संचार मंत्रालय
स्पेन के बार्सिलोना में आयोजित मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस 2026 में केंद्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने भारत के कार्यक्रमों का नेतृत्व किया
मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस 2026 में किफायती और इंटेलिजेंट कनेक्टिविटी को लेकर भारत का दृष्टिकोण सामने रखा
उन्होंने 'लागत में बाधा को खत्म करना' विषय पर जीएसएमए मंत्रिस्तरीय सत्र को संबोधित किया
एमडब्ल्यूसी मेन स्टेज के मुख्य भाषण सत्र में भाग लिया जिसका विषय था 'बिल्ट फॉर वॉट्स नेक्स्ट'
भारत पवेलियन का उद्घाटन और आईएमसी 2026 के कर्टेन रेजर का अनावरण किया
सीईओ के साथ उच्च स्तरीय बातचीत, द्विपक्षीय बैठकें और सामरिक स्टॉलों का अवलोकन किया
प्रविष्टि तिथि:
04 MAR 2026 8:15PM by PIB Delhi
संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने स्पेन के बार्सिलोना में आयोजित मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस 2026 में भारत के कार्यक्रमों का नेतृत्व किया। इसमें उन्होंने जीएसएमए मंत्रिस्तरीय कार्यक्रम और एमडब्ल्यूसी मेन स्टेज में उच्च स्तरीय भागीदारी निभाते हुए सस्ती, समावेशी और भविष्य के लिए तैयार डिजिटल कनेक्टिविटी के लिए भारत के दृष्टिकोण की रूपरेखा प्रस्तुत की।
'लागत में बाधा को खत्म करना' विषय पर आयोजित जीएसएमए मंत्रिस्तरीय कार्यक्रम में समापन भाषण
श्री सिंधिया ने 'लागत में बाधा को खत्म करना' विषय पर आयोजित सत्र के दौरान मंत्रिस्तरीय मंच पर समापन भाषण दिया। इस सत्र में उन किफायती चुनौतियों के समाधान पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिनके कारण वैश्विक स्तर पर 3.1 अरब लोग सार्थक डिजिटल भागीदारी से वंचित हैं।
उपयोग के अंतर को पाटने की तात्कालिकता पर जोर देते हुए मंत्री ने इस बात पर बल दिया कि उपकरणों और सेवाओं का सामर्थ्य डिजिटल समावेशन के लिए महत्वपूर्ण स्थान रखता है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अगर कनेक्टिविटी को सही मायने में परिवर्तनकारी बनना है, तो इसे सभी के लिए आसान बनाना होगा। हमारे सामने चुनौती प्रौद्योगिकी की कमी नहीं है, बल्कि लागत संबंधी बाधाएं हैं जो अरबों लोगों को डिजिटल अर्थव्यवस्था में भाग लेने से रोकती हैं।
नीतिगत सुधार, प्रतिस्पर्धा और व्यापकता के माध्यम से डेटा लागत को कम करने में भारत के अनुभव पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि भारत की डिजिटल यात्रा यह दर्शाती है कि व्यापकता, नवाचार और स्थिर नीतिगत ढांचे लागत को प्रभावशाली तरीके से कम कर सकते हैं। हमारी सामूहिक जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना है कि अगली पीढ़ी की कनेक्टिविटी - 5जी से लेकर उभरते 6जी इकोसिस्टम तक - किफायती, समावेशी और विस्तार योग्य बनी रहे।
श्री सिंधिया ने उपकरणों की सामर्थ्य, नवीन वित्तपोषण मॉडल, और स्थायी डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र को सक्षम बनाने के लिए सरकार, उद्योग जगत, वित्तीय संस्थानों और वैश्विक निकायों को शामिल करते हुए एक समन्वित, बहु-हितधारक दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया।
'बिल्ट फॉर वॉट्स नेक्स्ट' विषय पर एमडब्ल्यूसी मेन स्टेज पर भाषण


बाद में केंद्रीय मंत्री श्री सिंधिया ने 'बिल्ट फॉर वॉट्स नेक्स्ट' विषय पर आयोजित सत्र में एमडब्ल्यूसी मंच को संबोधित किया। इस दौरान एआई, क्लाउड-नेटिव प्रौद्योगिकियों और अगली पीढ़ी के बुनियादी ढांचे द्वारा संचालित इंटेलीजेंट, अनुकूलनीय और मानव-केंद्रित प्लैटफॉर्मों में नेटवर्क के विकास पर ध्यान केंद्रित किया गया।
केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि कनेक्टिविटी महज पहुंच का साधन होने से आगे बढ़कर अवसरों का एक शक्तिशाली इंजन बन गई है, जो नवाचार, आर्थिक विकास और सामाजिक सशक्तिकरण को गति प्रदान करती है।
उन्होंने कहा कि हम एक ऐसे युग में प्रवेश कर रहे हैं जहां नेटवर्क इंटेलीजेंट, स्वायत्त और पूर्वानुमानित हैं। एआई-संचालित प्रणालियां, क्लाउड-नेटिव आर्किटेक्चर और सुरक्षित डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र लोगों के कनेक्टिविटी अनुभव और उद्यमों के नवाचार के तरीके को फिर से परिभाषित कर रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि कनेक्टिविटी का भविष्य केवल तेज गति में ही नहीं, बल्कि सहज डिजिटल अनुभवों, अनुकूल बुनियादी ढांचे और स्थायी विकास में निहित है। प्रौद्योगिकी को आम लोगों को सशक्त बनाना चाहिए, व्यवसायों को मजबूत करना चाहिए और समाजों को समृद्ध होने में सक्षम बनाना चाहिए।
इस संबोधन में भारत ने सुरक्षित, भरोसेमंद और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी डिजिटल बुनियादी ढांचे के निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई।
भारत पवेलियन का उद्घाटन

एक अन्य महत्वपूर्ण उपलब्धि भारत पवेलियन का उद्घाटन रहा। इसमें भारत की बढ़ती दूरसंचार विनिर्माण क्षमताओं और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को प्रदर्शित किया गया। इस वर्ष पवेलियन में 40 भारतीय कंपनियां और नवप्रवर्तक एमडब्ल्यूसी में भाग ले रहे हैं।
इस पवेलियन में अग्रणी भारतीय कंपनियों ने 4जी और 5जी रेडियो नेटवर्क, ऑप्टिकल ट्रांसपोर्ट सिस्टम, आईपी/एमपीएलएस राउटिंग, ब्रॉडबैंड एक्सेस, सैटेलाइट कम्युनिकेशन, एआई-संचालित नेटवर्क प्रबंधन, आईओटी एप्लिकेशन, सेमीकंडक्टर-सक्षम हार्डवेयर और अगली पीढ़ी के डेटा सेंटर और क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर में समाधानों का प्रदर्शन किया गया।
यह पवेलियन डिजाइन-आधारित विनिर्माण केंद्र और लागत प्रभावी और सुरक्षित कनेक्टिविटी समाधानों में एक विश्वसनीय वैश्विक भागीदार के रूप में भारत के उदय को दर्शाता है।
आईएमसी 2026 कर्टेन रेजर का अनावरण



केंद्रीय मंत्री ने जीएसएमए इनसाइट्स हब में इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 के लिए कर्टेन रेजर का भी अनावरण किया। उन्होंने घोषणा की कि आईएमसी 2026 का आयोजन 7 से 10 अक्टूबर 2026 तक नई दिल्ली में किया जाएगा, जिससे उन्नत दूरसंचार, एआई-संचालित नेटवर्क और उभरती डिजिटल प्रौद्योगिकियों में सहयोग के लिए एक वैश्विक मंच के रूप में भारत की भूमिका और मजबूत होगी।
तेजस नेटवर्क्स का शुभारंभ
तेजस नेटवर्क्स के स्टॉल का जायजा लेते हुए मंत्री ने टीजे1600-डी3 हाइपर-स्केलेबल डीसीआई प्लैटफॉर्म का शुभारंभ किया, जो भारत में विकसित उन्नत ऑप्टिकल नेटवर्किंग समाधानों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस शुभारंभ ने उच्च क्षमता वाले डेटा सेंटर इंटरकनेक्ट प्रौद्योगिकियों में भारत की बढ़ती क्षमताओं को रेखांकित किया।
सामरिक बैठकें और प्रौद्योगिकी संबंधी बातचीत

एमडब्ल्यूसी कार्यक्षेत्र (एरिना) में अपने दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री को आईटीयू की महासचिव सुश्री डोरेन बोगदान-मार्टिन से मिलने और बातचीत करने का मौका मिला। आईटीयू के महासचिव ने जीएसएमए मंत्रिस्तरीय कार्यक्रमों में भाग लेने और वैश्विक मंच पर भारत के जीवंत दूरसंचार पारिस्थितिकी तंत्र और डिजिटल परिवर्तनकारी यात्रा को प्रस्तुत करने के लिए मंत्री जी को बधाई दी।
मंत्री ने भारत के लिए सार्वभौमिक, सार्थक और अनुकूल कनेक्टिविटी ढांचे को आगे बढ़ाने के उपायों को समझने के लिए यूटेलसैट और वियासैट के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं।
दोनों कंपनियों ने भारत भर में सुरक्षित, उच्च गति और सार्वभौमिक एवं सार्थक कनेक्टिविटी पहल के लिए मंत्री के दृष्टिकोण की सराहना की।

श्री सिंधिया ने सुनील भारती मित्तल के नेतृत्व वाले भारती समूह के प्रतिनिधियों के साथ भी बातचीत की। इससे भारत की डिजिटल महत्वाकांक्षाओं को आगे बढ़ाने में सरकार और उद्योग जगत के बीच बेहतर तालमेल को बल मिला।

श्री सिंधिया ने प्रमुख वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों के स्टॉलों का अवलोकन किया और उनकी नेतृत्व टीमों के साथ बातचीत की। मेटा में उन्हें एआई-सक्षम वियरेबल और न्यूरल इंटरफेस तकनीकों के बारे में जानकारी दी गई और उन्होंने मेटा रे-बैन डिस्प्ले का अनुभव किया। उन्होंने चश्मे के 'कन्वर्सेशन फोकस' फीचर का भी परीक्षण किया, यह एक महत्वपूर्ण एक्सेसिबिलिटी फंक्शन है जो शोरगुल वाले या भीड़भाड़ वाले वातावरण में सामने वाले व्यक्ति की आवाज को अलग करता है।



राकुटेन में उन्होंने स्केलेबल 5जी परिनियोजन के लिए सॉफ्टवेयर-परिभाषित, एआई-नेटिव नेटवर्क आर्किटेक्चर देखे और सीईओ हिरोशी मिकितानी से भी मुलाकात की। वीवीडीएन टेक्नोलॉजीज में उन्होंने स्वदेशी रूप से विकसित एआई-संचालित वाई-फाई और नेटवर्क समाधानों को देखा।
एरिक्सन में केंद्रीय मंत्री के साथ एरिक्सन बोर्ड के अध्यक्ष जान कार्लसन भी मौजूद थे, जहां उन्होंने उन्नत नेटवर्क प्रौद्योगिकियों और उभरती 6जी क्षमताओं पर प्रदर्शन का अवलोकन किया। इस दौरान तीन महत्वपूर्ण प्रदर्शन किया गया इनमें सीएमवेव पर 6जी डेटा कॉल, अनुभवात्मक 6जी प्रदर्शन और भारत की आवश्यकताओं के अनुरूप विशेष रूप से तैयार किए गए नए रेडियो समाधान शामिल रहा।

नोकिया स्टॉल की अपनी यात्रा के दौरान मंत्री ने जनरेटिव एआई-सक्षम एज एप्लिकेशन और इमर्सिव 6जी उपयोग के मामलों का अनुभव किया। उन्होंने नोकिया के स्टॉल पर नोकिया के अध्यक्ष और सीईओ जस्टिन हॉटार्ड के साथ विस्तृत चर्चा भी की।
इंटेल के बूथ पर श्री सिंधिया ने अगली पीढ़ी के प्रोसेसर द्वारा संचालित एआई-अनुकूलित वर्चुअल आरएएन समाधानों का अवलोकन किया।
सिस्को स्टॉल के दौरे में एआई-संचालित एज कंप्यूटिंग और नेटवर्क स्वचालन के प्रदर्शन शामिल थे, जबकि क्वॉलकॉम में उन्हें एआई-संचालित आरएएन स्वचालन, उन्नत 5जी मॉडेम सिस्टम और एज एआई प्लेटफार्मों के बारे में जानकारी दी गई।
इससे पहले केंद्रीय मंत्री ने 2 मार्च 2026 को वैश्विक और भारतीय सीईओ के साथ उच्च स्तरीय रात्रिभोज वार्ता के साथ एमडब्ल्यूसी 2026 में भारत की गतिविधियों का शुभारंभ किया। भारत द्वारा आयोजित इस रात्रिभोज ने डिजिटल साझेदारी को मजबूत करने, नवाचार को गति देने और विश्वसनीय प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने पर विचारों का आदान-प्रदान करने का अवसर प्रदान किया।
मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस 2026 में किए गए प्रयास दूरसंचार और डिजिटल नवाचार में भारत की बढ़ती वैश्विक भागीदारी को दर्शाते हैं। साथ ही समावेशी विकास के लिए सुरक्षित, किफायती और भविष्य के लिए तैयार कनेक्टिविटी पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के प्रति देश की प्रतिबद्धता को उजागर करते हैं।
मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस 2026 में भारत के दूरसंचार नवोन्मेषकों की भागीदारी का आयोजन दूरसंचार उपकरण एवं सेवा निर्यात संवर्धन परिषद(टीईपीसी) द्वारा किया जा रहा है, जिसे भारत सरकार के संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग(डीओटी) का समर्थन प्राप्त है।
मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस 2026 के बारे में
मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस 2026 का आयोजन 2 से 5 मार्च, 2026 तक स्पेन के बार्सिलोना में फिरा बार्सिलोना ग्रैन वाया में किया जा रहा है। जीएसएमए द्वारा आयोजित एमडब्ल्यूसी 2026 मोबाइल और प्रौद्योगिकी उद्योग के लिए दुनिया का सबसे बड़ा सम्मेलन है, जो 109,000 से अधिक आगंतुकों और लगभग 2,900 प्रदर्शकों, प्रायोजकों और भागीदारों को आकर्षित करता है।
एमडब्ल्यूसी 2026 का आधिकारिक विषय 'द आईक्यू एरा' है, जो स्मार्ट नेटवर्क, व्यावसायिक नवाचार और सामाजिक प्रभाव को बढ़ावा देने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता और कनेक्टिविटी के एकीकरण पर प्रकाश डालता है।
दूरसंचार उपकरण और सेवा निर्यात संवर्धन परिषद (टीईपीसी) के बारे में
भारत सरकार की विदेश व्यापार नीति (एफटीपी) के दायरे में दूरसंचार उपकरण और सेवाओं के निर्यात को बढ़ावा देने और विकसित करने के लिए भारत सरकार द्वारा दूरसंचार उपकरण और सेवा निर्यात संवर्धन परिषद (टीईपीसी) की स्थापना की गई है।
टीईपीसी एक परिषद के रूप में भारत से दूरसंचार निर्यात को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और निर्यात को सुगम बनाने में अपनी सदस्य कंपनियों की सहायता करता है। टीईपीसी भारतीय दूरसंचार निर्यातकों के संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र के साथ-साथ भारत सरकार के विभिन्न विभागों के साथ मिलकर संपूर्ण दूरसंचार समाधान प्रदान करने का काम करता है।
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