पर्यटन मंत्रालय
बौद्ध पर्यटन को बढ़ावा
प्रविष्टि तिथि:
09 MAR 2026 5:15PM by PIB Delhi
पर्यटन मंत्रालय नियमित रूप से प्रचार कार्यक्रमों, घरेलू व अंतरराष्ट्रीय बाजारों में आयोजित यात्रा संबंधी प्रदर्शनियों एवं मेलों में भागीदारी, परिचितता (एफएएम) यात्राओं, इन्फ्लुएंसरों के कार्यक्रमों, मेलों एवं त्योहारों के आयोजन हेतु राज्य सरकारों/केन्द्र-शासित प्रदेशों को सहायता, वेबसाइट, सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से प्रचार आदि जैसी विभिन्न पहलों के जरिए बौद्ध स्थलों सहित भारत के विविध पर्यटन स्थलों और अनुभवों को बढ़ावा देता है।
इसके अलावा, मंत्रालय ने स्वदेश दर्शन, तीर्थयात्रा पुनरुद्धार एवं आध्यात्मिक विरासत संवर्धन अभियान (प्रसाद), केन्द्रीय एजेंसियों को सहायता (एसीए), चुनौती आधारित गंतव्य विकास (सीबीडीडी) और राज्यों/केन्द्र-शासित प्रदेशों को पूंजी निवेश हेतु विशेष सहायता (एसएएससीआई) जैसी योजनाओं के तहत देश में बौद्ध पर्यटन स्थलों सहित पर्यटन अवसंरचना तथा सुविधाओं के विकास हेतु कई परियोजनाओं को मंजूरी दी है।
पिछले पांच वर्षों के दौरान सिद्धार्थनगर जिले में पर्यटकों की संख्या का विवरण इस प्रकार है:
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वर्ष
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डीटीवी
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एफटीवी
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कुल
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2025 (अनंतिम)
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195941
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23341
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219282
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2024
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100595
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17546
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118141
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2023
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392516
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11797
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404313
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2022
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222289
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109
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222398
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2021
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370975
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90
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371065
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कुल
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12,82,316
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52,883
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13,35,199
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* डीटीवी-घरेलू पर्यटकों के दौरे / एफटीवी - विदेशी पर्यटकों के दौरे
सरकार ने बिहार और उत्तर प्रदेश सहित देश भर में बौद्ध सांस्कृतिक एवं विरासत स्थलों के बीच संपर्क (सड़क, हवाई और रेल संपर्क) को बेहतर बनाने हेतु महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। नेपाल का लुम्बिनी राष्ट्रीय राजमार्ग-233 के जरिए भारत के सिद्धार्थनगर से जुड़ा हुआ है। रेल मंत्रालय बोधगया, राजगीर, नालंदा, सारनाथ, कुशीनगर, लुम्बिनी और श्रावस्ती को कवर करने वाली थीम आधारित पर्यटक सर्किट ट्रेनों का परिचालन भी करता है।
पर्यटन मंत्रालय अंतरराष्ट्रीय पर्यटन सहयोग के ढांचे के तहत नेपाल, भूटान, श्रीलंका और थाईलैंड जैसे पड़ोसी देशों के साथ नियमित रूप से संपर्क में रहता है, जिसमें बौद्ध पर्यटन सहित पर्यटन को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
यह जानकारी केन्द्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।
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पीके/केसी/आर
(रिलीज़ आईडी: 2237120)
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