सहकारिता मंत्रालय
छोटे किसानों को सहकारी ऋण की सुविधा उपलब्ध कराना
प्रविष्टि तिथि:
11 MAR 2026 5:50PM by PIB Delhi
सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के बाद से, सहकारी आंदोलन को सशक्त करने और जमीनी स्तर तक इसकी पहुंच को सघन करने के लिए विभिन्न पहलें की गई हैं । मंत्रालय ने सहकारिता आधारित आर्थिक विकास मॉडल को बढ़ावा देने के लिए 140 से अधिक पहलें की हैं, जिसमें छोटे और सीमांत किसानों तथा व्यापारियों का उत्थान शामिल है।
किसानों और छोटे व्यापारियों के लिए ऋण की समयबद्ध और निष्पक्ष उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु, भारतीय रिज़र्व बैंक तथा राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के विनियामक और पर्यवेक्षी तंत्र के माध्यम से सहकारी बैंकों के कामकाज की नियमित रूप से समीक्षा और निगरानी की जाती है । विवेकपूर्ण मानदंडों का अनुपालन, ऋण देने की प्रथाओं में पारदर्शिता और सहकारी बैंकिंग सेवाओं से संबंधित शिकायतों के उचित निपटान को सुनिश्चित करने के लिए आवधिक निरीक्षण, संपरीक्षा और समीक्षाएं की जाती हैं।
ईरोड जिले और गोबीचेट्टीपलयम एवं भवानी क्षेत्रों में प्राथमिक कृषि क्रेडिट समितियों (पैक्स) के माध्यम से छोटे और सीमांत किसानों को वितरित किए गए केसीसी फसल ऋण और कार्यशील पूंजी ऋण का ब्योरा संलग्नक-1 में दिया गया है।
जब कोई किसान प्रासंगिक दस्तावेजों के साथ फसल ऋण के लिए आवेदन करता है, तो सामान्यतः सात दिनों के भीतर ऋण स्वीकृत कर दिया जाता है । नाबार्ड के वित्तीय साक्षरता शिविरों (एफएलसी) और उनके पैक्स के माध्यम से सभी किसानों को फसल ऋण के त्वरित पुनर्भुगतान के लिए ब्याज अनुदान योजना के बारे में जागरूकता भी प्रदान की जाती है । भारत सरकार समय पर पुनर्भुगतान करने वाले किसानों को सीधे 3% का ब्याज अनुदान प्रदान करती है। इस जागरूकता पहल के कारण, ऋण वसूली लगातार लगभग 99% (सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार, तमिलनाडु के अनुसार) बनी हुई है। ब्याज सब्सिडी और ऋण वसूली का डेटा संलग्नक-2 में संलग्न है।
समावेशी सहकारी ऋण के विस्तार, निष्पक्ष वसूली प्रथाओं और डोर-स्टेप सहकारी बैंकिंग सेवाओं को सशक्त करने के लिए उठाए गए कदम निम्नानुसार हैं:
i) समावेशी सहकारी ऋण वितरण
• छोटे/सीमांत किसानों, महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) और ग्रामीण कारीगरों तक ऋण कवरेज का विस्तार किया गया है ।
• किसानों द्वारा निकटतम कॉमन सेवा केंद्रों (सीएससी) के माध्यम से फसल ऋण आवेदन हेतु ई-केसीसी योजना शुरू की गई है, ताकि किसानों को 2 दिनों के भीतर ऋण प्राप्त हो सके।
• बैंकों के वित्तीय साक्षरता शिविरों (एफएलसी) के माध्यम से सहकारी ऋण योजनाओं के बारे में सदस्यों को शिक्षित करने हेतु गाँवों में जागरूकता शिविर आयोजित किए जाते हैं।
ii) निष्पक्ष ऋण वसूली प्रक्रियाएं: भारतीय रिज़र्व बैंक के दिनांक 28.11.2025 के उत्तरदायी व्यावसायिक आचरण संबंधी मास्टर निदेश के अनुसार, सहकारी बैंकों को यह सुनिश्चित करने का अधिदेश दिया गया है कि वे या उनके एजेंट ऋण वसूली में किसी भी प्रकार की धमकी या उत्पीड़न का सहारा न लें, जिसमें सार्वजनिक अपमान, उधारकर्ता की निजता का उल्लंघन, अनुचित संदेश भेजना, धमकी भरे या गुमनाम कॉल करना, लगातार कॉल करना या उधारकर्ताओं से संपर्क करना शामिल है।
इसके अलावा, वसूली संबंधी शिकायतों के निवारण के लिए समिति स्तर पर शिकायत निवारण तंत्र स्थापित किया गया है। सहकारी बैंकों को भारतीय रिज़र्व बैंक की सहकारी ऑम्बुड्समैन योजना में भी शामिल किया गया है ताकि वे जवाबदेह और पारदर्शी सेवाएं प्रदान कर सकें।
iii) डोर-स्टेप सहकारी बैंकिंग सेवाएं
- सदस्यों के निवास पर खाता खोलने, ऋण वितरण और वसूली के लिए हैंडहेल्ड डिवाइस के साथ फील्ड अधिकारियों को तैनात किया गया है।
• दूरदराज के गाँवों में मासिक मोबाइल सहकारी बैंकिंग शिविर आयोजित किए जाते हैं।
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संलग्नक-1
इरोड जिले में प्राथमिक कृषि क्रेडिट समितियों (पैक्स) के माध्यम से छोटे और सीमांत किसानों को वितरित केसीसी फसल ऋण और कार्यशील पूंजी ऋण का ब्योरा-
(रु. करोड़)
|
वर्ष
|
कुल वितरित फसल ऋण
|
जिसमें से लघु/सीमांत (एसएफ/एमएफ) किसानों को जारी किया गया ऋण
|
लघु एवं सीमांत (एसएफ/एमएफ) किसानों को जारी किए गए ऋण का प्रतिशत
|
|
सं.
|
धनराशि
|
सं.
|
धनराशि
|
|
2022-23
|
92968
|
1011.84
|
85632
|
908.57
|
92%
|
|
2023-24
|
103488
|
1189.10
|
96581
|
1094.31
|
93%
|
|
2024-25
|
105798
|
1308.63
|
97784
|
1190.70
|
92%
|
|
2025-26
31.12.2025 तक
|
89198
|
1143.38
|
80879
|
1025.40
|
91%
|
स्रोत : आरसीएस तमिलनाडु
गोबिचेट्टीपलायम और भवानी क्षेत्रों में प्राथमिक कृषि क्रेडिट समितियों (पैक्स) के माध्यम से छोटे और सीमांत किसानों को वितरित केसीसी फसल ऋण और कार्यशील पूंजी ऋण का ब्योरा-
(रु. करोड़)
|
वर्ष
|
कुल वितरित फसल ऋण
|
जिसमें से लघु/सीमांत (एसएफ/एमएफ) किसानों को जारी किया गया ऋण
|
लघु एवं सीमांत (एसएफ/एमएफ) किसानों को जारी किए गए ऋण का प्रतिशत
|
|
सं.
|
धनराशि
|
सं.
|
धनराशि
|
|
2022-23
|
17149
|
177.56
|
16116
|
164.52
|
94%
|
|
2023-24
|
18581
|
204.72
|
17838
|
195.50
|
98%
|
|
2024-25
|
18689
|
223.24
|
17547
|
206.74
|
94%
|
|
2025-26
31.12.2025 तक
|
15108
|
186.24
|
14211
|
174.44
|
94%
|
स्रोत: आरसीएस तमिलनाडु
संलग्नक-2
(रु. करोड़)
|
पीआरआई दावा वर्ष
|
किसानों की संख्या
|
7% ब्याज सब्सिडी राशि
|
ऋण वसूली प्रतिशत
|
|
2022-23
|
99801
|
64.87
|
99.62%
|
|
2023-24
|
118625
|
86.21
|
99.42%
|
|
2024-25
|
131469
|
102.14
|
99.37%
|
स्रोत: आरसीएस तमिलनाडु
यह जानकारी केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
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AK/AP
(रिलीज़ आईडी: 2238405)
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