास्तविक दुनिया के अनुप्रयोगों में इस सामग्री की क्षमता का प्रदर्शन हुआ।

अमेरिकन केमिकल सोसाइटी (एसीएस) पब्लिशर्स के अंतर्गत प्रकाशित जर्नल ऑफ एनर्जी एंड फ्यूल्स में प्रकाशित शोध कार्य में उच्च-प्रदर्शन वाले कैथोड सामग्रियों के डिजाइन के लिए एक व्यापक कार्य योजना है।

इस सफलता से हमें किफायती, सुरक्षित और कुशल बैटरी बनाने में मदद मिल सकती है जो ग्रिड पर अक्षय ऊर्जा की भारी मात्रा का भंडारण कर सकती हैं।

प्रकाशन विवरण (डीओआई): 10.1021/acs.energyfuels.5c05072

*****

पीके/केसी/एके/एसएस


(रिलीज़ आईडी: 2230557) आगंतुक पटल : 157
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English , Urdu