सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय का ऊर्जा दक्षता और हरित परंपराओं को बढ़ावा

प्रविष्टि तिथि: 09 MAR 2026 1:07PM by PIB Delhi

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) ऊर्जा बचत परियोजनाओं के लिए तकनीकी विशेषज्ञता तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने और एमएसएमई क्षेत्र में हरित परंपराओं को बढ़ावा देने के लिए सहायता प्रदान करने हेतु विभिन्न कदम उठा रहा है। इनमें चैंपियन योजना के अंतर्गत एमएसएमई सस्टेनेबल प्रमाणन योजना (जेडईडी) और एमएसएमई प्रतिस्पर्धी (लीन) योजना का कार्यान्वयन, एमएसई ग्रीन इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंसिंग फॉर ट्रांसफॉर्मेशन स्कीम (एमएसई गिफ्ट) योजना और चक्रीय अर्थव्यवस्था में संवर्धन और निवेश हेतु एमएसई योजना (एमएसई-एसपीआईसीई) आदि शामिल हैं।

लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को पर्यावरण के अनुकूल कार्यप्रणालियों अपनाने में सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से, सभी जेडईडी प्रमाणित इकाइयों को परामर्श सहायता के लिए प्रति इकाई 2 लाख रुपये तक और प्रौद्योगिकी उन्नयन के लिए 3 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। इसके अतिरिक्त, एमएसई-गिफ्ट योजना एमएसई को हरित/ऊर्जा कुशल प्रौद्योगिकियों को अपनाने के लिए 2 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी के माध्यम से किफायती वित्तपोषण प्रदान करती है और एमएसई-एसपीआईसीई योजना सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों द्वारा चक्रीय अर्थव्यवस्था प्रथाओं को अपनाने के लिए 25 प्रतिशत पूंजी सब्सिडी प्रदान करती है।

विद्युत मंत्रालय का ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (बीईई) लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को ऊर्जा-कुशल प्रौद्योगिकियों को अपनाने में सहायता देने के लिए एडीईईटीआईई योजना लागू कर रहा है। यह योजना 3 से 5 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी, तकनीकी सहायता (ऑडिट/रिपोर्ट) के साथ 60 औद्योगिक समूहों में 14 ऊर्जा-गहन क्षेत्रों को कवर करती है। सहायता तंत्र में क्लस्टर संपर्क, ऊर्जा ऑडिट, बैंक से ऋण विस्तृत योजना रिपोर्ट का विकास, प्रौद्योगिकी की सुविधा प्रदान करना तथा ऊर्जा बचत की निगरानी आदि शामिल हैं।

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम राज्य मंत्री सुश्री शोभा करंदलाजे ने आज राज्यसभा में लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

***

पीके/केसी/जेके/एनजे


(रिलीज़ आईडी: 2236938) आगंतुक पटल : 65
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English , Urdu , Tamil