जल शक्ति मंत्रालय
जल जीवन मिशन के अंतर्गत चालू घरेलू नल कनेक्शन
प्रविष्टि तिथि:
09 MAR 2026 4:33PM by PIB Delhi
देश के प्रत्येक ग्रामीण परिवार को नल कनेक्शन के माध्यम से नियमित और दीर्घकालिक आधार पर पर्याप्त मात्रा में गुणवत्तापूर्ण सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से, सरकार अगस्त 2019 से राज्यों के साथ साझेदारी में जल जीवन मिशन (जेजेएम) – हर घर जल लागू कर रही है।
मिशन की शुरुआत में केवल 3.23 करोड़ (16.7 प्रतिशत) ग्रामीण परिवारों के पास ही नल जल कनेक्शन होने की सूचना थी। राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों द्वारा 03.03.2026 तक दी गई जानकारी के अनुसार, जल जीवन मिशन के अंतर्गत अब तक 12.58 करोड़ से अधिक अतिरिक्त ग्रामीण परिवारों को नल जल कनेक्शन प्रदान किए गए हैं। इस प्रकार 03.03.2026 तक देश के लगभग 19.36 करोड़ ग्रामीण परिवारों में से करीब 15.82 करोड़ (81.71 प्रतिशत) परिवारों के घरों में नल से जल आपूर्ति उपलब्ध होने की सूचना है।
इसके अतिरिक्त, मिशन के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में प्रदान किए गए नल जल कनेक्शनों की राज्य/केन्द्र शासित प्रदेश-वार, जिला-वार तथा गांव-वार स्थिति सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध है और इसे जेजेएम डैशबोर्ड पर देखा जा सकता है: https://ejalshakti.gov.in/jjmreport/JJMIndia.aspx
चूँकि पेयजल राज्य का विषय है, इसलिए जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल आपूर्ति योजनाओं की योजना बनाना, अनुमोदन, क्रियान्वयन, संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी राज्य/केन्द्र शासित प्रदेश सरकारों की होती है। भारत सरकार तकनीकी और वित्तीय सहायता प्रदान करके राज्य/केन्द्र शासित प्रदेश सरकारों के प्रयासों को सहयोग देती है। जल टैंकरों के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराए जा रहे गांवों का विवरण राज्य सरकार स्तर पर रखा जाता है।
जल जीवन मिशन (जेजेएम) ग्रामीण परिवारों को कवर करने के लिए एक सार्वभौमिक दृष्टिकोण अपनाता है। वर्ष 2019 से मिशन के तहत धन आवंटन करते समय कठिन भौगोलिक क्षेत्रों को 30 प्रतिशत महत्व दिया गया है, जिनमें डेजर्ट डेवलपमेंट प्रोग्राम (डीडीपी) और ड्रॉट प्रोन एरिया प्रोग्राम (डीपीएपी) के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति बहुल क्षेत्रों में रहने वाली आबादी को 10 प्रतिशत महत्व दिया गया है, ताकि इन क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर कवरेज सुनिश्चित किया जा सके।
इसके अलावा, जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल स्रोतों के विकास, सुदृढ़ीकरण और संवर्धन के साथ-साथ, जल की बड़ी मात्रा में आपूर्ति, शोधन और वितरण प्रणाली के लिए अवसंरचना विकसित करने का भी प्रावधान किया गया है। यह विशेष रूप से जल की कमी वाले, सूखा प्रभावित और रेगिस्तानी क्षेत्रों के लिए है, जहाँ भरोसेमंद भूजल स्रोत उपलब्ध नहीं हैं। इसके साथ ही गांवों के भीतर जल आपूर्ति अवसंरचना के निर्माण का भी प्रावधान किया गया है।
यह जानकारी जल शक्ति राज्य मंत्री श्री वी. सोमन्ना ने आज राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
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पीके/केसी/केपी/डीके
(रिलीज़ आईडी: 2237111)
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