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अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर एआईआईए गोवा ने मरीजों के हित के लिए विशेष स्वास्थ्य सेवाओं का उद्घाटन किया


मुख्यमंत्री ने कैंसर अनुसंधान केंद्र, केंद्रीय अनुसंधान प्रयोगशालाओं, फार्मेसी और अन्य सुविधाओं के लिए एआईआईए गोवा परिसर के विस्तार की घोषणा की

एआईआईए गोवा में नई सुविधाएं रोगी देखभाल को बेहतर बनाएंगी और विशेष आयुर्वेदिक उपचारों तक पहुंच बढ़ाएंगी: मुख्यमंत्री श्री प्रमोद सावंत

आयुष मंत्रालय देश भर में आयुर्वेद के बुनियादी ढांचे का विस्तार करने के लिए प्रतिबद्ध: केंद्रीय आयुष मंत्री श्री प्रतापराव जाधव

प्रविष्टि तिथि: 08 MAR 2026 4:47PM by PIB Delhi

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर, अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए), गोवा ने रोगी देखभाल को मजबूत करने और विशेष आयुर्वेदिक सेवाओं का विस्तार करने के उद्देश्य से कई विशेष स्वास्थ्य सुविधाओं का उद्घाटन किया।

इन सुविधाओं का उद्घाटन गोवा के मुख्यमंत्री श्री प्रमोद सावंत ने भारत सरकार के आयुष मंत्रालय में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री प्रतापराव जाधव, आयुष मंत्रालय के सचिव श्री वैद्य राजेश कोटेचा, एआईआईए के निदेशक (प्रभारी) प्रो. (वैद्य) पी.के. प्रजापति, एआईआईए गोवा की डीन प्रो. (डॉ.) सुजाता कदम और संस्थान के अन्य वरिष्ठ संकाय सदस्यों की उपस्थिति में किया।

नवउद्घाटित सुविधाओं का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवा की पहुंच को बढ़ाना और रोगियों को उन्नत आयुर्वेदिक उपचार सेवाएं प्रदान करना है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा, यह हमारे लिए गर्व की बात है कि एआईआईए में स्नातक स्तर की 100 सीटों में से 50 प्रतिशत सीटें गोवा के छात्रों के लिए आरक्षित हैं। एआईआईए गोवा आधुनिक स्वास्थ्य सेवा के साथ-साथ पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। एआईआईए गोवा में इन सुविधाओं के उद्घाटन से रोगी देखभाल में उल्लेखनीय सुधार होगा और लोगों को विशेष आयुर्वेदिक उपचारों तक व्यापक पहुंच प्राप्त होगी।

मुख्यमंत्री ने एआईआईए गोवा परिसर के विस्तार की भी घोषणा की, जिसमें कैंसर अनुसंधान केंद्र, केंद्रीय अनुसंधान प्रयोगशालाएं, फार्मेसी और अन्य उन्नत सुविधाएं स्थापित की जाएंगी। इसके लिए उन्होंने एआईआईए गोवा को अतिरिक्त 50 एकड़ भूमि आवंटित करने का आश्वासन दिया।

सभा को संबोधित करते हुए आयुष मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव ने आयुर्वेद के प्रसार के लिए भारत सरकार के दृष्टिकोण पर जोर दिया और कहा, माननीय प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्व में आयुष मंत्रालय देश भर में आयुर्वेद के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। एआईआईए गोवा में नई सुविधाएं समग्र स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने में और अधिक सहयोग करेंगी और एकीकृत उपचार पद्धतियों के माध्यम से रोगियों को लाभ पहुंचाएंगी।

आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने आयुर्वेद की बढ़ती वैश्विक मान्यता पर प्रकाश डालते हुए कहा, एआईआईए आयुर्वेद शिक्षा, अनुसंधान और रोगी देखभाल को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। एआईआईए गोवा में इन सुविधाओं के जुड़ने से साक्ष्य-आधारित आयुर्वेद और एकीकृत चिकित्सा को बढ़ावा देते हुए विशिष्ट स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की संस्थान की क्षमता में और वृद्धि होगी।

एआईआईए के निदेशक (प्रभारी) प्रोफेसर (वैद्य) पी.के. प्रजापति ने भी नई सुविधाओं के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा, एआईआईए गोवा में इन विशेष इकाइयों का उद्घाटन रोगी-केंद्रित आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ये सुविधाएं हमें व्यापक उपचार प्रदान करने, निवारक स्वास्थ्य देखभाल पद्धतियों को बढ़ावा देने और रोगियों को उपलब्ध सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने में सक्षम बनाएंगी।

एआईआईए गोवा की डीन प्रो. (डॉ.) सुजाता कदम ने नव-उद्घाटित इकाइयों के शैक्षणिक और नैदानिक ​​महत्व पर जोर देते हुए कहा, इन विशेष सुविधाओं के जुड़ने से एआईआईए गोवा में नैदानिक ​​प्रशिक्षण, अनुसंधान और रोगी देखभाल को काफी मजबूती मिलेगी। आयुर्वेद के सिद्धांतों के साथ उन्नत निदान और उपचार सेवाओं को एकीकृत करके, हमारा उद्देश्य व्यापक स्वास्थ्य सेवा समाधान प्रदान करना और हमारे छात्रों और शोधार्थियों के सीखने के अनुभव को बढ़ाना है।

नवउद्घाटित इकाइयों में निम्नलिखित शामिल हैं:

सुश्रुत ओटी कॉम्प्लेक्स – एक आधुनिक शल्य चिकित्सा सुविधा जिसे आयुर्वेदिक शल्य चिकित्सा प्रक्रियाओं को मजबूत करने और रोगी देखभाल को बेहतर बनाने के लिए डिजाइन किया गया है।

फिजियोथेरेपी इकाई – यह इकाई उन मरीजों के लिए पुनर्वास और चिकित्सीय सेवाएं प्रदान करने के लिए सुसज्जित है जिन्हें शारीरिक चिकित्सा और रिकवरी सहायता की आवश्यकता होती है।

कुमारभृत्य पंचकर्म इकाई – बच्चों के लिए पंचकर्म चिकित्सा को समर्पित एक विशेष इकाई, जो आयुर्वेद के माध्यम से समग्र बाल चिकित्सा स्वास्थ्य देखभाल को बढ़ावा देती है।

अस्थि खनिज घनत्व (बीएमडी) इकाई - अस्थि स्वास्थ्य के आकलन और प्रबंधन को सुविधाजनक बनाने, ऑस्टियोपोरोसिस और संबंधित स्थितियों का शीघ्र पता लगाने और रोकथाम में सहायता करने के लिए स्थापित की गई है।

ये पहलें एकीकृत और साक्ष्य-आधारित आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सेवा के माध्यम से रोगी सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए एआईआईए की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। संस्थान का उद्देश्य सुलभ, उच्च गुणवत्ता वाला उपचार प्रदान करना और साथ ही निवारक और समग्र स्वास्थ्य देखभाल पद्धतियों को बढ़ावा देना है।

इन सुविधाओं का उद्घाटन स्वास्थ्य सेवा अवसंरचना को मजबूत करने और समाज के लाभ के लिए आयुर्वेद आधारित उपचार सेवाओं के दायरे का विस्तार करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।

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पीके/केसी/केएल/वीके


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