सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्‍वयन मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

राष्ट्रीय लेखा के 2022-23 श्रृंखला के लिए 'स्थिर मूल्य अनुमान उप-समिति' की रिपोर्ट जारी

प्रविष्टि तिथि: 20 FEB 2026 5:37PM by PIB Delhi

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय राष्ट्रीय लेखा के आधार वर्ष को वित्त वर्ष 2022-23 में संशोधित करने की प्रक्रिया में है। इस दिशा में, प्रो. बी.एन. गोल्डर की अध्यक्षता में राष्ट्रीय लेखा सांख्यिकी पर एक सलाहकार समिति (ए सी एन एस) का गठन किया गया था, ताकि नई श्रृंखला के लिए राष्ट्रीय लेखा सांख्यिकी के संकलन और प्रस्तुति के लिए नए डेटा स्रोतों सहित कार्यप्रणाली का सुझाव दिया जा सके। समिति ने वित्त वर्ष 2022-23 को नया आधार वर्ष निर्धारित किया और विशिष्ट विषय क्षेत्रों पर विस्तार से विचार-विमर्श करने के लिए पांच उप-समितियों का गठन किया।

  1. नए डेटा स्रोतों, दरों और अनुपातों को शामिल करने के लिए उप-समिति
  2. कार्यप्रणालीगत सुधारों के लिए उप-समिति
  3. स्थिर मूल्य अनुमानों के लिए उप-समिति
  4. क्षेत्रीय लेखा उप समिति
  5. एसएनए 2025 अपडेट के लिए उप-समिति

राष्ट्रीय लेखा प्रणाली की नई श्रृंखला (आधार: 2022-23) 27 फरवरी , 2026 को जारी होने वाली है । राष्ट्रीय लेखा प्रणाली में किए जा रहे परिवर्तनों के बारे में उपयोगकर्ताओं को सूचित करने के लिए मंत्रालय उप-समितियों की रिपोर्ट जारी कर रहा है। कार्यप्रणाली में सुधार संबंधी उप-समिति की रिपोर्ट 18 फरवरी, 2026 को जारी की गई थी और यह एमओएसपीआई  की आधिकारिक वेबसाइट ( www.mospi.gov.in ) पर उपलब्ध है।

अब स्थिर मूल्य अनुमानों के लिए गठित उप-समिति की रिपोर्ट जारी की जा रही है। यह रिपोर्ट राष्ट्रीय लेखा के उत्पादन पक्ष और व्यय पक्ष के कुल योगों के लिए स्थिर मूल्य (वास्तविक) अनुमानों के संकलन की पद्धति पर केंद्रित है। इसमें विभिन्न बैठकों के दौरान विचार-विमर्श किए गए प्रमुख मुद्दों और गहन चर्चा से प्राप्त अनुशंसाओं का समावेश है।

नई जीडीपी श्रृंखला में, एकल अपस्फीतिकारक से हटकर, एक सुनियोजित और वैचारिक रूप से सुदृढ़ दृष्टिकोण की ओर बदलाव किया गया है, जिसमें निम्नलिखित शामिल हैं:

  1. दोहरी अपस्फीति और आयतन/एकल एक्सट्रपलेशन की ओर संक्रमण:

विनिर्माण क्षेत्र के अंतर्गत विभिन्न उद्योगों में दोहरी अपस्फीति (डबल डिफ्लेशन) अपनाई जाती है। दोहरी अपस्फीति के तहत, स्थिर कीमतों पर मूल्य वर्धित (जीवीएसी) प्राप्त करने के लिए उत्पादन और मध्यवर्ती खपत को संबंधित मूल्य सूचकांकों द्वारा अलग-अलग अपस्फीत किया जाता है। इससे सकल मूल्य वर्धित (जीवीएसी) के मापन में सुधार होगा। जहां आंकड़ों की कमी के कारण दोहरी अपस्फीति संभव नहीं है, वहां विश्वसनीय संकेतकों के माध्यम से आयतन प्रवर्धन (वॉल्यूम एक्सट्रपलेशन) और एकल प्रवर्धन (सिंगल एक्सट्रपलेशन) लागू किया जाता है।

  1. विशिष्ट और विखंडित अपस्फीतिकारों का उपयोग:

नई श्रृंखला में स्थिर मूल्य अनुमानों को संकलित करते समय व्यापक स्तर के बजाय सूक्ष्म स्तर पर मूल्य सूचकांकों और संकेतकों पर विचार किया जाता है। उदाहरण के लिए, वस्तुओं के निर्यात और आयात के स्थिर मूल्य अनुमानों के लिए समग्र स्तर के बजाय वस्तु-समूह स्तर पर इकाई मूल्य सूचकांक (यूवीआई) का उपयोग किया जाता है।

  1. डिफ्लेटर की अपडेटेड सीरीज:

नई श्रृंखला में CPI (आधार = 2024) और यूवीआई (आधार: 2022-23) की नई श्रृंखला को शामिल किया गया है। साथ ही, जब भी उपलब्ध हो, डब्ल्यूपीआई (आधार: 2022-23) या पीपीआई की अद्यतन श्रृंखला का उपयोग नई श्रृंखला में किया जाएगा।

संशोधित स्थिर मूल्य ढांचा अपस्फीति और मात्रा संकेतकों के संदर्भ में वार्षिक राष्ट्रीय खातों (एएनए) और त्रैमासिक राष्ट्रीय खातों (क्यूएनए) के बीच बेहतर संरेखण सुनिश्चित करता है, जिससे स्थिरता बढ़ती है।

यह रिपोर्ट एमओएसपीआई की वेबसाइट (www.mospi.gov.in) पर उपलब्ध है।

***

पीके/केसी/एनकेएस


(रिलीज़ आईडी: 2230884) आगंतुक पटल : 67
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English , Urdu