रक्षा मंत्रालय
भारतीय सेना के सेंट्रल कमांड ने लखनऊ में अपने पहले रणनीतिक संचार सम्मेलन का आयोजन किया
प्रविष्टि तिथि:
07 MAR 2026 8:32PM by PIB Delhi
भारतीय सेना के सेंट्रल कमांड ने 7 मार्च, 2026 को उत्तर प्रदेश स्थित लखनऊ में अपने पहले रणनीतिक संचार सम्मेलन का आयोजन किया। करीब 500 लोगों की उपस्थिति के बीच आयोजित इस सम्मेलन में, राष्ट्रीय सुरक्षा संरचना में रणनीतिक संचार पर विचार-विमर्श और पैनल चर्चाएं हुईं। पैनलिस्ट व वक्ताओं में वरिष्ठ राजनयिक, सरकार और मीडिया के संचार के जानकार शामिल थे। उपस्थित लोगों में सेंट्रल कमांड के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और सरकार व निजी क्षेत्र के संचार पेशेवर भी मौजूद रहे।
अपने उद्घाटन भाषण में, सेंट्रल कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता ने युद्ध की प्रकृति में आए मूलभूत बदलावों को रेखांकित किया, जिसमें अब सूचना और संज्ञानात्मक क्षेत्र भी शामिल हैं। धारणा के प्रबंधन की बड़ी भूमिका पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि धारणा वैधता को आकार देती है, वैधता असर पैदा करती है और असर से परिणाम तय होते हैं। उन्होंने नैरेटिव को हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने और युद्ध की सीमा से नीचे के संघर्षों से पैदा होने वाले खतरों के बारे में भी बात की। उन्होंने बताया कि रणनीतिक संचार प्रतिक्रियात्मक, छिटपुट या निजी असर पर आधारित नहीं रह सकता, बल्कि इसे संस्थागत, सिद्धांत-सहयोगी और क्षमता वाला होना चाहिए।
इस सम्मेलन में ‘उभरते संचार क्षेत्र में भविष्य की तैयारियों के लिए एक क्षमता के तौर पर रणनीतिक संचार का संस्थागतकरण' विषय पर संस्थागत और राष्ट्रीय सुरक्षा आयामों पर एक विशेषज्ञ नीति-स्तर के सत्र का आयोजन किया गया। संयुक्त राष्ट्र में भारत की पहली महिला स्थायी प्रतिनिधि राजदूत रुचिरा कंबोज (सेवानिवृत्त), राजदूत यशवर्धन सिन्हा (सेवानिवृत्त) और लेफ्टिनेंट जनरल राज शुक्ला (सेवानिवृत्त) ने सत्र को संबोधित किया।
‘उभरते बहु-क्षेत्रीय अभियानों में रणनीतिक संचार: रणनीतियां, संरचनाएं, प्रक्रियाएं और तैयारी’ विषयवस्तु पर एक विशेष संवादात्मक सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें नीतिगत और कार्यान्वयन संबंधी दृष्टिकोणों को जोड़ा गया। राजदूत दिलीप सिन्हा, डॉ. शांतनु मुखर्जी, श्रीमती वीणा जैन और लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडेय के साथ सेवानिवृत्त नागरिक और सैन्य अधिकारियों ने सत्र के दौरान महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि साझा कीं। ‘मन के क्षेत्र को आकार देना: रणनीतिक क्षेत्र में धारणा प्रबंधन’ और ‘सूचना की शक्ति और रणनीतिक संचार’ विषयवस्तु पर मीडिया के साथ पैनल चर्चा में धारणा प्रबंधन और सूचना की शक्ति के महत्व पर प्रकाश डाला गया।
इस सम्मेलन का उद्देश्य भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा संरचना के भीतर एक संस्थागत क्षमता के तौर पर रणनीतिक संचार का परीक्षण करना और उभरते सूचना क्षेत्र में सिद्धांत, संरचनाओं, प्रक्रियाओं और तैयारियों पर कार्रवाही के लिए अंतर्दृष्टि पैदा करना था।
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पीके/केसी/एमएम
(रिलीज़ आईडी: 2236528)
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