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नीति आयोग के फ्रंटियर टेक हब ने टेक्‍नोलॉजी सर्विसेज- रीइमैजिनेशन अहेड रोडमैप जारी किया गया

प्रविष्टि तिथि: 12 FEB 2026 9:24PM by PIB Delhi

 नीति आयोग के फ्रंटियर टेक हब ने ‘टेक्‍नोलॉजी सर्विसेज- रीइमैजिनेशन अहेड पर एक दस वर्षीय रोडमैप जारी किया है जिसमें यह बताया गया है कि भारत का लगभग 265 बिलियन डॉलर का प्रौद्योगिकी सेवा क्षेत्र 2035 तक 750-850 बिलियन डॉलर तक कैसे पहुंच सकता है, साथ ही एआई युग में वैश्विक प्रतिस्पर्धा को किस प्रकार मजबूत कर सकता है और विकसित भारत 2047 की परिकल्पना का समर्थन कर सकता है।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री माननीय श्री पीयूष गोयल ने श्री एस कृष्णन, सचिव एमईआईटीवाई, सुश्री निधि छिब्बर, महानिदेशक (डीएमईओ), सुश्री देबयानी घोष, विशिष्ट फेलो, नीति आयोग और अन्य विशिष्ट अतिथियों एवं गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में इस रोडमैप का अनावरण किया। उद्योग जगत के प्रमुखों और विकास भागीदारों ने इसमें उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह भारत के एआई-संचालित भविष्य के प्रति मजबूत सामूहिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

इस रोडमैप में इस बात पर जोर दिया गया है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता उद्योग में एक संरचनात्मक बदलाव ला रही है: मूल्य श्रम-आधारित सेवाओं से हटकर बौद्धिक संपदा (आईपी) आधारित, परिणाम-उन्मुख और प्लेटफॉर्म-आधारित वितरण मॉडलों की ओर बढ़ेगा। भारत के पास अब सेवा क्षेत्र में अग्रणी होने से आगे बढ़कर एआई-आधारित प्रणालियों के निर्माण में वैश्विक नेतृत्व बनने का अवसर है।

इस रोडमैप में विकास के पांच प्राथमिकता वाले कारकों की पहचान की गई है:

एजेंटिक एआई, सॉफ्टवेयर और प्रोडक्‍टस, डिजिटल अवसंरचना, नवाचार-आधारित इंजीनियरिंग और भारत-के-लिए-भारतीय समाधान। इन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए, रोडमैप में सरकार और उद्योग जगत के बीच समन्‍वय का आह्वान किया गया है: उद्यम स्तर पर एआई को तेजी से अपनाना, बौद्धिक संपदा और अनुसंधान एवं विकास में व्यापक निवेश, राष्ट्रीय स्तर पर कार्यबल का कौशल विकास और वैश्विक बाजार तक पहुंच को सक्षम बनाने के लिए नियामकीय पूर्वानुमान।

इस अवसर पर माननीय मंत्री श्री पीयूष गोयल ने कहा:

भारत प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है। प्रौद्योगिकी सेवा क्षेत्र के पुनर्निर्माण के लिए तैयार किए गए इस रोडमैप के माध्यम से, हम एक ऐसा अनुकूल वातावरण बना रहे हैं जो प्रगतिशील नीतियों, मजबूत उद्योग साझेदारी और समन्वित अंतर-मंत्रालयी दृष्टिकोण को मिलाकर नवाचार और विकास को गति प्रदान करेगा। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की सरकार उद्योग और अन्य हितधारकों के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि हम भारत को अगली पीढ़ी की प्रौद्योगिकी सेवाओं में एक विश्वसनीय वैश्विक नेता के रूप में स्थापित करने के इस अवसर को न चूकें।

श्री एस कृष्णन, सचिव एमईआईटीवाई ने कहा:

भारत ऊर्जा, अवसंरचना, चिप, मॉडल और अनुप्रयोगों को शामिल करते हुए एक व्यापक, प्रभाव-संचालित एआई रणनीति का अनुसरण कर रहा है, जिसमें प्रौद्योगिकी सेवा क्षेत्र प्रयोगशालाओं से उद्योग तक एआई के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। सरकार ने व्यापक सुधारों, उच्च सुरक्षित-आश्रय सीमाएं, सरलीकृत वर्गीकरण, भारतीय डेटा केंद्रों से जुड़े क्लाउड कर प्रोत्साहन, सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 और नए शिक्षा-से-रोजगार तंत्रों के माध्यम से इस क्षेत्र के विकास को गति देने की दृढ़ इच्छाशक्ति प्रदर्शित की है। ये सभी उपाय भारत के तकनीकी सेवा उद्योग को विश्व के लिए एआई-आधारित अग्रणी बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ने में मदद कर रहे हैं।

नीति आयोग के सीईओ श्री बी.वी.आर. सुब्रमण्यम ने बताया:

एआई के उदय से प्रौद्योगिकी सेवा उद्योग में मौलिक परिवर्तन आ रहे हैं। भारत के लिए यह केवल एक चुनौती नहीं, बल्कि नए मूल्य सृजित करने, बड़े पैमाने पर कौशल विकास करने और हमें एक वैश्विक नेता के रूप में मजबूत करने का एक सुनहरा अवसर है। आज जारी किया गया रोडमैप नवाचार-संचालित, एआई-सक्षम प्रौद्योगिकी सेवा तंत्र के निर्माण के लिए एक दूरदर्शी रणनीति की रूपरेखा प्रस्तुत करता है जो भारत की विकास महत्वाकांक्षाओं का समर्थन करता है और उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार सृजित करता है।

सुश्री देबयानी घोष, प्रतिष्ठित फेलो, नीति आयोग ने कहा:

‘‘भारत के प्रौद्योगिकी सेवा उद्योग ने वाई2के से लेकर क्लाउड और डिजिटल परिवर्तन तक स्‍वयं को नए सिरे से ढालने की अपनी क्षमता को बार-बार साबित किया है। एआई युग भी ऐसा ही एक महत्वपूर्ण मोड़ है। हम जो देख रहे हैं वह इस क्षेत्र का अंत नहीं है, बल्कि मानवीय निर्णय, बुद्धिमान एजेंटों और प्लेटफार्मों पर आधारित एक नए परिचालन मॉडल का जन्म है। यदि हम साहस करके पुनर्विचार करें और नवाचार में निवेश करें तो भारत दुनिया के बैक ऑफिस से एआई-आधारित उद्यमों का निर्माता बन सकता है।’’

संपूर्ण रोडमैप यहां देखें: https://niti.gov.in/sites/default/files/2026-02/Technology-Services-Reimagination-Ahead.pdf

नीति फ्रंटियर टेक हब के बारे में:

नीति फ्रंटियर टेक हब की स्थापना विकसित भारत के लिए एक मंच के रूप में की गई है, जिसका उद्देश्य उभरते हुए मेगा-टेक्नोलॉजी परिवर्तनों का पूर्वानुमान लगाना और भारत को तीव्र आर्थिक विकास, समावेशी सामाजिक परिणामों और रणनीतिक लचीलेपन के लिए उनकी क्षमता का उपयोग करने हेतु तैयार करना है। इससे देश को एक अग्रणी तकनीकी राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। सरकार, उद्योग और शिक्षा जगत के 100 से अधिक विशेषज्ञों के सहयोग से, यह हब आर्थिक विकास, सामाजिक परिणामों और रणनीतिक लचीलेपन के लिए अग्रणी प्रौद्योगिकियों का लाभ उठाने हेतु 20 से अधिक क्षेत्रों में 10 वर्षीय रोडमैप तैयार कर रहा है।

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पीके/केसी/पीपी/वीके 


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