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भारतीय रेलवे ने प्रमुख कॉरिडोरों में ट्रैक्शन और डिजिटल संचार व्यवस्था के आधुनिकीकरण के लिए 765 करोड़ रुपये से अधिक की मंजूरी दी


रणनीतिक दु्व्वाडा–विशाखापत्तनम–विजयनगरम माल कॉरिडोर पर ट्रैक्शन प्रणाली के आधुनिकीकरण के लिए 318.07 करोड़ रुपये स्वीकृत

रायचूर–गुंटकल खंड में 126 किमी पर आधुनिक 2×25 केवी विद्युत ट्रैक्शन अपग्रेड करने के लिए 259.39 करोड़ रुपये की मंजूरी

पश्चिम रेलवे के वडोदरा और मुंबई डिवीजनों में 1,000 किमी ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने के लिए 187.88 करोड़ रुपये की मंजूरी

प्रविष्टि तिथि: 10 MAR 2026 2:22PM by PIB Delhi

भारतीय रेलवे ने नेटवर्क के महत्वपूर्ण खंडों में संचालन को सुदृढ़ करने, लाइन क्षमता बढ़ाने और संचार प्रणालियों के आधुनिकीकरण के लिए ₹765 करोड़ से अधिक की लागत वाले अनेक प्रमुख बुनियादी ढांचों और प्रौद्योगिकी का आधुनिकीकरण करने संबंधी परियोजनाओं को मंजूरी दी है।

स्वीकृत परियोजनाओं में दो उच्च घनत्व वाले माल और यात्री कॉरिडोरों पर विद्युत ट्रैक्शन प्रणाली के आधुनिकीकरण के साथ-साथ पश्चिम रेलवे के वडोदरा और मुंबई सेंट्रल डिवीजनों में ऑप्टिकल फाइबर संचार नेटवर्क के बड़े विस्तार को शामिल किया गया है।

दुव्वाडा–विशाखापत्तनम–विजयनगरम खंड में विद्युत ट्रैक्शन प्रणाली का आधुनिकीकरण

भारतीय रेलवे ने ईस्ट कोस्ट रेलवे के अंतर्गत 106 किमी लंबे दुव्वाडा–विशाखापत्तनम–विजयनगरम खंड पर विद्युत ट्रैक्शन प्रणाली के आधुनिकीकरण के लिए 318.07 करोड़ रुपये की भी मंजूरी दी है।

इस खंड में मौजूदा 1×25 केवी प्रणाली को आधुनिक कर 2×25 केवी प्रणाली में बदला जाएगा, जिससे अधिक माल लोडिंग क्षमता, बेहतर गति की संभावना और उच्च घनत्व वाले कॉरिडोर पर अधिक विश्वसनीय संचालन सुनिश्चित होगा।

हावड़ा–चेन्नई मार्ग पर स्थित यह खंड ओडिशा और छत्तीसगढ़ से विशाखापत्तनम बंदरगाह तक खनिज और औद्योगिक वस्तुओं के परिवहन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस आधुनिकीकरण से बिजली आपूर्ति क्षमता मजबूत होगी, जिससे मालगाड़ियों की आवाजाही सुचारु होगी और यात्री ट्रेनों का संचालन भी अधिक कुशल बनेगा।

यह परियोजना 2024–25 के रेलवे बजट में शामिल देशव्यापी कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य भारतीय रेलवे में विद्युत ट्रैक्शन प्रणालियों का आधुनिकीकरण करना है।

रायचूर–गुंटकल खंड में विद्युत ट्रैक्शन प्रणाली का आधुनिकीकरण

भारतीय रेलवे ने दक्षिण मध्य रेलवे के गुंटकल डिवीजन के अंतर्गत कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में फैले 126 किमी लंबे रायचूर–गुंटकल खंड पर विद्युत ट्रैक्शन प्रणाली के आधुनिकीकरण के लिए 259.39 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।

इस खंड में मौजूदा 1×25 केवी प्रणाली को आधुनिक कर 2×25 केवी प्रणाली में बदला जाएगा, जिससे अधिक ट्रेन लोड क्षमता, बेहतर गति की संभावना और उच्च घनत्व वाले कॉरिडोर पर अधिक परिचालन विश्वसनीयता सुनिश्चित होगी।

मुंबई–चेन्नई मार्ग पर इस आधुनिकीकरण से बिजली आपूर्ति क्षमता मजबूत होगी, जिससे मालगाड़ियों की आवाजाही अधिक सुचारु होगी और वंदे भारत ट्रेनों सहित यात्री सेवाएँ अधिक तेज और कुशल बन सकेंगी। यह परियोजना भारतीय रेलवे के 3,000 मिलियन टन (एमटी) माल लोडिंग के लक्ष्य को प्राप्त करने के मिशन में भी योगदान देगी, साथ ही समग्र नेटवर्क दक्षता को बढ़ाएगी।

यह कार्य 2024–25 के रेलवे बजट में शामिल देशव्यापी कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य भारतीय रेलवे में विद्युत ट्रैक्शन प्रणालियों का आधुनिकीकरण करना है।

वडोदरा और मुंबई डिवीजनों में ओएफसी संचार बैकबोन की स्थापना का प्रावधान

भारतीय रेलवे ने पश्चिम रेलवे के वडोदरा और मुंबई सेंट्रल डिवीजनों में संचार नेटवर्क को मजबूत करने के लिए 187.88 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।

इस परियोजना के तहत 4×48 कोर ऑप्टिकल फाइबर केबल (ओएफसी) बैकबोन आर्किटेक्चर स्थापित किया जाएगा, जिससे अधिक बैंडविड्थ, नेटवर्क रिडंडेंसी और एलटीई आधारित कवच सहित अन्य महत्वपूर्ण रेलवे संचार प्रणालियों को विश्वसनीय सहयोग सुनिश्चित होगा। आधुनिकीकरण से कवच के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए आवश्यक डिजिटल अवसंरचना मजबूत होगी, जो एक स्वदेशी ट्रेन टक्कर-रोधी प्रणाली है।

इस कार्य के अंतर्गत 1,000 रूट किलोमीटर से अधिक दूरी में ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाई जाएगी, जिसमें 692 किमी वडोदरा डिवीजन और 308 किमी मुंबई डिवीजन शामिल हैं।

यह परियोजना 2024–25 के रेलवे बजट में शामिल एक बड़े राष्ट्रीय कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पूरे रेलवे नेटवर्क में कवच के विस्तार और रेलवे संचार प्रणालियों के आधुनिकीकरण को बढ़ावा देना है।

रेल बुनियादी ढांचे और क्षमता को मजबूत बनाना

स्वीकृत ये परियोजनाएँ प्रमुख रेल कॉरिडोरों पर ट्रैक्शन पावर प्रणालियों में सुधार, संचार बैकबोन अवसंरचना को मजबूत करने और माल ढुलाई क्षमता बढ़ाने के माध्यम से रेलवे संचालन की दक्षता और विश्वसनीयता को बढ़ाएँगी।

ये पहल आधुनिक ट्रेनों के संचालन में सहयोग देने, डिजिटल संचार नेटवर्क को मजबूत करने और प्रमुख माल एवं यात्री मार्गों पर भारतीय रेलवे के समग्र प्रदर्शन में सुधार करने में भी सहायक होंगी।

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पीके/केसी/केपी


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