श्रम और रोजगार मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

पीडीयूएनएएसएस के निदेशक श्री कुमार रोहित ने छूट प्रबंधन और प्रतिभूतियों के मूल्यांकन पर ईपीएफओ प्रशिक्षण के लिए रणनीतिक दृष्टिकोण निर्धारित किया

प्रविष्टि तिथि: 09 MAR 2026 7:37PM by PIB Delhi

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के सर्वोच्च प्रशिक्षण संस्थान, पंडित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा अकादमी (पीडीयूएनएएसएस) ने आज ‘‘छूट प्रबंधन, कानूनी ढांचा और प्रतिभूतियों का मूल्यांकन’’ शीर्षक से एक उच्च स्तरीय पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन किया। नौ से 13 मार्च 2026 तक चलने वाला यह कार्यक्रम देशभर में ईपीएफओ अधिकारियों की नियामक और वित्तीय निगरानी क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image001B3X5.jpg  

उद्घाटन सत्र का नेतृत्व पीडीयूएनएएसएस के निदेशक श्री कुमार रोहित ने किया, जिन्होंने आधुनिक सामाजिक सुरक्षा परिदृश्य में विशेष प्रशिक्षण के महत्व को रेखांकित करते हुए कार्यक्रम को संबोधित दिया। श्री कुमार रोहित ने इस बात पर प्रकाश डाला कि छूट प्राप्त प्रतिष्ठानों का विनियमन ईपीएफओ के भीतर ‘‘सबसे विशिष्ट और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण’’ क्षेत्रों में से एक है। अपने संबोधन में उन्होंने उपस्थित अधिकारियों के कंधों पर टिकी अपार जिम्मेदारी पर जोर दिया।

श्री कुमार रोहित ने कहा, ‘‘छूट प्राप्त प्रतिष्ठान आज करोड़ों रुपये के भविष्य निधि संचय का प्रबंधन करते हैं।’’ इसलिए यह आवश्यक है कि इन निधियों का न केवल विवेकपूर्ण प्रबंधन और सुरक्षित निवेश किया जाए, बल्कि प्रभावी विनियमन भी किया जाए। इस संतुलन को बनाए रखने के लिए हमारे अधिकारियों के पास कानूनी ढांचे, जटिल निवेश पैटर्न और कठोर लेखापरीक्षा तंत्रों सहित बहुआयामी समझ होनी चाहिए।

निदेशक ने कहा कि इस तरह के विशेष प्रशिक्षण से अधिकारी नीतिगत उद्देश्यों को व्यावहारिक, जमीनी स्तर की उत्कृष्टता में बदलने में सक्षम होते हैं, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि लाखों श्रमिकों के सामाजिक सुरक्षा हित सुरक्षित और पारदर्शी रूप से प्रबंधित रहें।

उद्घाटन सत्र में अपर केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त (एसीसी), छूट प्रभाग के श्री संजय कुमार की विशेषज्ञता का भी लाभ मिला, जिन्होंने छूटों को नियंत्रित करने वाली नवीनतम शर्तों और केंद्रीय न्यासी बोर्ड द्वारा अनुमोदित नई सरलीकृत मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) पर व्यावहारिक जानकारी साझा की।

पीडीयूएनएएसएस के मुख्य शिक्षण अधिकारी श्री रिजवान उद्दीन ने भी प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए जटिल अनुपालन मामलों से निपटने के दौरान बढ़ी हुई कानूनी जागरूकता और विश्लेषणात्मक सटीकता की महत्वपूर्ण आवश्यकता पर जोर दिया।

पांच दिनों का यह कार्यक्रम निधि प्रबंधन के वित्तीय और कानूनी पहलुओं की व्यापक समझ प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। पेशेवर विकास के सर्वोच्च मानकों को सुनिश्चित करने के लिए पीडीयूएनएएसएस ने निम्नलिखित संस्थानों के उच्च स्तरीय विषय-विशेषज्ञों को संकाय के रूप में शामिल किया है:

  • ईपीएफओ और विधिक विशेषज्ञ: वैधानिक नियामक ढांचे पर ध्यान केंद्रित करना।
  • उद्योग जगत के अग्रणी विशेषज्ञ: डेलॉयट, क्रिसिल और दाराशॉ एंड कंपनी के विशेषज्ञ निवेश प्रबंधन, प्रतिभूतियों के मूल्यांकन और वित्तीय विवरण विश्लेषण पर सत्रों का संचालन करेंगे।

श्री प्रशांत शर्मा (आरपीएफसी-I) के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में भारत के विभिन्न क्षेत्रों के अधिकारी भाग ले रहे हैं। यह पहल राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में सक्षम उच्च कुशल कार्यबल के निर्माण के प्रति पीडीयूएनएएसएस की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

पीडीयूएनएएसएस के बारे में श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अधीन पंडित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा अकादमी (पीडीयूएनएएसएस) भारत में सामाजिक सुरक्षा प्रशासन के क्षेत्र में प्रशिक्षण, अनुसंधान और क्षमता निर्माण के लिए अग्रणी संस्थान है।

***

पीके/केसी/एसएस/एसएस


(रिलीज़ आईडी: 2237225) आगंतुक पटल : 46
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English , Urdu