विद्युत मंत्रालय
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दुलहस्ती जलविद्युत परियोजना की राजस्व स्थिति और प्रगति

प्रविष्टि तिथि: 09 MAR 2026 4:24PM by PIB Delhi

दुलहस्ती विद्युत स्टेशन (390 मेगावाट) का विकास एनएचपीसी लिमिटेड द्वारा इक्विटी और ऋण/बाजार उधारियों के माध्यम से वित्तपोषण द्वारा किया गया है। इस परियोजना से राजस्व अप्रैल 2007 में इसकी कमीशनिंग के बाद से केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग (सीईआरसी) द्वारा निर्धारित टैरिफ पर बिजली की बिक्री से प्राप्त हो रहा है, जो लागू सीईआरसी टैरिफ नियमों के अनुसार है। प्राप्त राजस्व का एक महत्वपूर्ण हिस्सा संचालन एवं रखरखाव (ओएंडएम) खर्चों, ऋण सेवा और अन्य दायित्वों को पूरा करने में उपयोग किया जाता है। इस परियोजना से एनएचपीसी लिमिटेड की आय केवल इक्विटी पर रिटर्न (आरओई) तक सीमित है।

केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) ने 26.05.2025 को दुलहस्ती चरण-II जलविद्युत परियोजना (एचईपी) (260 मेगावाट) की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को सहमति दे दी है। पर्यावरण संबंधी मंजूरी 07.01.2026 को प्रदान की गई है, जबकि वन भूमि शामिल न होने के कारण वन मंजूरी की आवश्यकता नहीं है। इसके अतिरिक्त, एनएचपीसी लिमिटेड के निदेशक मंडल ने 20.02.2026 को परियोजना के लिए निवेश की मंजूरी दे दी है। परियोजना के निर्माण की समयसीमा 44 महीने है।

एनएचपीसी लिमिटेड और जेकेएसपीडीसीएल के बीच 03.01.2021 को हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (एमओयू) के आधार पर, जिसमें परिचालन पहलुओं, लागत दक्षता, निर्माण और परिचालन में सुगमता, परिमाण की अर्थव्यवस्थाओं और परियोजना के दुलहस्ती चरण-I के साथ तालमेल सुनिश्चित करने पर विचार किया गया है, एनएचपीसी लिमिटेड द्वारा दुलहस्ती चरण-II एचईपी का निष्पादन बीओओटी (बिल्ड-ओन-ऑपरेट-ट्रांसफर) आधार पर करने पर सहमति हुई है।

दुलहस्ती चरण-II एचईपी के लिए निजी भूमि का अधिग्रहण भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन में उचित मुआवजे और पारदर्शिता के अधिकार अधिनियम, 2013 (आरएफसीटीएलएआरआर अधिनियम, 2013) के प्रावधानों के अनुसार किया जा रहा है। परियोजना प्रभावित परिवारों (पीएएफ) को पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन योजना के लागू प्रावधानों के अनुसार सभी स्वीकार्य लाभ प्रदान किए जाएंगे।

दुलहस्ती पावर स्टेशन के मामले में, परियोजना प्रभावित परिवारों (पीएएफ) को रोजगार प्रदान किये जा चुके हैं और वर्तमान में, परियोजना प्रभावित परिवारों (पीएएफ) को रोजगार प्रदान करने से संबंधित कोई भी मामला लंबित नहीं है।

विद्युत राज्य मंत्री श्री श्रीपाद नाइक ने आज राज्यसभा में लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

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पीके/केसी/एसकेजे/एसके


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