रक्षा मंत्रालय
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रक्षा मंत्री ने जीआरएसई से विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने के लिए आधुनिक तकनीकी युग के अनुरूप विशेष प्लेटफॉर्म तैयार करने का आग्रह किया

प्रविष्टि तिथि: 05 MAR 2026 9:23PM by PIB Delhi

रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) लिमिटेड से आह्वान किया है कि वह आज के प्रौद्योगिकी युग की आवश्यकताओं के अनुरूप अत्याधुनिक प्लेटफॉर्म विकसित करना जारी रखे ताकि वह देश के साथ-साथ विश्व भर में जहाज निर्माण उत्कृष्टता का बेहतरीन उदाहरण स्थापित कर सके और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सके। उन्होंने 5 मार्च, 2026 को पश्चिम बंगाल के कोलकाता में जीआरएसई के कर्मचारियों को संबोधित किया।

रक्षा मंत्री ने राष्ट्र निर्माण और समुद्री अर्थव्यवस्था में जीआरएसई के योगदान की सराहना करते हुए भारतीय शिपयार्ड को भारत के गौरवशाली औद्योगिक और रक्षा इतिहास का एक जीवंत अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि जीआरएसई ने पिछले लगभग डेढ़ सदी से भारतीय नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल को शक्तिशाली युद्धपोत और फ्रिगेट प्रदान करके राष्ट्र के समुद्री हितों की रक्षा की है। उन्होंने कहा कि जब जीआरएसई का बनाया आधुनिक युद्धपोत समुद्र की लहरों पर चलता है, तो वह केवल इस्पात और मशीनरी का ढांचा नहीं होता, बल्कि उसमें हजारों श्रमिकों की कड़ी मेहनत, इंजीनियरों का नवाचार, तकनीशियनों की सटीकता और राष्ट्र के प्रति शिपयार्ड का समर्पण समाहित होता है। उन्होंने जीआरएसई में काम करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को केवल एक कर्मचारी नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की एक व्यापक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।

श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि कड़ी मेहनत, कौशल और प्रतिबद्धता के बल पर जीआरएसई ने वह हासिल किया है जिसे कभी असंभव माना जाता था। उन्होंने जीआरएसई के कर्मचारियों से इसी भावना के साथ काम करते रहने और आने वाले समय में भारत को एक समुद्री शक्ति और विकसित राष्ट्र बनाने में अपना योगदान देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि नई चुनौतियां आएंगी, नई प्रौद्योगिकियां विकसित होंगी और प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और इसी कड़ी मेहनत, समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ जीआरएसई भारत और विश्व के लिए जहाज निर्माण उत्कृष्टता का एक चमकता प्रतीक बनेगा।

इस कार्यक्रम में जीआरएसई के कर्मचारियों और उनके परिवारों ने एक भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुति दी, जिसे रक्षा मंत्री ने शानदार बताते हुए इसे भारत की विविधता, एकता और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक कहा। इस अवसर पर जीआरएसई के सीएमडी, कमोडोर पीआर हरि (सेवानिवृत्त), रक्षा मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और शिपयार्ड के अधिकारी भी मौजूद रहे।

 

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पीके/केसी/बीयू/एसके


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