जल शक्ति मंत्रालय
सूखा-प्रवण क्षेत्रों हेतु विशेष सिंचाई सहायता
प्रविष्टि तिथि:
09 MAR 2026 3:51PM by PIB Delhi
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पीएमकेएसवाई) वर्ष 2015-16 के दौरान शुरू की गई, जिसका उद्देश्य खेत में जल की वास्विक पहुंच को बढ़ाना और सुनिश्चित सिंचाई के तहत कृषि योग्य क्षेत्र का विस्तार करना, खेत में जल उपयोग दक्षता में सुधार करना, स्थायी जल संरक्षण प्रथाओं को शुरू करना आदि है।
वर्ष 2016-17 के दौरान, राज्यों के परामर्श से, चल रहीं 99 वृहद/मध्यम सिंचाई परियोजनाओं (और 7 चरणों) की पहचान की गई और उन्हें चरणबद्ध तरीके से पूरा करने हेतु पीएमकेएसवाई के त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम (एआईबीपी) घटक के अंतर्गत शामिल किया गया। इनमें से 59 परियोजनाएं देश के सूखा प्रवण क्षेत्रों को लाभ पहुंचाती हैं, जिनमें आंध्र प्रदेश के सूखा प्रवण क्षेत्रों को लाभ पहुंचाने वाली सात (07) परियोजनाएं शामिल हैं।
भारत में जल की कमी वाले सूखा प्रवण क्षेत्रों में सिंचाई के विकास के मुद्दे के समाधान के लिए, 2021-26 के दौरान पीएमकेएसवाई के कार्यान्वयन के दौरान परियोजनाओं के चयन और केंद्रीय वित्तपोषण अनुपात के मानदंड में विशेष प्रावधान किए गए। पीएमकेएसवाई-एआईबीपी के अंतर्गत परियोजनाओं को शामिल करने के लिए कम से कम 50 प्रतिशत (50%) वास्तविक प्रगति की पात्रता मानदंड में सूखाप्रवण क्षेत्र में आने वाली 50% से अधिक कमान वाली परियोजनाओं के लिए छूट दी गई है। इसके अलावा, सामान्य श्रेणी के राज्यों में परियोजनाओं के लिए 25 (केन्द्र): 75 (राज्य) के मौजूदा वित्तपोषण पैटर्न को भी उनके सूखा प्रवण कमान क्षेत्र के अनुपात में सूखा प्रवण क्षेत्र को लाभान्वित करने वाली परियोजनाओं के लिए 60 (केन्द्र): 40 (राज्य) तक बढ़ा दिया गया है।
वर्ष 2021-26 की अवधि के लिए पीएमकेएसवाई के कार्यान्वयन की मंजूरी के बाद पीएमकेएसवाई-एआईबीपी के तहत उन्नीस (19) वृहद और मध्यम सिंचाई परियोजनाओं को वित्तपोषण के लिए चुना गया है। इनमें से पांच (05) परियोजनाएं सूखा प्रवण क्षेत्रों को लाभान्वित करती हैं। वर्ष 2021-26 के दौरान पीएमकेएसवाई के हर खेत को पानी (एचकेकेपी) घटक के तहत 1731 सतही लघु सिंचाई (एसएमआई) परियोजनाओं वाले चौदह (14) क्लस्टर शामिल किए गए हैं। इनमें से 214 एसएमआई योजनाओं वाले तीन (03) क्लस्टर सूखा प्रवण क्षेत्रों को लाभान्वित करते हैं। तथापि, पिछले तीन वर्षों में आंध्र प्रदेश की कोई भी परियोजना पीएमकेएसवाई-एआईबीपी/एचकेकेपी के तहत शामिल नहीं की गई है।
इसके अतिरिक्त, विदर्भ और मराठवाड़ा तथा महाराष्ट्र के शेष भाग के अन्य अत्यधिक सूखा संभावित क्षेत्रों में कृषि संबंधी समस्या के समाधान के लिए 8 वृहद और मध्यम तथा 83 सतही लघु सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने हेतु एक विशेष पैकेज योजना को भी भारत सरकार द्वारा जुलाई 2018 में मंजूरी दी गई है।
राज्य-वार, जिला-वार विवरण, प्रदान की गई केंद्रीय सहायता और पिछले तीन वर्षों में इन परियोजनाओं के माध्यम से सृजित सिंचाई क्षमता का विवरण अनुलग्नक में दिया गया है।
यह सूचना केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी आर पाटिल द्वारा राज्यसभा में लिखित प्रश्न के उत्तर में प्रदान की गई है।
*****
एनडी
अनुलग्नक
अनुलग्नक-क
वर्ष 2021-22 से पीएमकेएसवाई-एआईबीपी के तहत शामिल सूखा प्रवण क्षेत्रों को लाभ पहुंचाने वाली सिंचाई परियोजनाओं का विवरण
|
क्र.सं.
|
राज्य
|
परियोजना का नाम
|
लाभान्वित जिले
|
जारी केंद्रीय सहायता करोड़ रुपये में
|
जारी मदर सेंक्शन
|
हजार हे. में सृजित सिंचाई क्षमता
|
|
वर्ष 2022-23
|
वर्ष 2023-24
|
वर्ष 2024-25
|
वर्ष 2025-26
|
|
1
|
महाराष्ट्र
|
जिहे कथापुर परियोजना
|
सतारा
|
32.54
|
26.81
|
141.92
|
19.80
|
9.99
|
|
2
|
बोदवड परिसर सिंचन योजना चरण-I
|
जलगांव, बुलढाणा
|
-
|
-
|
-
|
60.20
|
-
|
|
3
|
लोअर तापी चरण-1 परियोजना
|
जलगांव
|
-
|
-
|
-
|
27.25
|
-
|
|
4
|
राजस्थान
|
परवान बहुउद्देशीय परियोजना
|
बारान, झालावाड़, कोटा
|
-
|
154.88
|
203.4
|
76.32
|
20.7
|
|
5
|
तमिलनाडु
|
कन्नड़ियन चैनल*
|
तिरुनेलवेली, थूथुकुडी
|
25.7
|
-
|
-
|
-
|
7.6
|
*परियोजना पूरी हुई
अनुलग्नक-ख
वर्ष 2015-16 के दौरान पीएमकेएसवाई-एआईबीपी के तहत शामिल सूखा प्रवण क्षेत्रों को लाभान्वित करने वाली पूर्ण सिंचाई परियोजनाओं का विवरण
|
क्र.सं.
|
राज्य
|
परियोजना का नाम
|
लाभान्वित जिले
|
वर्ष 2016-17 से प्रदान की गई केंद्रीय सहायता
करोड़ रुपये में
|
वर्ष 2016-17 से सृजित सिंचाई क्षमता
ह. हे. में
|
|
1
|
बिहार
|
दुर्गावती
|
रोहतास, कैमूर
|
72.42
|
32.20
|
|
2
|
छत्तीसगढ़
|
मनियारी टैंक
|
बिलासपुर
|
3.62
|
0.30
|
|
3
|
कर्नाटक
|
श्री रामेश्वर सिंचाई
|
बेलगाम
|
0
|
0.82
|
|
4
|
भीमा एलआईएस
|
गुलबर्गा
|
41.46
|
2.95
|
|
5
|
करंजा
|
बीदर
|
35.15
|
4.15
|
|
6
|
एनएलबीसी प्रणाली परियोजना
|
बीजापुर, गुलबर्गा
|
929.40
|
99.70
|
|
7
|
मध्य प्रदेश
|
इंदिरा सागर परियोजना नहर चरण - I और II
|
खंडवा, खरगांव
|
23.68
|
8.60
|
|
8
|
इंदिरा सागर परियोजना नहर चरण - V (खरगोन लिफ्ट)
|
खंडवा, खरगांव बड़वानी
|
9.51
|
22.61
|
|
9
|
बाणसागर यूनिट 2
|
रीवा, सतना, सीधी, शहडोल
|
68.02
|
5.67
|
|
10
|
माही परियोजना
|
धार, झाबुआ
|
5.97
|
5.96
|
|
11
|
ओंकारेश्वर परियोजना नहर चरण- II
|
खंडवा, खरगांव, धार
|
16.91
|
15.80
|
|
12
|
ओंकारेश्वर परियोजना नहर चरण- III
|
धार
|
31.93
|
2.62
|
|
13
|
इंदिरा सागर परियोजना नहर चरण-III
|
बड़वानी
|
110.33
|
15.09
|
|
14
|
इंदिरा सागर परियोजना नहर चरण-IV
|
बड़वानी
|
85.47
|
10.20
|
|
15
|
महाराष्ट्र
|
लोअर पंजारा
|
धुले
|
15.62
|
3.22
|
|
16
|
डोंगरगांव
|
चंद्रपुर
|
5.88
|
0.79
|
|
17
|
नंदूर मधमेश्वर चरण-II
|
औरंगाबाद
|
17.24
|
16.52
|
|
18
|
ऊपरी कुंडलिका
|
बीड
|
10.92
|
2.70
|
|
19
|
खड़कपूर्णा
|
बुलढाणा
|
40.16
|
8.57
|
|
20
|
धोम बालाकवाड़ी
|
पुणे/सतारा
|
51.06
|
7.88
|
|
21
|
कृष्णा कोयाना लिफ्ट
|
सोलापुर, सांगली
|
303.86
|
66.20
|
|
22
|
तराली
|
सतारा
|
72.06
|
8.57
|
|
23
|
संगोला शाखा नहर
|
सोलापुर,
|
32.43
|
5.20
|
|
24
|
बेम्बला
|
यवतमाल (V)
|
307.17
|
12.43
|
|
25
|
अपर पेन गंगा
|
यवतमाल (V), (नांदेड़ (M), हिंगोली
|
241.96
|
10.64
|
|
26
|
ओडिशा
|
ऊपरी इंद्रावती
|
कालाहांडी
|
18.00
|
0.56
|
|
27
|
रुकुरा-आदिवासी
|
सुंदरगढ़
|
25.12
|
7.65
|
|
28
|
आरईटी सिंचाई
|
कालाहांडी
|
96.12
|
8.50
|
|
29
|
तेलंगी
|
कोरापुट
|
199.44
|
15.18
|
|
30
|
लोअर इंद्र
|
नुआपाड़ा, बलांगीर
|
104.85
|
19.84
|
|
31
|
सुवर्णरेखा
|
मयूरभंज
|
603.42
|
36.51
|
|
32
|
राजस्थान
|
नर्मदा नहर
|
जालोर और बाड़मेर
|
427.82
|
6.71
|
|
33
|
तेलंगाना
|
गोल्लावागु परियोजना
|
मंचेरियल
|
4.78
|
1.83
|
|
34
|
रल्लीवागु परियोजना
|
मंचेरियल
|
0
|
0.20
|
|
35
|
माथाडिवागु परियोजना
|
आदिलाबाद
|
5.34
|
0.65
|
|
36
|
श्री कोमाराम भीम परियोजना
|
कोमारामभीम आसिफाबाद
|
0
|
5.18
|
|
37
|
पेड्डवागु @ नीलवाई परियोजना
|
मंचेरियल
|
0
|
3.65
|
|
38
|
एसआरएसपी चरण II
|
वारंगल (ग्रामीण), मेम्बूबाबाद, खम्मम, नलगोंडा, जनगांव और सूर्यापेट
|
39.29
|
13.25
|
|
39
|
उत्तर प्रदेश
|
बाणसागर नहर
|
इलाहाबाद, मिर्जापुर
|
143.51
|
100.13
|
अनुलग्नक-ग
वर्ष 2015-16 के दौरान पीएमकेएसवाई-एआईबीपी के तहत शामिल सूखा प्रवण क्षेत्रों को लाभ पहुंचाने वाली चल रही सिंचाई परियोजनाओं का विवरण
|
क्र. सं.
|
राज्य
|
परियोजना का नाम
|
लाभान्वित जिले
|
2016-17 से प्रदान की गई केंद्रीय सहायता
करोड़ रुपये में
|
2016-17 से सृजित सिंचाई क्षमता
ह. हे. में
|
|
1
|
आंध्र प्रदेश
|
गुंडलकम्मा
|
प्रकाशम
|
11.79
|
4.98
|
|
2
|
तडीपुडी एलआईएस
|
डब्ल्यू.गोदावरी
|
0
|
1.62
|
|
3
|
थोटापल्ली
|
श्रीकाकुलम, विजयनगरम
|
0
|
14.93
|
|
4
|
मुसुरुमिल्ली
|
ई.गोदावरी
|
7.40
|
0.15
|
|
5
|
पुष्करा एलआईएस
|
ई.गोदावरी, विशाखापत्तनम
|
0
|
1.93
|
|
6
|
येराकल्वा
|
डब्ल्यू.गोदावरी
|
0
|
0.41
|
|
7
|
ताराकरम तीर्थ सागरम
|
विजयनगरम
|
3.42
|
0
|
|
8
|
बिहार
|
पुनपुन
|
पटना, अरवल, जहानाबाद
|
37.82
|
0
|
|
9
|
गुजरात
|
सरदार सरोवर परियोजना
|
नर्मदा, वडोदरा, भरूच, छोटा उदयपुर, पंचमहेल, अहमदाबाद, गांधीनगर, खेड़ा, आनंद, मेहसाणा, सुरेंद्रनगर, मोरबी, बोटाद, भावनगर, कच्छ, बांसकांठा, पाटन
|
4545.56
|
614.90
|
|
10
|
कर्नाटक
|
ऊपरी तुंगा सिंचाई परियोजना
|
हावेरी, सिमोगा, डेवनेरे
|
184.04
|
9.24
|
|
11
|
महाराष्ट्र
|
वाघुर
|
जलगांव
|
195.02
|
16.07
|
|
12
|
लोअर पेढ़ी
|
अमरावती, अकोला
|
20.69
|
0
|
|
13
|
गोसीखुर्द (एनपी)
|
नागपुर, भंडारा, चंद्रपुर
|
905.43
|
141.24
|
|
14
|
ओडिशा
|
कानुपुर
|
क्योंझर
|
133.91
|
15.24
|
|
15
|
तेलंगाना
|
पालेमवागु परियोजना
|
जयशंकर भूपालपल्ली
|
0
|
0.16
|
|
16
|
राजीव भीमा एलआई योजना
|
महबूबनगर, वानापर्थी और नागरकुरनूल
|
64.75
|
56.25
|
|
17
|
पेड्डवागु @ जगन्नाथपुर
|
कोमारामभीम आसिफाबाद
|
2.29
|
0
|
|
18
|
इंदिराम्मा फ्लड फ्लो कैनाल
|
राजन्ना सिरसिला, करीमनगर, सिद्दीपेट, वारंगल शहरी, जनगांव, जगतियाल और पेद्दापल्ली
|
0
|
21.20
|
|
19
|
जे. चोखा राव एलआईएस
|
हनमकोंडला, जयशंकर भूपालपल्ली, जनगांव, सिद्दीपेट, यादाद्री, सूर्यापेट और करीमनगर, वारंगल, महबूबाबाद, मुलुगु
|
865.03
|
93.44
|
|
20
|
उत्तर प्रदेश
|
अर्जुन सहायक
|
महोबा, हमीरपुर, बांदा
|
116.57
|
57.64
|
अनुलग्नक-घ
वर्ष 2021-22 से पीएमकेएसवाई-एचकेकेपी के तहत शामिल सूखा प्रवण क्षेत्रों को लाभ पहुंचाने वाली एसएमआई योजनाओं का विवरण
|
क्र. सं.
|
राज्य
|
योजनाएं
|
लाभान्वित जिले
|
केंद्रीय सहायता करोड़ रुपये में जारी की गई
|
मातृ स्वीकृति जारी
|
सृजित सिंचाई क्षमता ह. हे. में
|
|
2022-23
|
2023-24
|
2024-25
|
2025-26
|
|
1
|
कर्नाटक
|
वर्ष 2022-23 की 138 एसएमआई योजनाएं
|
कलबुर्गी, यादगीर
|
30.00
|
37.50
|
37.50
|
80.54
|
9.593
|
|
2
|
वर्ष 2024-25 की 50 एसएमआई योजनाएं
|
धारवाड़
|
-
|
-
|
-
|
9.16
|
-
|
|
3
|
वर्ष 2024-25 की 26 एसएमआई योजनाएं
|
तुमकुर
|
-
|
-
|
-
|
21.835
|
-
|
अनुलग्नक-ङ
विदर्भ और मराठवाड़ा तथा शेष महाराष्ट्र के अन्य सूखा प्रवण क्षेत्रों में कृषि संबंधी समस्या से निपटाने के लिए विशेष पैकेज योजना के अंतर्गत परियोजनाओं का ब्यौरा
|
क्र. सं.
|
परियोजना का नाम
|
लाभान्वित जिले
|
2018-25 के दौरान प्रदान की गई केंद्रीय सहायता
करोड़ रुपये में
|
2018-25 के दौरान सृजित सिंचाई क्षमता
ह. हे. में
|
|
1
|
टेंभू एलआईएस
|
सतारा, सांगली, सोलापुर
|
297.15
|
96.32
|
|
2
|
उर्मोदी परियोजना
|
सतारा
|
38.25
|
22.98
|
|
3
|
सुलवाडे जामफल कनोली एलआई योजना
|
धुले
|
464.15
|
0
|
|
4
|
शेलगांव बैराज मध्यम परियोजना
|
जलगांव
|
135.26
|
11.40
|
|
5
|
घुंग्शी बैराज एलआईएस
|
अकोला
|
37.72
|
6.66
|
|
6
|
पूर्णा बैराज नंबर 2 (नेर्धमाना)
|
अकोला
|
16.55
|
0
|
|
7
|
जिगांव परियोजना
|
बुलढाणा, अकोला
|
1176.05
|
0
|
|
8
|
वारखेड लोंढे परियोजना
|
जलगांव
|
88.79
|
0
|
|
9
|
83 सतही लघु सिंचाई परियोजनाएं
|
विदर्भ के अमरावती, अकोलम वाशिम, यवतमाल, बुलढाणा, वर्धा जिले और मराठवाड़ा के औरंगाबाद, जालना, नदेड़, लातूर और बीड जिले
|
770.04
|
54.26
|
*****
(रिलीज़ आईडी: 2236956)
आगंतुक पटल : 88