कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय
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अनुसूचित जातियों, अन्य पिछड़ा वर्गों एवं दिव्यांगजनों का कौशल विकास


प्रविष्टि तिथि: 11 MAR 2026 4:13PM by PIB Delhi

प्रधानमंत्री दक्षता और कुशलता संपन्न हितग्राही (पीएम-दक्ष) योजना एक केंद्र सरकार की योजना है जिसका उद्देश्य अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, गैर-अधिसूचित जनजाति, सफाई कर्मचारी एवं कचरा बीनने वालों को सूचीबद्ध प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान करना है। पीएम-दक्ष योजना के अंतर्गत, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम (एनएसएफडीसी) अनुसूचित जाति के लाभार्थियों के लिए प्रशिक्षण लागू करता है, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम (एनबीसीएफडीसी) अन्य पिछड़ा वर्ग/अत्यधिक पिछड़ा वर्ग/डीएनटी लाभार्थियों के लिए प्रशिक्षण लागू करता है जबकि राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम (एनएसकेएफडीसी) कचरा बीनने वालों सहित सफाई कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण लागू करता है। पीएम-दक्ष योजना के अंतर्गत प्रशिक्षित लाभार्थियों की संख्या 1,87,305 है।

पिछले तीन वर्षों में, पीएम-दक्ष योजना के अंतर्गत कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों को लागू करने के लिए एनएसएफडीसी ने 72.29 करोड़ रुपये और एनबीसीएफडीसी ने 64.01 करोड़ रुपये जारी किए हैं।

पीएम-दक्ष योजना के अंतर्गत, राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क (एनएसक्यूएफ) के अनुरूप, रोजगारोन्मुखी कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाते हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा होने पर, प्रशिक्षुओं को वेतनभोगी रोजगार में नियुक्ति के लिए सहायता प्रदान की जाती है और अगर प्रशिक्षु स्वरोजगार का विकल्प चुनते हैं, तो उन्हें अपना उद्यम स्थापित करने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया जाता है।

यह जानकारी केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री जयंत चौधरी ने आज राज्यसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में दी।

पीके/केसी/एके


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