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सेवा संकल्प प्रस्ताव– पेयजल एवं स्वच्छता विभाग

प्रविष्टि तिथि: 02 MAR 2026 8:31PM by PIB Delhi

कैबिनेट सचिवालय के 25 फरवरी 2026 के कार्यालय ज्ञापन (ओएम) के अनुसार, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग में 02 मार्च 2026 (सोमवार) को पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव श्री अशोक के.के. मीणा की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें सेवा संकल्प प्रस्ताव पढ़ा गया और उसके बाद प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा की गई और इसके प्रभावी क्रियान्वयन के उपायों पर विचार-विमर्श किया गया।

24 फरवरी 2026 को “सेवा तीर्थ” में आयोजित केन्द्रीय मंत्रिमंडल की प्रथम बैठक में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सेवा, कर्तव्य और नागरिकों के प्रति समर्पण पर आधारित शासन का एक नया विजन दिया। सेवा संकल्प प्रस्ताव को अपनाकर मंत्रिमंडल ने इस बात पर फिर से जोर दिया कि शासन व्यवस्था संविधानिक मूल्यों, पारदर्शिता, जवाबदेही तथा “नागरिक देवो भव:” की भावना से निर्देशित होना चाहिए, ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति के जीवन को सरल और सुगम बनाया जा सके। प्रस्ताव में सभी मंत्रालयों और विभागों से कहा गया है कि वे इस सेवा-उन्मुख कार्य संस्कृति को अपनाएं, सार्वजनिक संसाधनों का विवेकपूर्ण तरीके से उपयोग करें, तथा अपनी नीयत को ठोस और प्रत्यक्ष परिणामों में परिवर्तित करें। इसी राष्ट्रीय संकल्प के साथ, पेयजल और स्वच्छता विभाग ग्रामीण भारत की सेवा ईमानदारी, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ करने हेतु अपना सेवा संकल्प अपनाता है, जो निम्नलिखित प्रस्ताव के रूप में है:

“हम, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अधिकारीगण, राष्ट्र की सेवा पूरी लगन, ईमानदारी और गहरी सार्वजनिक ज़िम्मेदारी की भावना के साथ करने का गंभीर संकल्प लेते हैं। हम अपने आप को इस बात के लिए प्रतिबद्ध करते हैं कि ग्राम तथा परिवार स्तर पर सुरक्षित, विश्वसनीय और सतत पेयजल एवं स्वच्छता सेवाएं सुनिश्चित की जाएं, तथा प्रत्येक नीति, कार्यक्रम और दिशा-निर्देश को जमीन पर मापनीय और स्थायी परिणामों में परिवर्तित किया जाए। हम यह भी सुनिश्चित करेंगे कि सार्वजनिक संसाधनों का विवेकपूर्ण और न्यायसंगत उपयोग हो, ताकि प्रत्येक पहल उन लोगों के लिए अधिकतम लाभ और मूल्य प्रदान करे जिनकी सेवा करना हमारा दायित्व है।

हम ग्राम पंचायतों की क्षमताओं को सुदृढ़ करने तथा ग्राम सभा के प्रति जवाबदेही को मजबूत करने का संकल्प लेते हैं, ताकि स्थानीय संस्थाएं पेयजल एवं स्वच्छता सेवाओं की प्रभावी योजना, क्रियान्वयन, संचालन और सतत रखरखाव सुनिश्चित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति हेतु हम पंचायती राज मंत्रालय, राज्य सरकारों तथा अन्य हितधारकों के साथ समन्वय में कार्य करेंगे, जिससे अभिसरण और सामुदायिक सहभागिता को प्रोत्साहन मिले।

प्रतिदिन जब हम अपने ऑफिस में जाते हैं, तो हम यह सोचते हैं कि हमारा दैनिक कार्य समाज के कल्याण में कैसे मदद करता है।जल जीवन मिशन के अंतर्गत हम प्रत्येक ग्रामीण परिवार को सुरक्षित, विश्वसनीय और सतत पेयजल सेवाएं प्रदान करने के लिए निरंतर एवं समर्पित प्रयास करेंगे। इसके साथ-साथ, स्वच्छ भारत, मिशन-ग्रामीण के तहत हम स्वच्छता और सफाई को जमीनी स्तर पर दैनिक व्यवहार का हिस्सा बनाने के लिए कार्य करेंगे, ताकि यह सामुदायिक व्यवहार, स्थानीय शासन और सामूहिक स्वामित्व में सुदृढ़ रूप से समाहित हो सके।

पारदर्शिता और जवाबदेही को अपने मार्गदर्शक सिद्धांतों के रूप में अपनाते हुए, हम प्रत्येक निर्णय समाज के अंतिम व्यक्ति के दृष्टिकोण से लेने का संकल्प करते हैं, ताकि ग्रामीण भारत में विकेंद्रीकृत स्थानीय शासन के माध्यम से सभी को गरिमा, जीवन की सुगमता तथा पेयजल एवं स्वच्छता सेवाओं तक समान और न्यायसंगत पहुंच सुनिश्चित किया जा सके।”

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पीके/केसी/पीकेपी


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