प्रधानमंत्री कार्यालय
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने संस्कृत सुभाषितम में ज्ञान साझा करने की शाश्वत पूर्णता पर विचार व्यक्त किये
प्रविष्टि तिथि:
20 FEB 2026 9:29AM by PIB Delhi
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस बात पर विचार व्यक्त किया है कि असीम ज्ञान साझा किए जाने या विस्तारित होने पर भी अपनी पूर्णता को बरकरार रखते हुए अप्रभावित रहता है।
श्री मोदी ने कहा कि मौजूदा ज्ञान से सीखना और नए परिणाम उत्पन्न करना अनंत नई संभावनाओं और नवाचारों को जन्म देता है, जबकि मूल बुद्धिमत्ता वही रहती है।
प्रधानमंत्री ने ईशा उपनिषद के शाश्वत ज्ञान का आह्वान करते हुए पवित्र संस्कृत श्लोक का उद्धरण दिया:
“पूर्णमदः पूर्णमिदं पूर्णात् पूर्णमुदच्यते।
पूर्णस्य पूर्णमादाय पूर्णमेवावशिष्यते॥”
पीके/केसी/जेके/जीआरएस
(रिलीज़ आईडी: 2230597)
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