कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

एमएसडीई ‘सबका साथ सबका विकास - लोगों की आकांक्षाओं को साकार करना’ विषय पर आयोजित बजट-पश्चात वेबिनार के दौरान ‘स्किलिंग इन द केयर इकोसिस्टम’ पर एक सत्र को समन्वित करेगा

प्रविष्टि तिथि: 08 MAR 2026 10:02AM by PIB Delhi

कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) केंद्रीय बजट 2026-27 के बाद वित्त मंत्रालय द्वारा आयोजित प्रमुख विषयों पर आधारित बजट-पश्चात वेबिनार श्रृंखला के अंतर्गत ‘भारत के देखभाल इकोसिस्‍टम को सुदृढ़ बनाना: 1.5 लाख बहुकुशल देखभालकर्ताओं का प्रशिक्षण’ विषय पर एक विशेष सत्र का आयोजन करेगा। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ‘सबका साथ सबका विकास - जनता की आकांक्षाओं को साकार करना’ विषय पर आधारित इस पूरे दिन के वेबिनार का नेतृत्व और समन्वित करेगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी 9 मार्च, 2026 को बजट-पश्चात वेबिनार 2026-27 को संबोधित करेंगे।

यह वेबिनार सभी हितधारकों के लिए एक सहयोगात्मक मंच के रूप में कार्य करने की उम्मीद है, जिससे वे बजट भाषण 2026-27 के पैरा-54 में उल्लिखित कार्यान्वयन रणनीतियों पर विचार-विमर्श कर सकें, जिसमें कहा गया है:

‘‘वृद्धावस्था और संबद्ध देखभाल सेवाओं को सम्मिलित करते हुए एक मजबूत देखभाल इकोसिस्‍टम का निर्माण किया जाएगा। बहु-कुशल देखभाल करने वालों को प्रशिक्षित करने के लिए विभिन्न प्रकार के एनएसक्यूएफ-संरेखित कार्यक्रम विकसित किए जाएंगे, जिसमें मुख्य देखभाल और संबद्ध कौशल, जैसे कल्याण, योग और चिकित्सा और सहायक उपकरणों के संचालन को शामिल किया जाएगा। आने वाले वर्ष में, 1.5 लाख देखभाल करने वालों को प्रशिक्षित किया जाएगा।’’

सत्र के दौरान चर्चा एक मजबूत देखभाल करने वाले कार्यबल को विकसित करने पर केंद्रित होगी जो भारत की बढ़ती घरेलू जरूरतों को पूरा करने में सक्षम हो, साथ ही देखभाल अर्थव्यवस्था में उभरते वैश्विक अवसरों का लाभ उठा सके। केंद्रीय बजट 2026-27 में वृद्धावस्था और संबद्ध देखभाल सेवाओं का विस्तार करके और एनएसक्यूएफ-अनुरूप प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करके देखभाल तंत्र को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाने की घोषणा की गई है, जो कल्याण सहायता, योग और चिकित्सा और सहायक उपकरणों के संचालन सहित संबद्ध कौशल के साथ मुख्य देखभाल करने वाली दक्षताओं को जोड़ती है। इस पहल का उद्देश्य आने वाले वर्ष में 1.5 लाख देखभाल करने वालों को प्रशिक्षित करना है, जिससे भारत के स्वास्थ्य सेवा और संबद्ध देखभाल सहायता कार्यबल में वृद्धि होगी।

भारत का कौशल विकास तंत्र - राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीवीईटी), क्षेत्रीय कौशल परिषदों (एसएससी), औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई)/राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों (एनएसटीआई) और प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई), प्रधानमंत्री राष्ट्रीय शिक्षुता प्रोत्साहन योजना (पीएम-एनएपीएस) और जन शिक्षण संस्थान (जेएसएस) जैसी प्रमुख योजनाओं के अंतर्गत प्रशिक्षण भागीदारों द्वारा समर्थित - कार्यबल की इन बदलती आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए मजबूत किया जा रहा है। हजारों उम्मीदवारों को पहले ही वृद्धावस्था देखभालकर्ता, गृह स्वास्थ्य सहायक और सामान्य सहायक जैसी देखभाल संबंधी भूमिकाओं में प्रशिक्षित किया जा चुका है, जिससे एक सुव्यवस्थित देखभाल कार्यबल की नींव रखी गई है।

ब्रेकआउट सत्र भारत के देखभाल कार्यबल को मजबूत करने के लिए प्रमुख प्राथमिकताओं पर विचार-विमर्श करने के लिए स्वास्थ्य संस्थानों, राज्य सरकारों, अंतर्राष्ट्रीय संगठनों और शिक्षाविदों के विशेषज्ञों को एक साथ लाएगा। चर्चाओं में देखभाल करने वालों की योग्यता को मानकीकृत करने, प्रशिक्षक क्षमता और प्रशिक्षण बुनियादी ढांचे को बढ़ाने, देखभाल क्षेत्र में प्रशिक्षुता के अवसरों का विस्तार करने और कार्यबल की गतिशीलता को सुविधाजनक बनाने के लिए वैश्विक बेंचमार्क के साथ कौशल मानकों को संरेखित करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

वेबिनार के समापन सत्र के दौरान ब्रेकआउट चर्चाओं से उभरने वाली अंतर्दृष्टि प्रस्तुत की जाएगी, जहां भाग लेने वाले मंत्रालयों/विभागों के केंद्रीय मंत्री प्रमुख सिफारिशों और बजट घोषणा के रणनीतिक कार्यान्वयन के लिए भविष्‍य की रूपरेखा तैयार करेंगे। कौशल विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और शिक्षा राज्य मंत्री, भारत सरकार, श्री जयंत चौधरी एमएसडीई की ओर से देखभाल अर्थव्यवस्था की आवश्यकता को पूरा करने के लिए कौशल इकोसिस्‍टम को मजबूत करने हेतु महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टियां और दृष्टिकोण प्रस्तुत करेंगे।

इस परामर्श के माध्यम से मंत्रालय का उद्देश्य 1.5 लाख देखभालकर्ताओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने के लक्ष्य को साकार करने के लिए कार्यान्वयन योग्य रणनीतियों की रूपरेखा तैयार करना तथा भारत के अर्थव्‍यवस्‍था क्षेत्र के विकास को गति देना है।

***

पीके/केसी/केएल/वीके


(रिलीज़ आईडी: 2236552) आगंतुक पटल : 196
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English , Urdu , Marathi , Tamil