मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय
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मत्स्य पालन बर्फ संयंत्र

प्रविष्टि तिथि: 10 MAR 2026 1:46PM by PIB Delhi

भारत सरकार के मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के मत्स्य विभाग ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) के अंतर्गत केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप के प्रशासन के 62.43 करोड़ रुपये की कुल लागत वाले उस प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है जिसमें केंद्र सरकार का हिस्सा 44.20 करोड़ रुपये है। इस योजना के अंतर्गत चार बर्फ संयंत्र इकाइयों सहित मत्स्य पालन संबंधी कई गतिविधियों को लागू किया जाएगा।

केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन ने सूचित किया है कि चेतलात, किल्टन या बित्रा में कंटेनर वाले बर्फ संयंत्रों के लिए कोई प्रस्ताव नहीं है। बित्रा में 5 टन प्रतिदिन की क्षमता वाला ब्लॉक बर्फ संयंत्र पहले से ही चालू है। इसके अतिरिक्त, चेतलात और किल्टन के लिए 5 टन प्रतिदिन की क्षमता वाले प्रत्यक्ष विस्तार (डीएक्स) ब्लॉक बर्फ संयंत्रों को पीएमएमएसवाई के अंतर्गत स्वीकृत किया गया है। उनमें से प्रत्येक के लिए 68.44 लाख रुपये आवंटित किये गये हैं और क्रय के लिए निविदाएं जारी की जा चुकी हैं। इन संयंत्रों के लिए विद्युत आपूर्ति केंद्र शासित प्रदेश की डीजल आधारित उत्पादन प्रणाली से सुनिश्चित की जाती है जबकि सौर ऊर्जा सहित नवीकरणीय ऊर्जा को इससे जोड़ने के विकल्पों पर सक्रियता से विचार किया जा रहा है।

हालांकि, इसका अलग से कोई सरकारी अध्ययन नहीं किया गया है कि क्या बर्फ संयंत्रों का मछली संरक्षण या मछुआरों की आजीविका पर कोई विशिष्ट प्रभाव पड़ेगा, लेकिन पीएमएमएसवाई के अंतर्गत व्यापक क्षेत्रीय सुधार सकारात्मक परिणाम दर्शाते हैं। लक्षद्वीप में मछली उत्पादन 1960 के दशक में लगभग 500 टन था जो बढ़कर हाल के वर्षों में लगभग 20,000 टन प्रति वर्ष हो गया है। ये रुझान दर्शाते हैं कि संरक्षण और प्रसंस्करण अवसंरचना में सुधार से उत्पाद की गुणवत्ता बढ़ी है, जिससे मछुआरा समुदाय की आय में वृद्धि हुई है और रोजगार के अवसर बढ़े हैं।

मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ​​ललन सिंह ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी।

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पीके/केसी/केके/एसके/एसएस


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