रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय : उर्वरक विभाग
श्री जगत प्रकाश नड्डा ने गोबर्धन और सीबीजी संयंत्रों से उत्पादित जैविक उर्वरकों को बढ़ावा देने हेतु एमडीए योजना के कार्यान्वयन पर प्रकाश डाला
4 मार्च 2026 तक आईएफएमएस पोर्टल पर 120 सीबीजी/बीजी संयंत्र पंजीकृत
प्रविष्टि तिथि:
10 MAR 2026 2:28PM by PIB Delhi
केन्द्र सरकार गोबर्धन और संपीडित बायोगैस (सीबीजी) संयंत्रों से उत्पादित जैविक उर्वरकों को बढ़ावा देने के लिए बाजार विकास सहायता (एमडीए) योजना लागू कर रही है। इस योजना के तहत, किण्वित जैविक खाद (एफओएम), तरल एफओएम (एलएफओएम) और फॉस्फेट युक्त जैविक खाद (पीआरओएम) के लिए 1500 रुपये प्रति मीट्रिक टन की दर से एमडीए प्रदान किया जाता है।
4 मार्च 2026 तक इन जैविक उर्वरकों की बिक्री के लिए एकीकृत उर्वरक प्रबंधन प्रणाली (iFMS) पोर्टल पर 120 सीबीजी/बीजी संयंत्र पंजीकृत किए गए हैं। विपणन को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर व्यापक उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उर्वरक विपणन कंपनियों (एफएमसी) को अपने-अपने क्षेत्रों में सीबीजी संचालकों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। अब तक एफओएम, एलएफओएम और पीआरओएम के विपणन के लिए 44 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं।
इसके अतिरिक्त, उर्वरक विभाग ने एफएमसी को देशभर में व्यापक किसान संपर्क कार्यक्रम चलाने का निर्देश दिया है। इसके परिणामस्वरूप, 24 एफएमसी ने फरवरी 2025 से जनवरी 2026 के बीच 15,690 किसान संगोष्ठियों और शिविरों का आयोजन किया।
इन कार्यक्रमों में एफओएम, एलएफओएम, पीआरओएम, पीडीएम और सिटी कम्पोस्ट के उपयोग पर प्रदर्शन के साथ-साथ उर्वरक की मात्रा, फसल-विशिष्ट अनुप्रयोग विधियों और जैविक इनपुट के लाभों पर तकनीकी सत्र शामिल थे। इस आउटरीच कार्यक्रम का मुख्य ध्यान संतुलित उर्वरक उपयोग, एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन (आईएनएम), जैविक खेती पद्धतियों और मृदा के स्वास्थ्य में सुधार को बढ़ावा देने पर रहा। प्रदर्शन प्लॉट और किसानों के साथ संवादात्मक सहभागिता इन पहलों के घटक रहे हैं।
चूंकि एमडीए योजना इस वर्ष समाप्त हो रही है, इसलिए इसके प्रभाव का मूल्यांकन वर्तमान में नीति आयोग द्वारा किया जा रहा है। वैज्ञानिक मूल्यांकन और किसानों जागरूकता को मजबूत करने के लिए विभाग ने एफओएम और एलएफओएम पर प्रदर्शन और फील्ड स्टडी के लिए 11.79 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली दो वर्षीय आईसीएआर परियोजना को भी मंजूरी दी है, जो 29 नवंबर 2024 से प्रभावी।
एफओएम/एलएफओएम/पीआरओएम की वर्ष-वार बिक्री
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वर्ष
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एफओएम
(एमटी में)
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एलएफओएम
(एमटी में)
|
पीआरओएम
(एमटी में)
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कुल
(एमटी में)
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2023-24
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27,899.62
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28,159.00
|
0.00
|
56,058.62
|
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2024-25
|
1,06,620.15
|
2,28,181.00
|
1,490.16
|
3,36,291.30
|
|
2025-26
(28.02.2026 तक)
|
5,78,865.03
|
10,89,019.04
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4,799.13
|
16,72,683.20
|
|
कुल
|
7,13,384.80
|
13,45,359.04
|
6,289.28
|
20,65,033.12
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एमडीए की वर्ष-वार जारी राशि
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वर्ष
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एमडीए द्वारा जारी की गई राशि (करोड़ रुपये में)
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2023-24
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0.00
|
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2024-25
|
28.00
|
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2025-26 (28.02.2026 तक)
|
83.72
|
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28.2.2026 तक जारी किया गया कुल एमडीए
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111.72
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केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने यह जानकारी आज राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
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पीके/केसी/आईएम/एम
(रिलीज़ आईडी: 2237624)
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