औषधि विभाग
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बायो फार्मा शक्ति योजना

प्रविष्टि तिथि: 10 MAR 2026 1:33PM by PIB Delhi

घरेलू जैव-औषधीय क्षेत्र को मजबूत करने और बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर्स में वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार ने बायोफार्मा शक्ति योजना की घोषणा की है। इसके लिए पांच वर्षों में 10,000 करोड़ रुपए का परिव्यय किया गया है। इसका उद्देश्य भारत में किफायती स्वास्थ्य सेवा का समर्थन करने और भारत को वैश्विक जैव-फार्मा विनिर्माण और नवाचार केंद्र के रूप में सक्षम बनाने के लिए बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर्स के लिए एक विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी घरेलू इकोसिस्टम का निर्माण करना है।

भारत में बीमारियों का बोझ गैर-संक्रामक रोगों, जैसे मधुमेह, कैंसर और ऑटोइम्यून विकारों के कारण बढ़ता जा रहा है। जैविक दवाएं किफायती लागत पर दीर्घायु जीवन सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। भारत को वैश्विक बायोफार्मा विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए, बायोफार्मा क्षेत्र के लिए बायोफार्मा शक्ति जैसी पहल से भारतीय फार्मा उद्योग को निम्नलिखित लाभ प्राप्त होने की उम्मीद है:

  1. इस पहल का उद्देश्य उच्च मूल्य वाले जैव औषधीय उत्पादों और दवाओं के घरेलू विकास और विनिर्माण को समर्थन देना, आयात पर निर्भरता को कम करना और वैश्विक जैविक आपूर्ति श्रृंखला में भारत की प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाना है।
  2. बायोफार्मा अनुसंधान, विकास, विनिर्माण और विनियमन में विशेषीकृत मानव संसाधन की बढ़ती आवश्यकता को पूरा करने के लिए तीन नए राष्ट्रीय औषध शिक्षा और अनुसंधान संस्थानों (एनआईपीईआर) की स्थापना और सात वर्तमान एनआईपीईआर के उन्नयन के माध्यम से बायोफार्मा-केंद्रित नेटवर्क का विस्तार और सुदृढ़ीकरण।
  3. भारत की उन्नत नैदानिक परीक्षणों को संचालित करने की क्षमता में सुधार पर ध्यान केंद्रित करते हुए बड़े पैमाने पर नैदानिक अनुसंधान इकोसिस्टम का निर्माण।
  4. केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) को सुदृढ़ किया जाएगा ताकि एक समर्पित वैज्ञानिक समीक्षा दल के गठन द्वारा नियामक ढांचे को मजबूत किया जा सके। इससे वैश्विक स्तर पर विश्वसनीय अनुमोदन प्रक्रिया को तेज किया जा सके। इससे नियामक अनुमोदनों में लगने वाले वर्तमान समय में कमी आएगी।
  5.  इस पहल का उद्देश्य स्टार्टअप्स और उद्योग को होनहार उम्मीदवारों को अवधारणा से लेकर प्रमुख विकास मील के पत्थर तक ले जाने में मदद करने के लिए प्रारंभिक चरण के नवाचार वित्तपोषण और संरचित इक्विटी समर्थन पर ध्यान केंद्रित करना है।

रसायन और उर्वरक राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने आज राज्यसभा में लिखित जवाब में यह जानकारी दी।

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पीके/ केसी/ एसके


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