भारी उद्योग मंत्रालय
ई-बस सेवा
प्रविष्टि तिथि:
10 MAR 2026 4:09PM by PIB Delhi
आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय (एमओएचयूए) द्वारा प्रधानमंत्री-ईबस सेवा योजना को लागू किया जा रहा है जिसका उद्देश्य शहरी परिवहन प्रणाली को मजबूत करना है। इसके अंतर्गत 10,000 वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों को 3 से 40 लाख आबादी वाले शहरी शहरों में तैनात किया जाएगा, जिसमें छोटे-छोटे सटे हुए वैधानिक कस्बे, राज्य की राजधानियां और तीन लाख से कम जनसंख्या वाले पूर्वोत्तर एवं पर्वतीय क्षेत्रों के राजधानी शहर शामिल हैं।
इस योजना के अंतर्गत शामिल लगभग 30 प्रतिशत शहरों को संगठित सार्वजनिक परिवहन प्रणाली शुरू करने में मदद मिलेगी जबकि लगभग 80 प्रतिशत शहरों को पहली बार ई-मोबिलिटी में शामिल होने का अवसर मिलेगा। इस योजना को जबरदस्त सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है क्योंकि इससे संबंधित अवसंरचना के लिए भी सहायता प्रदान की जा रही है, जिसमें योजना के अंतर्गत ई-बसों की तैनाती के लिए बिहाइंड-द-मीटर (बीटीएम) विद्युत अवसंरचना के लिए 100 प्रतिशत वित्तीय सहायता शामिल है। 10,000 ई-बसों की मांग के साथ-साथ 200 से अधिक अवसंरचना प्रस्तावों (नागरिक डिपो एवं विद्युत अवसंरचना दोनों) को मंजूरी प्रदान की जा चुकी है। अब तक, इलेक्ट्रिक बसों की तैनाती के लिए 500 सर्किट किलोमीटर से अधिक हाई टेंशन (एचटी) लाइन अवसंरचना और 300 एकड़ से अधिक भूमि पर डिपो निर्माण को मंजूरी प्रदान की गई है।
इस योजना के अंतर्गत, दिसंबर 2025 तक अवसंरचना प्रस्तावों (बिहाइंड-द-मीटर विद्युत अवसंरचना और सिविल डिपो अवसंरचना) के लिए स्वीकृत और खर्च की गई कुल राशि क्रमशः 1254.38 करोड़ रुपये और 483.70 करोड़ रुपये है। राज्यवार स्वीकृत और खर्च की गई राशि का विवरण अनुलग्नक-I में दिया गया है।
इस योजना के अंतर्गत 20 राज्यों और 6 केंद्र शासित प्रदेशों के 116 शहरों में 10,000 बसों को मंजूरी प्रदान की गई है। राज्यवार स्वीकृत बसों का विवरण अनुलग्नक-II में दिया गया है।
आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की डेटा प्रबंधन प्रणाली में नौकरी के सृजन की संख्या दर्ज नहीं होती है क्योंकि बसों के संचालन एवं डिपो निर्माण परियोजनाओं को संबंधित शहरों द्वारा लागू किया जाता है। हालांकि, योजना की अवधि में प्रत्यक्ष रूप से 45,000 से 55,000 नौकरियों के सृजन का अनुमान है।
बिहाइंड-द-मीटर विद्युत अवसंरचना और सिविल डिपो अवसंरचना कार्यों के लिए कुल 10.48 करोड़ रूपये की राशि स्वीकृत की गई है। इसमें से 8.40 करोड़ रुपये की मुख्य राशि जारी की गई है। जबलपुर शहर के लिए कुल 200 ई-बसें स्वीकृत की गई हैं और रियायत समझौता पर 12.02.2026 को हस्ताक्षर किया गया है।
अभी तक कोई बस सेवा चालू नहीं हुई है। स्वीकृत और जारी की गई धनराशि का विवरण अनुलग्नक-III में दिया गया है।
यह जानकारी केंद्रीय भारी उद्योग राज्य मंत्री श्री भूपति राजू श्रीनिवास वर्मा ने लोकसभा में लिखित उत्तर में दी।
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पीके/केसी/एके/एसएस
(रिलीज़ आईडी: 2237751)
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