नीति आयोग
अटल इनोवेशन मिशन ने त्रिपुरा में राज्य के नेतृत्व वाले नवाचार इकोसिस्टम को मजबूत करने हेतु पहला राज्य नवाचार मिशन (एसआईएम) का शुभारंभ किया
त्रिपुरा के माननीय मुख्यमंत्री ने एसआईएम के तहत नवाचार-आधारित विकास से संबंधित त्रिपुरा के दृष्टिकोण की रूपरेखा पेश की
एआईएम ने पिछले एक दशक में ठोस नतीजे दिए हैं और भारत के नवाचार की राह को आकार दिया है: डॉ. जितेंद्र सिंह
प्रविष्टि तिथि:
26 FEB 2026 5:41PM by PIB Delhi
नीति आयोग के तहत अटल इनोवेशन मिशन (एआईएम) ने आज त्रिपुरा में पहला राज्य नवाचार मिशन (एसआईएम) का शुभारंभ किया। यह राज्य के दीर्घकालिक विकास के ढांचे में नवाचार और उद्यमिता को शामिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
राज्य नवाचार मिशन, नीति आयोग के राज्य सहायता मिशन (एसएसएम) के तत्वावधान में अनुमोदित एआईएम 2.0 कार्यक्रम का एक हिस्सा है। इस मिशन को राष्ट्रीय प्राथमिकताओं एवं स्थानीय शक्तियों के अनुरूप मजबूत, समावेशी और विशिष्ट संदर्भ वाले नवाचार इकोसिस्टम के निर्माण में राज्यों व केन्द्र-शासित प्रदेशों की सहायता करने हेतु एक दीर्घकालिक संस्थागत तंत्र के रूप में डिजाइन किया गया है।
इस शुभारंभ कार्यक्रम का आयोजन अगरतला के हपानिया अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी केन्द्र में त्रिपुरा के माननीय मुख्यमंत्री प्रोफेसर (डॉ.) माणिक साहा, नीति आयोग के माननीय उपाध्यक्ष श्री सुमन बेरी, केन्द्रीय राज्यमंत्री माननीय जितेंद्र सिंह और नीति आयोग के माननीय सदस्य डॉ. वी.के. सारस्वत की उपस्थिति में किया गया।
सभा को संबोधित करते हुए, त्रिपुरा के माननीय मुख्यमंत्री प्रोफेसर (डॉ.) माणिक साहा ने राज्य नवाचार मिशन के तहत कई दूरदर्शी पहलों की घोषणा की। शुभारंभ के उपलक्ष्य में, त्रिपुरा के लिए एसआईएम ढांचे की रूपरेखा प्रस्तुत की गई। इस ढांचे में त्रिपुरा इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मेशन (टीआईएफटी) के तहत एसआईएम का संस्थागतकरण, स्टार्टअप को बढ़ावा देने तथा “मेक फ्रॉम त्रिपुरा” से जुड़े समाधानों को प्रोत्साहित करने हेतु एक समर्पित इनक्यूबेशन एवं नवाचार केंद्र के रूप में टी-नेस्ट (त्रिपुरा - नर्चरिंग एंटरप्रेन्योरशिप एंड स्टार्टअप्स) का उद्घाटन और महिलाओं एवं जनजातीय समुदायों के बीच नवाचार को बढ़ावा देने हेतु टी-नेस्ट से जुड़े 8 जिलों में से प्रत्येक में नवाचार केन्द्रों की स्थापना शामिल है।
प्रोफेसर (डॉ.) माणिक साहा ने जमीनी स्तर के नवोन्मेषकों की पहचान एवं मार्गदर्शन करने हेतु व्यवस्थित जीवनचक्र समर्थन प्रदान करने के प्रावधान से लैस पहली जिला नवोन्मेषक फैलोशिप (डीआईएफ) का शुभारंभ किया और घोषणा की कि त्रिपुरा माननीय प्रधानमंत्री के जिम्मेदार एवं समावेशी एआई के दृष्टिकोण के अनुरूप एक राज्य आधारित एआई नीति लेकर आएगा और अग्रणी वैश्विक प्रौद्योगिकी प्रदाताओं के सहयोग से अगरतला में अपनी तरह का एक एआई शहर स्थापित करेगा, जिससे राज्य एआई-आधारित नवाचार और शासन हेतु भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार केन्द्र के रूप में स्थापित होगा।
राज्य नवाचार मिशन (एसआईएम) के जरिए, एआईएम त्रिपुरा सरकार के साथ मिलकर राज्य की आर्थिक प्राथमिकताओं, क्षेत्रीय क्षमताओं और विकास के लक्ष्यों के अनुरूप दीर्घकालिक नवाचार एवं उद्यमिता संबंधी रणनीति के निर्माण तथा कार्यान्वयन में सहयोग करेगा। एसआईएम का उद्देश्य क्षमता के विकास, नीतिगत समर्थन, साझेदारी, सहकर्मी शिक्षण और नवाचार चक्र में कार्यक्रमगत हस्तक्षेपों के जरिए नवाचार इकोसिस्टम को मजबूत करना है।
इस अवसर पर बोलते हुए, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने अटल नवाचार मिशन को माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा परिकल्पित एक दूरदर्शी पहल बताया। उन्होंने कहा कि एआईएम ने शासन में नवाचार की एक नई संस्कृति का समावेश किया है और पिछले कई वर्षों में ठोस नतीजे दिए हैं। उन्होंने कहा कि योजना आयोग से नीति आयोग में परिवर्तन और एआईएम की स्थापना ने पारंपरिक नियोजन से नवाचार-आधारित विकास की दिशा में एक बदलाव को संभव बनाया है, जिससे राज्यों को विकास का सक्रिय वाहक बनने की शक्ति मिली है। त्रिपुरा का उल्लेख करते हुए, उन्होंने कहा कि एसआईएम का शुभारंभ दर्शाता है कि राज्य किस प्रकार स्थानीय क्षमताओं का सदुपयोग करने और राष्ट्रीय विकास के उभरते वाहकों के रूप में खुद को स्थापित करने हेतु एआईएम ढांचे का प्रभावी ढंग से लाभ उठा सकते हैं।
नीति आयोग के अटल नवाचार मिशन के मिशन निदेशक दीपक बागला ने राज्य-आधारित नवाचार प्रणालियों को मजबूत करने हेतु एआईएम के दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला:
“नवाचार से प्रेरित आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करना माननीय प्रधानमंत्री जी का सपना है। राज्य नवाचार मिशन इसी सपने को साकार करने की दिशा में हमारा प्रयास है। राज्यों को उनके अपने संदर्भ में नवाचार का नेतृत्व करने हेतु सशक्त बनाकर, हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि प्रत्येक जिले, प्रत्येक कक्षा और प्रत्येक समुदाय की प्रतिभा राष्ट्रीय विकास का वाहक बने। इसी तरह, एआईएम आकांक्षा को कार्रवाई में परिवर्तित करने और भारत की नवाचार यात्रा को वास्तव में समावेशी बनाने की दिशा में काम कर रहा है।”
राज्य नवाचार मिशन त्रिपुरा में स्कूली स्तर से ही नवाचार संबंधी शिक्षा और उद्यमिता को बढ़ावा देने में सहयोग करेगा। साथ ही, स्टार्टअप और नवोन्मेषकों को पारंपरिक जोखिम सीमाओं से परे बुनियादी ढांचा, मार्गदर्शन और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएगा। यह मिशन समावेशिता, क्षेत्रीय संतुलन और सरकार, शिक्षा जगत, उद्योग एवं नागरिक समाज के बीच सहयोग पर विशेष बल देगा।
त्रिपुरा में एसआईएम का शुभारंभ पिछले एक वर्ष के दौरान राज्य के साथ एआईएम की निरंतर सहभागिता पर आधारित है और नवाचार-आधारित विकास के जरिए विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय दृष्टिकोण को साकार करने में प्रमुख भागीदारों के रूप में राज्यों और केन्द्र-शासित प्रदेशों के साथ काम करने की एआईएम की व्यापक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।


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पीके/केसी/आर / डीए
(रिलीज़ आईडी: 2233221)
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