कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर आईईपीएफए और एनसीएईआर द्वारा संयुक्त रूप से निवेशक शिक्षा और संरक्षण कार्यशाला का आयोजन
प्रविष्टि तिथि:
09 MAR 2026 7:02PM by PIB Delhi
भारत सरकार के कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय के अधीन निवेशक शिक्षा एवं संरक्षण कोष प्राधिकरण (आईईपीएफए) ने राष्ट्रीय अनुप्रयुक्त आर्थिक अनुसंधान परिषद (एनसीएईआर) और सैफायर इंटरनेशनल स्कूल के सहयोग से अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में निवेशक शिक्षा एवं संरक्षण कार्यशाला का आयोजन किया।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवा छात्रों और महिलाओं में वित्तीय साक्षरता, निवेशक जागरूकता और डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करना था, ताकि वित्तीय रूप से सशक्त और समावेशी समाज की परिकल्पना को बल मिल सके।
कार्यशाला का मुख्य विषय था ‘भविष्य अभी है: युवा पीढ़ी के लिए वित्तीय शिक्षा और विकसित भारत के लिए लैंगिक अंतर को पाटना’। इसमें नीति निर्माताओं, वित्तीय विशेषज्ञों और शिक्षाविदों ने भारत की बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था में जिम्मेदार वित्तीय व्यवहार और लैंगिक समानता वाली वित्तीय भागीदारी के महत्व पर साथ मिलकर चर्चा में भाग लिया।
प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए, सैफ़ायर इंटरनेशनल स्कूल की प्रधानाचार्य सुश्री एकता सोनी ने युवा शिक्षार्थियों विशेष रूप से लड़कियों को, वित्तीय ज्ञान से लैस करने के महत्व पर प्रकाश डाला ताकि उनमें आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता विकसित हो सके।
अपने मुख्य भाषण में, आईईपीएफए की सीईओ और कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुश्री अनीता शाह अकेल्ला ने इस बात पर बल दिया कि भारत में डिजिटल भुगतान में तेजी से वृद्धि हो रही है, ऐसे में युवा नागरिकों को सुरक्षित वित्तीय आदतें विकसित करने और साइबर धोखाधड़ी से बचने में मदद करने के लिए प्रारंभिक वित्तीय शिक्षा आवश्यक है। उन्होंने वित्तीय जागरूकता और सूचित निर्णय लेने के माध्यम से महिलाओं और लड़कियों को सशक्त बनाने के महत्व को भी रेखांकित किया।
एनसीएईआर के आईईपीएफ चेयर प्रोफेसर डॉ. सी. एस. मोहपात्रा द्वारा संचालित पैनल चर्चा में भारत के डिजिटल परिवर्तन के साथ वित्तीय शिक्षा को संरेखित करने और वित्तीय आत्मविश्वास और पहुंच में लैंगिक अंतर को दूर करने की आवश्यकता पर ध्यान केंद्रित किया गया। डॉ. सोनल टिक्कू, सुश्री हिमानी लाथ और सीएस शिवम शर्मा सहित विशेषज्ञों ने साइबर सुरक्षा, वित्तीय नियोजन, नैतिक वित्तीय प्रथाओं और नियामक जागरूकता पर अपने विचार साझा किए।

जागरूकता अभियान के अंतर्गत आयोजित कार्यशाला में हाउसकीपिंग स्टाफ को भी शामिल किया गया, जहां विशेषज्ञों ने बचत, निवेश और सुरक्षित वित्तीय प्रथाओं की बुनियादी अवधारणाओं को सरल और व्यावहारिक तरीके से समझाया। प्रश्नोत्तर सत्र में प्रतिभागियों को डिजिटल सुरक्षा और वित्तीय नियोजन पर मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर मिला।
कार्यशाला का समापन क्विज़ प्रतियोगिता के विजेताओं और प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरण के साथ हुआ, जो विकसित भारत की परिकल्पना के अनुरूप वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देने और युवाओं एवं समुदायों को सशक्त बनाने के लिए आईईपीएफए और एनसीएईआर की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करता है।
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पीके/केसी/जेएस/एसएस
(रिलीज़ आईडी: 2237200)
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