पर्यटन मंत्रालय
एसएएससीआई के अंतर्गत पर्यटन स्थलों का विकास
प्रविष्टि तिथि:
09 MAR 2026 5:13PM by PIB Delhi
पर्यटन के विकास और संवर्धन के साथ-साथ रोजगार सृजन के आकलन का कार्य मुख्यतः संबंधित राज्य सरकार/केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन द्वारा किया जाता है। देश में प्रतिष्ठित पर्यटन केंद्रों के विकास के उद्देश्य से, पर्यटन मंत्रालय ने राज्यों को विशेष पूंजी निवेश सहायता (एसएएससीआई) योजना के तहत परिचालन संबंधी दिशानिर्देशों के साथ-साथ विस्तृत परियोजना रिपोर्ट का प्रारूप जारी किया है। इस योजना का उद्देश्य सतत पर्यटन परियोजनाओं के माध्यम से स्थानीय अर्थव्यवस्था का विकास और रोजगार के अवसरों का सृजन करना है।
दिशा-निर्देशों के अनुसार, योजना के तहत राज्यों को वित्तीय सहायता प्रदान करने हेतु सलाहकार समूहों से प्रस्ताव आमंत्रित किए गए थे। राज्यों द्वारा प्रस्तुत विस्तृत परियोजना रिपोर्टों (डीपीआर) की जांच के लिए निर्धारित मापदंडों में स्थल तक कनेक्टिविटी, स्थल/गंतव्य पर मौजूदा पर्यटन इकोसिस्टम, वहन क्षमता, उपयोगिता सेवाओं की उपलब्धता, परियोजना का प्रभाव और परिकल्पित मूल्य शामिल थे, जिनमें पर्यटकों की संख्या में अपेक्षित वृद्धि, पर्यटकों द्वारा किए जाने वाले खर्च में वृद्धि, नए रोजगार के अवसर, निजी निवेश को आकर्षित करना आदि शामिल थे। तदनुसार, वित्तीय वर्ष 2024-25 में भारत सरकार द्वारा इस योजना के तहत 3295.76 करोड़ रुपये की राशि से शत-प्रतिशत केंद्रीय निधि से 40 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई, जिनमें सांस्कृतिक महत्व के स्थल भी शामिल हैं। इन परियोजनाओं का विवरण अनुलग्नक में दिया गया है।
केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने आज लोकसभा में लिखित जवाब में यह जानकारी दी।
अनुलग्नक
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पीके/केसी/एसकेएस/एमपी
(रिलीज़ आईडी: 2237106)
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