राष्ट्रपति सचिवालय
राष्ट्रपति 'सशक्त नारी, समृद्ध दिल्ली' कार्यक्रम में शामिल हुईं
एक महिला तभी सशक्त होगी जब वह स्वतंत्र निर्णय ले सके, आत्मसम्मान से जी सके और उसे समान अवसर व सुरक्षा मिले: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु
प्रविष्टि तिथि:
02 MAR 2026 2:08PM by PIB Delhi
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज (2 मार्च, 2026) नई दिल्ली में आयोजित 'सशक्त नारी, समृद्ध दिल्ली' कार्यक्रम में भाग लिया और इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित किया। इस कार्यक्रम का आयोजन दिल्ली सरकार द्वारा किया गया था।

राष्ट्रपति ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। सैनिक के रूप में वे देश की सीमाओं की रक्षा कर रही हैं। वैज्ञानिक के रूप में वे प्रयोगशालाओं में शोध कर रही हैं। खेल-प्रतियोगिताओं में वे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का नाम रोशन कर रही हैं। राजनीति, सामाजिक सेवा, प्रशासन और व्यापार जैसे सभी क्षेत्रों में आज महिलाएं नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि देशभर में दीक्षांत समारोहों में डिग्री और पदक प्राप्त करने वाली छात्राओं की बढ़ती संख्या एक प्रेरणादायक तस्वीर प्रस्तुत करती है। हालांकि यह भी एक सच्चाई है कि महिलाओं को आज भी हिंसा, आर्थिक असमानता, सामाजिक रूढ़िवादिता और स्वास्थ्य संबंधी उपेक्षा का सामना करना पड़ता है। महिला सशक्तिकरण का लक्ष्य इन बाधाओं को दूर करके ही प्राप्त किया जा सकता है। एक महिला सशक्त तभी होगी जब वह स्वतंत्र निर्णय ले सके, आत्मसम्मान से जी सके और उसे समान अवसर व सुरक्षा मिले। एक सशक्त महिला न केवल अपना जीवन बदल सकती है, बल्कि समाज और आने वाली पीढ़ियों की दिशा भी बदल सकती है।

राष्ट्रपति ने कहा कि भारत सरकार ने महिला सशक्तिकरण के लिए कई कदम उठाए हैं। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना शिक्षा और लड़कियों की सुरक्षा को बढ़ावा दे रही है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना लाखों महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाकर उनके स्वास्थ्य की रक्षा कर रही है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना महिलाओं को स्वरोजगार के लिए ऋण उपलब्ध करा रही है। लखपति दीदी योजना जैसी पहल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के अवसर प्रदान कर रही हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना जैसी पहल महिलाओं के स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि इन सभी प्रयासों से महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक स्थिति में सुधार हो रहा है। हालांकि हमें यह याद रखना चाहिए कि महिला सशक्तिकरण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। यह समाज के प्रत्येक सदस्य और संस्था की जिम्मेदारी है। महिलाओं को शिक्षित करना, उनका आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें प्रोत्साहन एवं सहायता प्रदान करना हमारा कर्तव्य है। हमें महिलाओं को आश्वस्त करना चाहिए कि वे सपने देख सकती हैं और उन्हें साकार कर सकती हैं और हम उनके सपनों को साकार करने में उनके साथ खड़े हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि दिल्ली देश की राजधानी है। यहां हर राज्य और क्षेत्र के लोग रहते हैं। यदि दिल्ली की महिलाएं सुरक्षित, शिक्षित और आत्मनिर्भर हों और समाज के हर क्षेत्र में आत्मविश्वासपूर्ण नेतृत्व प्रदान करें, तो इससे पूरे देश को सकारात्मक संदेश मिलेगा। दिल्ली को पूरे देश के लिए महिला नेतृत्व वाले विकास का उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए।

राष्ट्रपति ने कहा कि दिल्ली की महिलाओं को समृद्ध दिल्ली और विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने में अहम भूमिका निभाने के लिए सरकार और समाज को उन्हें फलने-फूलने के लिए बेहतर वातावरण प्रदान करना होगा। उन्हें ऐसा वातावरण मिलना चाहिए जहां वे बिना किसी दबाव या भय के अपने से जुड़े निर्णय स्वतंत्र रूप से ले सकें।
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पीके/केसी/बीयू/एसएस
(रिलीज़ आईडी: 2234495)
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