संस्‍कृति मंत्रालय
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राष्ट्रीय संस्कृति कोष

प्रविष्टि तिथि: 09 MAR 2026 3:16PM by PIB Delhi

पिछले तीन वर्षों के दौरान राष्ट्रीय संस्कृति कोष (एनसीएफ) के माध्यम से समर्थित परियोजनाओं की स्थिति और कोष का विवरण, राज्य/केंद्र शासित प्रदेशवार, अनुलग्नक के रूप में संलग्न है । छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर पूर्वी राज्यों सहित विभिन्न राज्यों में परियोजनाएं कार्यान्वित की गई हैं, जैसा कि अनुलग्नक में विस्तृत रूप से बताया गया है। प्रत्येक परियोजना की वर्तमान स्थिति (पूर्ण/जारी) भी इसमें दर्शाई गई है।

उक्त कोष के अंतर्गत सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) ढांचे को सुदृढ़ करने और सीएसआर योगदान सहित निजी क्षेत्र और सार्वजनिक संस्थानों की भागीदारी बढ़ाने के लिए निम्नलिखित उपाय किए गए हैं:

  1. सार्वजनिक क्षेत्र तक पहुंच बनाने के लिए, एनसीएफ ने लोक उद्यम विभाग के सहयोग से जनवरी 2025 में "संस्कृति और विरासत में केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (सीपीएसई) के लिए सीएसआर के अवसर" विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया।

ii. एनसीएफ ने अक्टूबर 2025 में सीएसआर वार्षिक शिखर सम्मेलन में संभावित दानदाताओं के साथ जुड़ने और सांस्कृतिक एवं विरासत संरक्षण परियोजनाओं के समर्थन के अवसरों को रेखांकित करने के लिए सहयोग किया।

  1. राष्ट्रीय संस्कृति कोष की वेबसाइट पर 250 से अधिक चिन्हित संरक्षण और सांस्कृतिक परियोजनाओं का विवरण दिया गया है ताकि निगमों और अन्य दानदाताओं द्वारा सूचित भागीदारी को सुगम बनाया जा सके।     

राष्ट्रीय सांस्कृतिक कोष (एनसीएफ) द्वारा समर्थित पहलों ने देश भर में सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, संवर्धन और प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, क्योंकि इससे संस्थान और आम जनता संस्कृति संबंधी कार्यों में योगदान कर सकते हैं, जिससे सरकारी संसाधनों में वृद्धि होती है। अपनी स्थापना के बाद से, एनसीएफ ने संस्कृति संबंधी कार्यों के लिए लगभग 140 करोड़ रुपये की सीएसआर निधि जुटाई है। किसी विशेष राज्य या निर्वाचन क्षेत्र के लिए एनसीएफ के अंतर्गत कोई विशिष्ट पहल नहीं है।

एनसीएफ द्वारा संचालित परियोजनाओं की आवधिक समीक्षा के लिए परियोजना कार्यान्वयन समिति (पीआईसी) की व्यवस्था की गई है, जिसमें दानदाताओं सहित सभी हितधारक भाग लेते हैं। एएसआई परियोजनाओं के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के महानिदेशक और अन्य परियोजनाओं के लिए एनसीएफ/संस्कृति मंत्रालय के अधिकारियों की अध्यक्षता में परियोजना कार्यान्वयन समिति (पीआईसी) की बैठकें नियमित रूप से आयोजित की जाती हैं, ताकि प्रगति की निगरानी की जा सके और परियोजनाओं का सुचारू कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। इसके अतिरिक्त, एनसीएफ के खातों का वार्षिक लेखापरीक्षा भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक द्वारा किया जाता है।

केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने आज लोकसभा में लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

अनुलग्नक फाइल 

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