युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय
माई भारत के चिंतन शिविर का "संपर्क से संवाद, संवाद से समाधान और समाधान से संकल्प" की भावना के साथ समापन
चुनौतियां और बाधाएं आएंगी, लेकिन हमें उन्हें पार करते हुए आगे बढ़ना है: केंद्रीय राज्य मंत्री श्रीमती रक्षा खडसे
प्रविष्टि तिथि:
07 MAR 2026 6:30PM by PIB Delhi
युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के युवा कार्यक्रम विभाग द्वारा आयोजित दो-दिवसीय माई भारत-एनएसएस चिंतन शिविर का आज बेंगलुरु स्थित इंस्टीट्यूट फॉर स्टेम सेल साइंस एंड रीजेनरेटिव मेडिसिन (इनस्टेम) में समापन हुआ। इस चिंतन शिविर में माई भारत और राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के वरिष्ठ अधिकारियों और फील्ड कर्मचारी ने एक साथ मिलकर विकसित भारत @2047 के विजन के अनुरूप युवाओं की भागीदारी के ढांचे को मजबूत करने और कार्यक्रमों के कार्यान्वयन में सुधार लाने पर विस्तृत विचार-विमर्श किया।

इस कार्यक्रम की शोभा केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया और युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री श्रीमती रक्षा खडसे ने बढ़ाई। इस अवसर पर कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों ने विचार-विमर्श में भाग लिया और देश भर में युवा कार्यक्रमों को मजबूत करने के लिए अपने अनुभव और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियाँ साझा कीं।
पहले दिन "संवाद से समाधान" विषय के तहत हुई चर्चाओं को आगे बढ़ाते हुए, दूसरे दिन का मुख्य केंद्र "समाधान से संकल्प" रहा, जिसका उद्देश्य विचारों और अंतर्दृष्टि को ठोस कार्ययोजनाओं में बदलना था। दिन की शुरुआत कोलेबोरेटिव पॉलिसी लैब्स के रूप में विषय-आधारित चर्चाओं के साथ हुई, जहाँ प्रतिभागियों ने युवाओं तक पहुँच बढ़ाने, स्वयंसेवक नेटवर्क का विस्तार करने और राज्यों में कार्यक्रमों के क्रियान्वयन को बेहतर बनाने के लिए समाधान और कार्ययोजनाएँ तैयार कीं।

सत्रों के दौरान, थीमैटिक ग्रुप्स ने युवाओं को संगठित करने और युवाओं के विकास के लिए काम करने वाले संस्थानों के बीच समन्वय सुधारने के उद्देश्य से केस स्टडी और सुझाव प्रस्तुत किए। इन प्रस्तुतियों के बाद, प्रस्तावित रणनीतियों को और बेहतर बनाने और उनके क्रियान्वयन के तरीकों में सामंजस्य बैठाने के लिए सामूहिक विचार-विमर्श किया गया।

अधिकारियों और प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए, युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री श्रीमती रक्षा निखिल खडसे ने माई भारत और एनएसएस के जिला एवं क्षेत्रीय कार्यालयों से फंड के बजाय कार्यक्षमता पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रभावी क्रियान्वयन और जमीनी स्तर पर जुड़ाव ही सार्थक है और युवाओं के विकास की कुंजी है। उन्होंने अधिकारियों को ग्राम सभा स्तर तक अपनी पहुँच बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया, ताकि युवा विकास की पहल गाँवों तक पहुँचे और जमीनी स्तर पर युवाओं को सशक्त बनाया जा सके। बड़े पैमाने पर कार्यक्रमों को लागू करने में आने वाली चुनौतियों को स्वीकार करते हुए उन्होंने कहा कि राह में चुनौतियां और बाधाएं तो आएंगी ही, लेकिन हमें उन्हें पार करते हुए आगे बढ़ना है। उन्होंने अधिकारियों से आह्वान किया कि वे सशक्त युवाओं के माध्यम से विकसित भारत के विजन को साकार करने के लिए दृढ़ संकल्प और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें।
इससे पहले, ब्रिक-इनस्टेम (BRIC–inStem) की निदेशक प्रोफेसर मनीषा एस. इनामदार ने संवाद के लिए एक प्लेटफ़ॉर्म तैयार करने और जमीनी स्तर पर माई भारत एवं एनएसएस कार्यालयों की वास्तविक परिस्थितियों को समझने के लिए इस चिंतन शिविर की अवधारणा की सराहना की। उन्होंने कहा कि जिस तरह विज्ञान में हितधारकों के बीच चर्चा से नए विचार जन्म लेते हैं, उसी तरह इस प्रकार का संवाद स्थानीय स्तर पर आने वाली चुनौतियों के समाधान खोजने में सहायक सिद्ध हो सकता है।
चर्चा के परिणामों का सार प्रस्तुत करते हुए, युवा कार्यक्रम विभाग की सचिव डॉ. पल्लवी जैन गोविल ने युवा विकास की पहलों के लिए निरंतर मार्गदर्शन और प्रोत्साहन देने हेतु केंद्रीय मंत्री और राज्य मंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने "लेट्स कोलैबोरेट फॉर यूथ" की भावना पर भी जोर दिया और विभिन्न विभागों एवं संस्थानों को माई भारत प्लेटफॉर्म से जुड़ने और देश भर में युवाओं की भागीदारी को मजबूत करने के लिए मिलकर काम करने के लिए प्रोत्साहित किया।


समापन सत्र के दौरान, युवाओं की भागीदारी बढ़ाने में उत्कृष्ट योगदान देने वाले अधिकारियों और जिलों को सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय मतदाता दिवस और बजट क्वेस्ट 2026 जैसे कार्यक्रमों के तहत उनके सराहनीय प्रयासों की सराहना की गई। इस अवसर पर केरल के राज्य निदेशक श्री अनिल कुमार को राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2026 में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया, वहीं तमिलनाडु के राज्य निदेशक श्री सेंथिल कुमार को बजट क्वेस्ट 2026 क्विज में सर्वश्रेष्ठ राज्य प्रदर्शन के लिए पुरस्कार प्रदान किया गया।
जिला स्तर पर, बजट क्वेस्ट 2026 में शानदार प्रदर्शन के लिए कर्नाटक के बेंगलुरु अर्बन की जिला युवा अधिकारी (डीवायओ) श्रीमती ए. नागालक्ष्मी को सर्वश्रेष्ठ जिला प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। इसी क्रम में, चेन्नई (तमिलनाडु) के श्री शिवा एम.एस. (डीवायओ) को दूसरा और हैदराबाद (तेलंगाना) की सुश्री खुशबू गुप्ता (डीवायओ) को तीसरा स्थान प्राप्त करने पर पुरस्कृत किया गया।
इन प्रयासों को मिली सराहना राज्यों और जिलों में युवा भागीदारी के बढ़ते उत्साह को दर्शाती है। साथ ही, यह युवाओं को संगठित करने में समर्पित अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका को भी रेखांकित करती है। इस चिंतन शिविर के विचार-विमर्श का समापन सभी प्रतिभागियों की उस सामूहिक प्रतिबद्धता के साथ हुआ, जिसमें देश भर में युवाओं की भागीदारी और स्वयंसेवा की भावना को और अधिक सुदृढ़ करने का संकल्प लिया गया।
इस चिंतन शिविर का समापन "संपर्क से संवाद, संवाद से समाधान और समाधान से संकल्प" की मार्गदर्शक भावना के साथ हुआ। यह भारत की अमृत पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदार के रूप में सशक्त बनाने और विकसित भारत@2047 के विजन को आगे बढ़ाने के संकल्प को फिर से दोहराता है।
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पीके/केसी/डीवी
(रिलीज़ आईडी: 2236489)
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